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Lakhimpur Kheri News: नदियां उफान पर, रहने लायक नहीं पांच ब्लॉकों में हालात
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पलिया से गजरौरा गांव जाने वाले रास्ते पर चल रहा पानी।
महेवागंज/बिजुआ-तिकुनिया। जनपद में शारदा, घाघरा और मोहाना नदियों में उफान से फूलबेहड़, बिजुआ, तिकुनिया, पलिया और धौरहरा में हालात बिगड़ने लगे हैं। फूलबेहड़ ब्लॉक के श्रीनगर गांव के सामने तटबंध पर बने पुल के दोनो छोर के कटान का दायरा और बढ़ गया है। बसहा, बहालीपुरवा, खांभी, मेहंदी, बसहा भूड़, बड़ा गांव, भोलापुरवा, बाबा पुरवा, खगईपुरवा गांव की करीब तीन हजार की आबादी का आवागमन बाधित हो गया है। वहीं बिजुआ के करसौर में 10 और घर कटकर नदी में समा चुके हैं। तिकुनिया में मोहाना नदी में पानी बढ़ने से बाढ़ के हालात हैं। इसी तरह के हालात धौरहरा के गांवों में भी बैं।
केस -1
बसहा के प्रमोद और शिव सागर बुधवार सुबह तीन किलोमीटर का रास्ता तय कर नाव से मिल पुरवा तटबंध पहुंचे। बताया कि बाढ़ का पानी इतना बढ़ गया है कि कच्चे घर डूब गये हैं। अनाज और कपड़े भीग गये। मवेशियों का चारा भूसा भीग गया। जहरीले जीवों का भी खतरा है। नाव न हो तो निकलना मुश्किल है।
केस 2
नाव से बाढ़ का पानी पार कर बच्चे की दवा लेने आये राजेश और जावित्री ने कहा की तीन दिन से खाना नही बना। बनाने के लिए जगह नही है। बाढ़ का पानी कई फिट ऊपर भरा है। बीमार होने पर दवा समय पर नही मिल पा रही है। मिल पुरवा - गूम रास्ते पर बाढ़ का पानी दो से तीन फिट पहुंच गया। तेज धार मे कई रास्ते कट गये। दर्जनों गांव के लोग नाव से निकल रहे हैं।
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खेत निगल आबादी की ओर बढ़ रही नदी
फूलबेहड़ मे निघासन तहसील से जुड़े ग्रंट 12 गांव के खेती को समेट कर नदी आबादी की ओर बढ़ रही है। पिछले एक सप्ताह में सैकड़ो बीघा कृषि भूमि नदी मे समा चुकी है। गाँव से महज तीन सौ मीटर दूर नदी बह रही है। इससे ग्रामीणों की चिंताए बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों को आशंका है कि जल्द कटान रोकने के कोई इंतजाम न हुए तो ये गाँव भी अहिराना की तरह नक्शे से मिट सकता है।
करसौर के चकपुरवा में 10 घर और कटे
बिजुआ। ग्राम पंचायत करसौर के मजरा चक पुरवा में लगातार कटान जारी है। बुधवार शाम से लेकर बृहस्पतिवार 5:00 बजे तक 10 मकान और कटकर शारदा नदी में समा चुके हैं।
परेशान लोग अपना समान ट्रैक्टर ट्रालियों में लादकर भाग रहे हैं। चारों तरफ से रास्ते बंद हैं। गांव से सामान नावों पर लादकर दूसरे गांव तक लाते हैं, उसके बाद ट्रैक्टर ट्रालियों से अन्य गांव में पहुंचाया जा रहा है। बुधवार को बाढ़ खंड की टीम गई हुई थी, लेकिन वहां पर कोई बाढ़ राहत सामग्री ना पहुंच पाने से बचाव कार्य नहीं हो सका। हर घंटे एक दो घंटे में मकान धडा़म धड़ाम की आवाज करते हुए शारदा नदी में समा रहे हैं। लोगों ने अपने बच्चों महिलाओं बुजुर्गों व पशुओं को दूसरे गांवों में भेज दिया है। इतना भयंकर कटान होने के बावजूद अभी तक कोई भी सक्षम अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है। लेखपाल अविनाश मिश्रा व ग्राम पंचायत विकास अधिकारी मोहित मिश्रा मौके पर जाकर देख रहे हैं। बताया कि कटान की सूचना लगातार तहसील प्रशासन को दी जा रही है। कोई अफसर नहीं पहुंचा है। ग्रामीणों का कहना है कि बृहस्पतिवार को खाने तक की कोई व्यवस्था नहीं हो सकी है। खाने के लाले हो गए हैं। चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। उधर रूरा सुल्तानपुर में भी शारदा नदी कृषि योग्य भूमिका कटान कर रही है।
मोहाना नदी में उफान, चौगुर्जी गांव में घुसा पानी
तिकुनिया। सीमाक्षेत्र की मुहाना नदी में अचानक बढ़े जलस्तर से दर्जनभर गांवों में दुश्वारियां बढ़ गईं हैं। बनबीरपुर, रननगर मार्ग, बनबीरपुर खखरौला मार्ग, मुजहा इंद्र नगर मार्ग, बरसोला कला टांडा मार्ग पर पानी भरने से ग्रामीणों का आवागमन बंद हो गया है। ग्राम पंचायत सूरत नगर के प्रधान प्रतिनिधि विजय कुमार ने बताया कि इंद्र नगर के दो लोगों को नाव दी गई हैं। इस बीच बॉर्डर के कुछ लोग अपनी ट्रैक्टर ट्रालियों व तांगे से नेपाली स्थानीय नागरिकों को किराया लेकर तिकुनिया ला रहे हैं। तहसीलदार भीम चंद्र ने बताया कि लेखपाल की ड्यूटी मौके पर गांव में लगाई गई है। बाढ़ पीड़ितों को भोजन पैकेट तथा अन्य सामग्री उपलब्ध कराए जाने को लेकर तैयारी चल रही है। पानी कम होने पर तत्काल व्यवस्था कराई जाएगी।
उफनाई घाघरा नदी की चपेट में धौरहरा के दस गांव
धौरहरा। नेपाली क्षेत्र के पहाड़ों पर हो रही मूसलाधार बारिश के चलते नदियां उफान पर है। इसका असर धौरहरा क्षेत्र पर भी पड़ रहा है। तहसील क्षेत्र के करीब 10 गांव बाढ़ की चपेट में है। बाढ़ ग्रस्त गांवों में क्षेत्रीय लेखपाल व तहसील प्रशासन अलर्ट मोड पर है। रामलोक के मजरा स्वर्गलोक, कैरातीपुरवा ग्राम पंचायत में उसका असर दिखाई देने लगा है। जहां कैरातीपुरवा समेत उसके मजरा पौंडपुरवा,टिनहापुरवा,मँझरी व लोधपुरवा गांव में पानी पहुचने से लोगों में अफ़रातफ़री का माहौल बनने लगा है। कई लोगों के घर में पानी पहुंच गया है। तहसीलदार आदित्य विशाल का कहना है कि सभी लेखपालों को आकस्मिक सेवा देने के लिए अलर्ट रहने को निर्देशित किया गया है।
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केस -1
बसहा के प्रमोद और शिव सागर बुधवार सुबह तीन किलोमीटर का रास्ता तय कर नाव से मिल पुरवा तटबंध पहुंचे। बताया कि बाढ़ का पानी इतना बढ़ गया है कि कच्चे घर डूब गये हैं। अनाज और कपड़े भीग गये। मवेशियों का चारा भूसा भीग गया। जहरीले जीवों का भी खतरा है। नाव न हो तो निकलना मुश्किल है।
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केस 2
नाव से बाढ़ का पानी पार कर बच्चे की दवा लेने आये राजेश और जावित्री ने कहा की तीन दिन से खाना नही बना। बनाने के लिए जगह नही है। बाढ़ का पानी कई फिट ऊपर भरा है। बीमार होने पर दवा समय पर नही मिल पा रही है। मिल पुरवा - गूम रास्ते पर बाढ़ का पानी दो से तीन फिट पहुंच गया। तेज धार मे कई रास्ते कट गये। दर्जनों गांव के लोग नाव से निकल रहे हैं।
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खेत निगल आबादी की ओर बढ़ रही नदी
फूलबेहड़ मे निघासन तहसील से जुड़े ग्रंट 12 गांव के खेती को समेट कर नदी आबादी की ओर बढ़ रही है। पिछले एक सप्ताह में सैकड़ो बीघा कृषि भूमि नदी मे समा चुकी है। गाँव से महज तीन सौ मीटर दूर नदी बह रही है। इससे ग्रामीणों की चिंताए बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों को आशंका है कि जल्द कटान रोकने के कोई इंतजाम न हुए तो ये गाँव भी अहिराना की तरह नक्शे से मिट सकता है।
करसौर के चकपुरवा में 10 घर और कटे
बिजुआ। ग्राम पंचायत करसौर के मजरा चक पुरवा में लगातार कटान जारी है। बुधवार शाम से लेकर बृहस्पतिवार 5:00 बजे तक 10 मकान और कटकर शारदा नदी में समा चुके हैं।
परेशान लोग अपना समान ट्रैक्टर ट्रालियों में लादकर भाग रहे हैं। चारों तरफ से रास्ते बंद हैं। गांव से सामान नावों पर लादकर दूसरे गांव तक लाते हैं, उसके बाद ट्रैक्टर ट्रालियों से अन्य गांव में पहुंचाया जा रहा है। बुधवार को बाढ़ खंड की टीम गई हुई थी, लेकिन वहां पर कोई बाढ़ राहत सामग्री ना पहुंच पाने से बचाव कार्य नहीं हो सका। हर घंटे एक दो घंटे में मकान धडा़म धड़ाम की आवाज करते हुए शारदा नदी में समा रहे हैं। लोगों ने अपने बच्चों महिलाओं बुजुर्गों व पशुओं को दूसरे गांवों में भेज दिया है। इतना भयंकर कटान होने के बावजूद अभी तक कोई भी सक्षम अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है। लेखपाल अविनाश मिश्रा व ग्राम पंचायत विकास अधिकारी मोहित मिश्रा मौके पर जाकर देख रहे हैं। बताया कि कटान की सूचना लगातार तहसील प्रशासन को दी जा रही है। कोई अफसर नहीं पहुंचा है। ग्रामीणों का कहना है कि बृहस्पतिवार को खाने तक की कोई व्यवस्था नहीं हो सकी है। खाने के लाले हो गए हैं। चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। उधर रूरा सुल्तानपुर में भी शारदा नदी कृषि योग्य भूमिका कटान कर रही है।
मोहाना नदी में उफान, चौगुर्जी गांव में घुसा पानी
तिकुनिया। सीमाक्षेत्र की मुहाना नदी में अचानक बढ़े जलस्तर से दर्जनभर गांवों में दुश्वारियां बढ़ गईं हैं। बनबीरपुर, रननगर मार्ग, बनबीरपुर खखरौला मार्ग, मुजहा इंद्र नगर मार्ग, बरसोला कला टांडा मार्ग पर पानी भरने से ग्रामीणों का आवागमन बंद हो गया है। ग्राम पंचायत सूरत नगर के प्रधान प्रतिनिधि विजय कुमार ने बताया कि इंद्र नगर के दो लोगों को नाव दी गई हैं। इस बीच बॉर्डर के कुछ लोग अपनी ट्रैक्टर ट्रालियों व तांगे से नेपाली स्थानीय नागरिकों को किराया लेकर तिकुनिया ला रहे हैं। तहसीलदार भीम चंद्र ने बताया कि लेखपाल की ड्यूटी मौके पर गांव में लगाई गई है। बाढ़ पीड़ितों को भोजन पैकेट तथा अन्य सामग्री उपलब्ध कराए जाने को लेकर तैयारी चल रही है। पानी कम होने पर तत्काल व्यवस्था कराई जाएगी।
उफनाई घाघरा नदी की चपेट में धौरहरा के दस गांव
धौरहरा। नेपाली क्षेत्र के पहाड़ों पर हो रही मूसलाधार बारिश के चलते नदियां उफान पर है। इसका असर धौरहरा क्षेत्र पर भी पड़ रहा है। तहसील क्षेत्र के करीब 10 गांव बाढ़ की चपेट में है। बाढ़ ग्रस्त गांवों में क्षेत्रीय लेखपाल व तहसील प्रशासन अलर्ट मोड पर है। रामलोक के मजरा स्वर्गलोक, कैरातीपुरवा ग्राम पंचायत में उसका असर दिखाई देने लगा है। जहां कैरातीपुरवा समेत उसके मजरा पौंडपुरवा,टिनहापुरवा,मँझरी व लोधपुरवा गांव में पानी पहुचने से लोगों में अफ़रातफ़री का माहौल बनने लगा है। कई लोगों के घर में पानी पहुंच गया है। तहसीलदार आदित्य विशाल का कहना है कि सभी लेखपालों को आकस्मिक सेवा देने के लिए अलर्ट रहने को निर्देशित किया गया है।

पलिया से गजरौरा गांव जाने वाले रास्ते पर चल रहा पानी।

पलिया से गजरौरा गांव जाने वाले रास्ते पर चल रहा पानी।

पलिया से गजरौरा गांव जाने वाले रास्ते पर चल रहा पानी।

पलिया से गजरौरा गांव जाने वाले रास्ते पर चल रहा पानी।

पलिया से गजरौरा गांव जाने वाले रास्ते पर चल रहा पानी।

पलिया से गजरौरा गांव जाने वाले रास्ते पर चल रहा पानी।

पलिया से गजरौरा गांव जाने वाले रास्ते पर चल रहा पानी।

पलिया से गजरौरा गांव जाने वाले रास्ते पर चल रहा पानी।

पलिया से गजरौरा गांव जाने वाले रास्ते पर चल रहा पानी।