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72 ग्राम पंचायतों को बजट की धनराशि देने पर लगी रोक
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Wed, 15 Mar 2017 11:52 PM IST
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भारत सरकार की वेबसाइट पर ब्यौरा अपलोड न करने पर हुई कार्रवाई
बेलगाम सेक्रेटरियों को तीन दिन बाद एफआईआर की चेतावनी
आठ ब्लाकों की 72 ग्राम पंचायतों पर कार्रवाई करते हुए डीपीआरओ सुनील कुमार पांडेय ने चतुर्थ राज्य वित्त आयोग की अंतिम किस्त के हस्तांतरण पर रोक लगा दी है। इनके ग्राम निधि खातों पर पहले ही रोक लगाई जा चुकी थी। डीपीआरओ ने संबंधित ग्राम पंचायतों के सेक्रेटरियों को प्रत्येक लेन-देन के बिल-बाउचर तीन दिन में अपलोड कर ईयर बुक बंद कराने के आदेश दिए हैं। इसके बाद ईयर बुक बंद न कराने वाली ग्रामों के सेक्रेटरियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
बता दें कि वित्त वर्ष 2015-16 में राज्य वित्त आयोग, तेरहवां वित्त और चौदहवां वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि को सभी 1167 ग्राम पंचायतों ने विभिन्न कार्य मदों में खर्च कर डाला है, लेकिन उसके बिल-बाउचर का ब्यौरा भारत सरकार की वेबसाइट (प्रिया साफ्ट) पर अपलोड कराने में 72 ग्राम पंचायतें पिछड़ गई हैं। इनमें ब्लाक बिजुआ और ईसानगर की नौ-नौ, धौरहरा और लखीमपुर की चार-चार, कुंभी की दो, मोहम्मदी की 13, पलिया की 29 और पसगवां की दो ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए डीपीआरओ ने एक सप्ताह पूर्व ही ग्राम निधि के खाते पर रोक लगा दी थी। अब राज्य वित्त आयोग से मिली अंतिम किस्त धनराशि के हस्तांतरण पर रोक लगा दी है। वहीं ब्योरा अपलोड कराने में की जा रही हीला-हवाली से इन ग्राम पंचायतों में घोटाले की आशंका भी गहरा गई है। सबसे ज्यादा पलिया ब्लाक की 29 ग्राम पंचायतें ब्योरा अपलोड नहीं करा रही है, जहां के दो सेक्रेटरियों के खिलाफ हाल में ही गबन के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। अब तीन दिन में 72 ग्राम पंचायतों ने ब्यौरा अपलोड न कराया तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है।
संबंधित ब्लाकों के एडीओ (पंचायत) को आदेश का अनुपालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। तीन दिन में ब्यौरा वेबसाइट पर अपलोड न कराने वाली ग्राम पंचायतों के सेक्रेटरियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। अनुपालन में कोताही बरतने वाले एडीओ के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
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- सुनील कुमार पांडेय, जिला पंचायत राज अधिकारी
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बेलगाम सेक्रेटरियों को तीन दिन बाद एफआईआर की चेतावनी
आठ ब्लाकों की 72 ग्राम पंचायतों पर कार्रवाई करते हुए डीपीआरओ सुनील कुमार पांडेय ने चतुर्थ राज्य वित्त आयोग की अंतिम किस्त के हस्तांतरण पर रोक लगा दी है। इनके ग्राम निधि खातों पर पहले ही रोक लगाई जा चुकी थी। डीपीआरओ ने संबंधित ग्राम पंचायतों के सेक्रेटरियों को प्रत्येक लेन-देन के बिल-बाउचर तीन दिन में अपलोड कर ईयर बुक बंद कराने के आदेश दिए हैं। इसके बाद ईयर बुक बंद न कराने वाली ग्रामों के सेक्रेटरियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
बता दें कि वित्त वर्ष 2015-16 में राज्य वित्त आयोग, तेरहवां वित्त और चौदहवां वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि को सभी 1167 ग्राम पंचायतों ने विभिन्न कार्य मदों में खर्च कर डाला है, लेकिन उसके बिल-बाउचर का ब्यौरा भारत सरकार की वेबसाइट (प्रिया साफ्ट) पर अपलोड कराने में 72 ग्राम पंचायतें पिछड़ गई हैं। इनमें ब्लाक बिजुआ और ईसानगर की नौ-नौ, धौरहरा और लखीमपुर की चार-चार, कुंभी की दो, मोहम्मदी की 13, पलिया की 29 और पसगवां की दो ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए डीपीआरओ ने एक सप्ताह पूर्व ही ग्राम निधि के खाते पर रोक लगा दी थी। अब राज्य वित्त आयोग से मिली अंतिम किस्त धनराशि के हस्तांतरण पर रोक लगा दी है। वहीं ब्योरा अपलोड कराने में की जा रही हीला-हवाली से इन ग्राम पंचायतों में घोटाले की आशंका भी गहरा गई है। सबसे ज्यादा पलिया ब्लाक की 29 ग्राम पंचायतें ब्योरा अपलोड नहीं करा रही है, जहां के दो सेक्रेटरियों के खिलाफ हाल में ही गबन के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। अब तीन दिन में 72 ग्राम पंचायतों ने ब्यौरा अपलोड न कराया तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है।
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संबंधित ब्लाकों के एडीओ (पंचायत) को आदेश का अनुपालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। तीन दिन में ब्यौरा वेबसाइट पर अपलोड न कराने वाली ग्राम पंचायतों के सेक्रेटरियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। अनुपालन में कोताही बरतने वाले एडीओ के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
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- सुनील कुमार पांडेय, जिला पंचायत राज अधिकारी