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पद मुक्त करो या फिर नौकरी से हटा दो
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भाजपा नेता की गाली-गलौज से आहत हैं डॉक्टर, पद पर नहीं बने रहना चाहते
लखीमपुर खीरी। भाजपा के युवा नेता की अभद्रता से आहत डिप्टी डीआईओ डॉ. उज्ज्वल कांत यादव अब काम करने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं है। उनका कहना है कि अधिकारी या तो उन्हें पद से मुक्त कर दें या फिर नौकरी से हटा दें। हालांकि अभी तक सीएमओ ने उनका त्यागपत्र स्वीकार न कर पद से रिलीव भी नहीं किया। उधर, स्वास्थ्य विभाग ने गेंद डीएम के पाले में डाल दी है।
संकटा देवी मोहल्ले के टीकाकरण बूथ पर सोमवार को भाजपा के युवा नेता अमीय त्रिपाठी ने पहले एएनएम से अभद्रता की थी। उसके बाद एएनएम के ही फोन से डिप्टी डीआईओ डॉ. उज्ज्वल कांत यादव से गाली-गलौज कर ऑफिस में आकर देख लेने और नौकरी ले लेने तक की धमकी दे डाली। इस घटना से आहत डॉक्टर ने कोतवाली में तहरीर भी दी, मगर मुकदमा अभी तक नहीं दर्ज किया गया है। इस घटना से आहत डॉ. उज्ज्वल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और वह अब इस पद पर बने रहना नहीं चाहते। उनका कहना है कि उन्हें पद से रिलीव कर दिया जाए यदि इस प्रकरण में गलती है, तो उन्हें नौकरी से हटा दिया जाए। उन्हें कोई एतराज नहीं होगा। उधर, स्वास्थ्य अधिकारी इस मामले को लेकर पशोपेश में हैं। अधिकारियों की कमी के कारण उनका इस्तीफा मंजूर करने की स्थिति में नहीं हैं। डॉ उज्ज्वल कांत यादव का कहना है कि उन्होंने अपना इस्तीफा डाक में रिसीव करा दिया था और जब तक रिलीव नहीं कर दिया जाता, तब तक ऑफिस में आकर उपस्थिति दर्ज कराते रहेंगे।
पीएम मोदी की मुहिम पर भाजपाइयों का अड़ंगा
कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए मोदी सरकार ने टीकाकरण अभियान शुरू किया। तीसरी लहर आने से पहले अधिक से अधिक लोगों का टीकाकरण हो जाए। इसके लिए क्लस्टर अभियान शुरू हुआ। इसी के तहत संकटा देवी मोहल्ले के आंगनबाड़ी केंद्र को बूथ बनाया गया। जहां सोमवार को भाजपा युवा नेता ने टीकाकरण कर रही एएनएम से अभद्रता कर अभियान में खलल डाल दिया, जिससे बूथ ही बंद हो गया है। अब उस बूथ पर कोई भी एएनएम टीकाकरण करने के लिए जाने को तैयार नहीं है। प्रधानमंत्री के टीकाकरण अभियान को झटका लगा है।
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लखीमपुर खीरी। भाजपा के युवा नेता की अभद्रता से आहत डिप्टी डीआईओ डॉ. उज्ज्वल कांत यादव अब काम करने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं है। उनका कहना है कि अधिकारी या तो उन्हें पद से मुक्त कर दें या फिर नौकरी से हटा दें। हालांकि अभी तक सीएमओ ने उनका त्यागपत्र स्वीकार न कर पद से रिलीव भी नहीं किया। उधर, स्वास्थ्य विभाग ने गेंद डीएम के पाले में डाल दी है।
संकटा देवी मोहल्ले के टीकाकरण बूथ पर सोमवार को भाजपा के युवा नेता अमीय त्रिपाठी ने पहले एएनएम से अभद्रता की थी। उसके बाद एएनएम के ही फोन से डिप्टी डीआईओ डॉ. उज्ज्वल कांत यादव से गाली-गलौज कर ऑफिस में आकर देख लेने और नौकरी ले लेने तक की धमकी दे डाली। इस घटना से आहत डॉक्टर ने कोतवाली में तहरीर भी दी, मगर मुकदमा अभी तक नहीं दर्ज किया गया है। इस घटना से आहत डॉ. उज्ज्वल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और वह अब इस पद पर बने रहना नहीं चाहते। उनका कहना है कि उन्हें पद से रिलीव कर दिया जाए यदि इस प्रकरण में गलती है, तो उन्हें नौकरी से हटा दिया जाए। उन्हें कोई एतराज नहीं होगा। उधर, स्वास्थ्य अधिकारी इस मामले को लेकर पशोपेश में हैं। अधिकारियों की कमी के कारण उनका इस्तीफा मंजूर करने की स्थिति में नहीं हैं। डॉ उज्ज्वल कांत यादव का कहना है कि उन्होंने अपना इस्तीफा डाक में रिसीव करा दिया था और जब तक रिलीव नहीं कर दिया जाता, तब तक ऑफिस में आकर उपस्थिति दर्ज कराते रहेंगे।
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पीएम मोदी की मुहिम पर भाजपाइयों का अड़ंगा
कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए मोदी सरकार ने टीकाकरण अभियान शुरू किया। तीसरी लहर आने से पहले अधिक से अधिक लोगों का टीकाकरण हो जाए। इसके लिए क्लस्टर अभियान शुरू हुआ। इसी के तहत संकटा देवी मोहल्ले के आंगनबाड़ी केंद्र को बूथ बनाया गया। जहां सोमवार को भाजपा युवा नेता ने टीकाकरण कर रही एएनएम से अभद्रता कर अभियान में खलल डाल दिया, जिससे बूथ ही बंद हो गया है। अब उस बूथ पर कोई भी एएनएम टीकाकरण करने के लिए जाने को तैयार नहीं है। प्रधानमंत्री के टीकाकरण अभियान को झटका लगा है।
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