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घर के बाहर शव रखकर मुआवजे और कार्रवाई की मांग पर अड़े परिजन
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मुर्तिहा गांव में मृतक के परिजन को कार्रवाई का आश्वासन देते अधिकारी।
अधिकारियों के समझाने पर किया मृतक धर्मेंद्र का अंतिम संस्कार
जिला कारागार में निरुद्ध बंदी मुर्तिहा गांव के धर्मेंद्र की मौत का मामला
गोला गोकर्णनाथ। जिला कारागार में निरुद्ध बंदी धर्मेंद्र कुमार की मौत के बाद परिजन ने गोला पुलिस पर संगीन आरोप लगाए थे। पोस्टमॉर्टम के बाद जब रविवार को शव मुर्तिहा गांव पहुंचा तो परिजन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग को लेकर अड़ गए। शव को घर के बाहर रखते हुए अंतिम संस्कार करने से मनाकर दिया। परिजन बाद में अधिकारियों के समझाने पर किसी तरह माने और परिजन ने मृतक धर्मेंद्र का अंतिम संस्कार किया।
कोतवाली गोला के गांव मुर्तिहा निवासी 29 वर्षीय धर्मेंद्र कुमार को गोला पुलिस ने गो हत्या एवं पशु क्रूरता के मामले में 31 मई को चालान भेजा था, जिसकी शुक्रवार रात जिला कारागार में मौत हो गई थी। मृतक की पत्नी रेखा एवं परिजन ने पोस्टमार्टम हाउस के बाहर हंगामा कर गोला पुलिस पर रिश्वत न दे पाने पर धर्मेंद्र की बेरहमी से पिटाई का आरोप लगाया था। शनिवार की देर रात धर्मेंद्र के शव को उसके परिजन लेकर पैतृक गांव मूर्तिहा आए। जहां मृतक की पत्नी और परिजन ने गोला कोतवाली के दोषी पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने, मृतक के परिवार की जीविका के लिए 50 लाख रुपये मुआवजा, बच्चों की पढ़ाई और पत्नी को चतुर्थ श्रेणी नौकरी दिलाने की मांग करते हुए शव रखकर प्रदर्शन किया। परिजन अपनी मांग पर अड़ गए कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती वह शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
उधर, गांव मुर्तिहा में तनाव की स्थिति को भांपते हुए अधिकारियों ने पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर दिया। सदर तहसीलदार सुशील प्रताप सिंह, सीओ राजेश कुमार गांव पहुंचे और मृतक के परिजन व पत्नी रेखा को हर संभव कार्रवाई का आश्वासन देते हुए समझाने की कोशिश की। सुबह से लेकर शाम तक घंटों अधिकारी मृतक की पत्नी, परिजन व अन्य लोगों से बात करते रहे। अधिकारियों द्वारा पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच कराने, नियमानुसार मृतक परिवार को मुआवजा दिलाने, बच्चों की पढ़ाई, पत्नी को रसोइया के पद पर नियुक्ति देने के आश्वासन पर परिजन माने, जिसके बाद देर शाम मृतक धर्मेंद्र कुमार के शव का अंतिम संस्कार किया गया।
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सीओ राजेश कुमार ने बताया कि पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच कराई जाएगी, मृतक परिवार को नियमानुसार मुआवजा और पद खाली होते ही मृतक की पत्नी को रसोईया के पद पर नियुक्ति कराई जाएगी। इसके बाद परिजन ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया है।
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जिला कारागार में निरुद्ध बंदी मुर्तिहा गांव के धर्मेंद्र की मौत का मामला
गोला गोकर्णनाथ। जिला कारागार में निरुद्ध बंदी धर्मेंद्र कुमार की मौत के बाद परिजन ने गोला पुलिस पर संगीन आरोप लगाए थे। पोस्टमॉर्टम के बाद जब रविवार को शव मुर्तिहा गांव पहुंचा तो परिजन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग को लेकर अड़ गए। शव को घर के बाहर रखते हुए अंतिम संस्कार करने से मनाकर दिया। परिजन बाद में अधिकारियों के समझाने पर किसी तरह माने और परिजन ने मृतक धर्मेंद्र का अंतिम संस्कार किया।
कोतवाली गोला के गांव मुर्तिहा निवासी 29 वर्षीय धर्मेंद्र कुमार को गोला पुलिस ने गो हत्या एवं पशु क्रूरता के मामले में 31 मई को चालान भेजा था, जिसकी शुक्रवार रात जिला कारागार में मौत हो गई थी। मृतक की पत्नी रेखा एवं परिजन ने पोस्टमार्टम हाउस के बाहर हंगामा कर गोला पुलिस पर रिश्वत न दे पाने पर धर्मेंद्र की बेरहमी से पिटाई का आरोप लगाया था। शनिवार की देर रात धर्मेंद्र के शव को उसके परिजन लेकर पैतृक गांव मूर्तिहा आए। जहां मृतक की पत्नी और परिजन ने गोला कोतवाली के दोषी पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने, मृतक के परिवार की जीविका के लिए 50 लाख रुपये मुआवजा, बच्चों की पढ़ाई और पत्नी को चतुर्थ श्रेणी नौकरी दिलाने की मांग करते हुए शव रखकर प्रदर्शन किया। परिजन अपनी मांग पर अड़ गए कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती वह शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
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उधर, गांव मुर्तिहा में तनाव की स्थिति को भांपते हुए अधिकारियों ने पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर दिया। सदर तहसीलदार सुशील प्रताप सिंह, सीओ राजेश कुमार गांव पहुंचे और मृतक के परिजन व पत्नी रेखा को हर संभव कार्रवाई का आश्वासन देते हुए समझाने की कोशिश की। सुबह से लेकर शाम तक घंटों अधिकारी मृतक की पत्नी, परिजन व अन्य लोगों से बात करते रहे। अधिकारियों द्वारा पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच कराने, नियमानुसार मृतक परिवार को मुआवजा दिलाने, बच्चों की पढ़ाई, पत्नी को रसोइया के पद पर नियुक्ति देने के आश्वासन पर परिजन माने, जिसके बाद देर शाम मृतक धर्मेंद्र कुमार के शव का अंतिम संस्कार किया गया।
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सीओ राजेश कुमार ने बताया कि पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच कराई जाएगी, मृतक परिवार को नियमानुसार मुआवजा और पद खाली होते ही मृतक की पत्नी को रसोईया के पद पर नियुक्ति कराई जाएगी। इसके बाद परिजन ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया है।