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Lakhimpur Kheri News: शुक्लाफांटा निकुंज में बारहसिंगा की गिनती शुरू
Tue, 21 Apr 2026 11:19 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 21 Apr 2026 11:19 PM IST
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नेपाल के कंचनपुर जिले में शुक्लाफांटा पार्क में विचरण करता बारहसिंगा झुंड। स्रोत: वन विभाग
धनगढ़ी। नेपाल के कंचनपुर जिले में भारतीय सीमा से सटे शुक्लाफांटा राष्ट्रीय निकुंज में बारहसिंगा की वार्षिक गणना शुरू हो गई है। पिछले 13 वर्षों से चली आ रही इस प्रक्रिया में इस बार भी निकुंज प्रशासन, नेपाली सेना और राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण कोष के विशेषज्ञों सहित 35 सदस्यीय संयुक्त टीम जुटी है।
निकुंज के सूचना अधिकारी पुरुषोत्तम बागले ने बताया कि इस वर्ष गणना ‘हेड काउंट’ विधि से की जा रही है। सटीकता के लिए बाइनोक्यूलर, हाईटेक कैमरा, टेलीस्कोप और ड्रोन से निगरानी की जा रही है, जबकि दुर्गम इलाकों में टीम तीन हाथियों की मदद से पहुंच रही है।
गणना कार्य को दो पालियों में बांटा गया है। प्रतिदिन सुबह छह से नौ बजे और शाम चार से सात बजे तक यह कार्य 25 अप्रैल तक चलेगा। इसके लिए फायर लाइन में दो वाहनों और विभिन्न मचानों पर तीन-तीन सदस्यों की टीमें तैनात की गई हैं।
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टीम बारहसिंगा की संख्या के साथ उनके प्राकृतिक आवास, घास के मैदानों की स्थिति और आहार से जुड़ी जानकारी भी जुटा रही है। करीब 34 वर्ग किलोमीटर में फैला शुक्लाफांटा का घास का मैदान नेपाल का सबसे बड़ा माना जाता है, जहां एक साथ 1500 तक बारहसिंगा देखे जाने का रिकॉर्ड है। पिछले वर्ष यहां 2,313 बारहसिंगा दर्ज किए गए थे और इस बार संख्या में वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।
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निकुंज के सूचना अधिकारी पुरुषोत्तम बागले ने बताया कि इस वर्ष गणना ‘हेड काउंट’ विधि से की जा रही है। सटीकता के लिए बाइनोक्यूलर, हाईटेक कैमरा, टेलीस्कोप और ड्रोन से निगरानी की जा रही है, जबकि दुर्गम इलाकों में टीम तीन हाथियों की मदद से पहुंच रही है।
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गणना कार्य को दो पालियों में बांटा गया है। प्रतिदिन सुबह छह से नौ बजे और शाम चार से सात बजे तक यह कार्य 25 अप्रैल तक चलेगा। इसके लिए फायर लाइन में दो वाहनों और विभिन्न मचानों पर तीन-तीन सदस्यों की टीमें तैनात की गई हैं।
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टीम बारहसिंगा की संख्या के साथ उनके प्राकृतिक आवास, घास के मैदानों की स्थिति और आहार से जुड़ी जानकारी भी जुटा रही है। करीब 34 वर्ग किलोमीटर में फैला शुक्लाफांटा का घास का मैदान नेपाल का सबसे बड़ा माना जाता है, जहां एक साथ 1500 तक बारहसिंगा देखे जाने का रिकॉर्ड है। पिछले वर्ष यहां 2,313 बारहसिंगा दर्ज किए गए थे और इस बार संख्या में वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।