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Lakhimpur Kheri News: रवि हत्याकांड का 20 दिन बाद हुआ खुलासा
Wed, 24 Jun 2026 11:35 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 24 Jun 2026 11:35 PM IST
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रमियाबेहड़। कोतवाली निघासन क्षेत्र के गांव तारानगर में आठ वर्षीय रवि की गला रेतकर हत्या के मामले का पुलिस ने 20 दिन बाद खुलासा कर दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी रामचंद्र को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद किया है।
एएसपी पूर्वी पवन गौतम ने बताया कि पांच जून को तारानगर निवासी ज्ञानदेवी पत्नी रामप्रसाद घायल अवस्था में कोतवाली पहुंची थीं। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके पुत्र रवि की गला रेतकर हत्या कर दी गई तथा उन पर भी चाकू से जानलेवा हमला कर गला काटने का प्रयास किया गया।
मामले में पुलिस ने रवि के दो चचेरे चाचा सियाराम और हरेराम के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान घटनास्थल, मेडिकल रिपोर्ट, पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड तथा अन्य तकनीकी एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया।
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विवेचना में गांव के ही रामचंद्र निवासी तारानगर की भूमिका संदिग्ध मिलने पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपी की निशानदेही पर खून से सना चाकू बरामद किया गया। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
सीओ निघासन शिवम कुमार ने बताया कि रामचंद्र बंगलूरू में मजदूरी करता था। उसकी ज्ञानदेवी से फोन पर बात होती थी, जो बाद में बंद हो गई। इसी से वह नाराज था। वह एक जून को बंगलूरू से यहां आया और घटना को अंजाम दिया। घटना में नामजद किए गए दोनों आरोपियों की संलिप्तता नहीं मिली है।
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एएसपी पूर्वी पवन गौतम ने बताया कि पांच जून को तारानगर निवासी ज्ञानदेवी पत्नी रामप्रसाद घायल अवस्था में कोतवाली पहुंची थीं। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके पुत्र रवि की गला रेतकर हत्या कर दी गई तथा उन पर भी चाकू से जानलेवा हमला कर गला काटने का प्रयास किया गया।
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मामले में पुलिस ने रवि के दो चचेरे चाचा सियाराम और हरेराम के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान घटनास्थल, मेडिकल रिपोर्ट, पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड तथा अन्य तकनीकी एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया।
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विवेचना में गांव के ही रामचंद्र निवासी तारानगर की भूमिका संदिग्ध मिलने पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपी की निशानदेही पर खून से सना चाकू बरामद किया गया। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
सीओ निघासन शिवम कुमार ने बताया कि रामचंद्र बंगलूरू में मजदूरी करता था। उसकी ज्ञानदेवी से फोन पर बात होती थी, जो बाद में बंद हो गई। इसी से वह नाराज था। वह एक जून को बंगलूरू से यहां आया और घटना को अंजाम दिया। घटना में नामजद किए गए दोनों आरोपियों की संलिप्तता नहीं मिली है।