{"_id":"5766af8c4f1c1bdd5a11b973","slug":"ramwatika-case-bjp-anand-will-meet-cm","type":"story","status":"publish","title_hn":"रामवाटिका प्रकरण: सीएम से मिलेंगे भाजपा के आनंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रामवाटिका प्रकरण: सीएम से मिलेंगे भाजपा के आनंद
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Sun, 19 Jun 2016 11:23 PM IST
विज्ञापन
कब्जे का विरोध
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रेस वार्ता में पूर्व मंत्री पर लगाया कब्जे का आरोप
पार्टी नेताओं ने नहीं सुनीं तो भेज दिया इस्तीफा
धौरहरा के ऐतिहासिक स्थल रामवाटिका पर कब्जे का विरोध कर रहे भाजपा नेता आनंद मोहन त्रिवेदी सोमवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलेंगे। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर आनंद मोहन को अनुमति मिल गई है। इसकी पुष्टि करते हुए भाजपा नेता ने कहा है कि पार्टी के ही पूर्व मंत्री के रवैय्ये से क्षुब्ध हैं और वह पूरा मामला सीएम के सामने रखेंगे। मालूम हो कि इससे पहले रविवार की दोपहर भाजपा नेता ने प्रेस वार्ता कर रामवाटिका पर कब्जे को लेकर पूर्व मंत्री रामकुमार वर्मा पर आरोपों की झड़ी लगाई थी और कहा था पार्टी में उनकी नहीं सुनीं जा रही, इसलिए उन्होंने अपना इस्तीफा जिलाध्यक्ष और राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेज दिया है। उधर पूर्व मंत्री ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा है आनंद मोहन का रामवाटिका से कोई नाता ही नहीं है। पूर्व मंत्री ने भी आनंद मोहन पर पलटवार किया है।
भाजपा नेता आनंद मोहन त्रिवेदी ने रविवार को स्वामी श्याम प्रकाश इंटर कॉलेज में प्रेसवार्ता करके धौरहरा में 85 बीघा की राम वाटिका पर कब्जा हो रहा है। उन्होंने इसके पीछे पूर्व मंत्री को शामिल बताया है। साथ ही कहा कि 12 साल पहले भी प्रयास किया था। अब उन्होंने (आनंद) इसका विरोध किया तो पूर्व मंत्री ने सेलफोन पर अभद्रता की और देख लेने की धमकी भी दी है, जिसकी जानकारी पार्टी में उन्होंने दी और कार्रवाई की मांग की। साथ ही 17 जून को एसपी से मिलकर भी शिकायत की थी। बकौली आनंद मोहन, इसके बाद भी पार्टी नेताओं ने पूर्व मंत्री पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे आहत होकर उन्होंने जिलाध्यक्ष शरद बाजपेई और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को भी अपना इस्तीफा भेज दिया है।
सभी आरोप बेबुनियाद, मठिया तोड़वा दी आनंद ने
पूर्व मंत्री रामकुमार वर्मा का कहना है कि वह रामवाटिका को वर्षों से बचाते चले आ रहे हैं, जबकि तमाम लोग उस पर कब्जा करना चाहते हैं। अब आनंद मोहन ने उसके सौंदर्यीकरण की बात कही तो मैने खुद उन्हें मंदिर के लिए प्रोत्साहित किया था, लेकिन उन्होंने प्राचीन मठिया को ही गिरवा दिया, जिससे लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। अब वह राजनीतिक कारणों से आरोप लगा रहे हैं, जो बेबुनियाद हैं।
विज्ञापन
नहीं मिला इस्तीफा, मेरी बराबर हो रही बात
भाजपा जिलाध्यक्ष शरद बाजपेई का कहना है कि आनंद मोहन त्रिवेदी का इस्तीफा नहीं मिला है और रविवार की देर शाम तक उनसे बराबर बात होती रही। आनंद मोहन ने मुझसे सीएम से मिलने की बाबत परामर्श लिया था तो हमने असहमति जताई है।
विज्ञापन
पार्टी नेताओं ने नहीं सुनीं तो भेज दिया इस्तीफा
धौरहरा के ऐतिहासिक स्थल रामवाटिका पर कब्जे का विरोध कर रहे भाजपा नेता आनंद मोहन त्रिवेदी सोमवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलेंगे। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर आनंद मोहन को अनुमति मिल गई है। इसकी पुष्टि करते हुए भाजपा नेता ने कहा है कि पार्टी के ही पूर्व मंत्री के रवैय्ये से क्षुब्ध हैं और वह पूरा मामला सीएम के सामने रखेंगे। मालूम हो कि इससे पहले रविवार की दोपहर भाजपा नेता ने प्रेस वार्ता कर रामवाटिका पर कब्जे को लेकर पूर्व मंत्री रामकुमार वर्मा पर आरोपों की झड़ी लगाई थी और कहा था पार्टी में उनकी नहीं सुनीं जा रही, इसलिए उन्होंने अपना इस्तीफा जिलाध्यक्ष और राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेज दिया है। उधर पूर्व मंत्री ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा है आनंद मोहन का रामवाटिका से कोई नाता ही नहीं है। पूर्व मंत्री ने भी आनंद मोहन पर पलटवार किया है।
भाजपा नेता आनंद मोहन त्रिवेदी ने रविवार को स्वामी श्याम प्रकाश इंटर कॉलेज में प्रेसवार्ता करके धौरहरा में 85 बीघा की राम वाटिका पर कब्जा हो रहा है। उन्होंने इसके पीछे पूर्व मंत्री को शामिल बताया है। साथ ही कहा कि 12 साल पहले भी प्रयास किया था। अब उन्होंने (आनंद) इसका विरोध किया तो पूर्व मंत्री ने सेलफोन पर अभद्रता की और देख लेने की धमकी भी दी है, जिसकी जानकारी पार्टी में उन्होंने दी और कार्रवाई की मांग की। साथ ही 17 जून को एसपी से मिलकर भी शिकायत की थी। बकौली आनंद मोहन, इसके बाद भी पार्टी नेताओं ने पूर्व मंत्री पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे आहत होकर उन्होंने जिलाध्यक्ष शरद बाजपेई और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को भी अपना इस्तीफा भेज दिया है।
विज्ञापन
सभी आरोप बेबुनियाद, मठिया तोड़वा दी आनंद ने
पूर्व मंत्री रामकुमार वर्मा का कहना है कि वह रामवाटिका को वर्षों से बचाते चले आ रहे हैं, जबकि तमाम लोग उस पर कब्जा करना चाहते हैं। अब आनंद मोहन ने उसके सौंदर्यीकरण की बात कही तो मैने खुद उन्हें मंदिर के लिए प्रोत्साहित किया था, लेकिन उन्होंने प्राचीन मठिया को ही गिरवा दिया, जिससे लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। अब वह राजनीतिक कारणों से आरोप लगा रहे हैं, जो बेबुनियाद हैं।
विज्ञापन
नहीं मिला इस्तीफा, मेरी बराबर हो रही बात
भाजपा जिलाध्यक्ष शरद बाजपेई का कहना है कि आनंद मोहन त्रिवेदी का इस्तीफा नहीं मिला है और रविवार की देर शाम तक उनसे बराबर बात होती रही। आनंद मोहन ने मुझसे सीएम से मिलने की बाबत परामर्श लिया था तो हमने असहमति जताई है।