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रक्षाबंधन: सज गया बाजार...खरीदारी करें मगर बरतें सावधानी
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रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
लखीमपुर खीरी। रक्षाबंधन सोमवार को है। बहनों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं, क्योंकि पर्व से पहले लॉकडाउन के कारण दो दिन शनिवार और रविवार को बाजार बंद रहेगा। यही कारण है कि इन दिनों बाजार में राखी खरीदने के लिए बाजार में भीड़ है।
मंगलवार को बाजार में राखी की दुकानों पर महिलाओं और युवतियों की काफी भीड़ रही। बहनों ने छोटे भाइयों के लिए कार्टून वाली राखी ली तो बडे़ भाइयों के लिए मोती, चंदन और स्टोन वाली।
सूती राखियों की मांग बढ़ी
रक्षाबंधन पर सूती राखी (साधारण धागे वाली राखी) विशेष तौर पर बांधी जाती है। इसलिए बाजार में सूती राखी की मांग बढ़ गई है। राखी विक्रेता राजू ने बताया कि सूती राखी का विशेष महत्व होता है इसलिए इन राखियों की सबसे ज्यादा मांग है। बहनें पहले सूती राखी ही बांधती हैं उसके बाद अन्य सजावटी राखियां।
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स्वदेशी राखियों से बाजार गुलजार
पहली बार बाजार स्वदेशी राखियों से गुलजार है। कोरोनाकाल और चीन सीमा पर तनातनी को लेकर व्यापारियों ने चीनी राखियों का बहिष्कार कर रखा है। जबकि पिछले सालों में चीनी राखियों से बाजार पटा रहता था।
राखी खरीदें, लेकिन सावधानी पूर्वक
कोरोनाकाल में राखी खरीदते समय बेहद सावधान रहें, क्योंकि बाजार में दिन पर दिन भीड़ बढ़ रही है। दिन भर में सैकड़ों लोग दुकानों पर राखियां छूते हैं। हो सकता है कि किसी संक्रमित या उसके संपर्क में आने वालों ने राखी को छुआ हो। इसलिए राखियां खरीदते समय सावधानी और सतर्क रहें।
खरीदारी के बाद राखी और हाथ सैनिटाइज करें
एसीएमओ डॉ. रवींद्र शर्मा बताते है कोरोना काल में बाजार जाने से बचें। हालांकि त्योहार भी जरूरी है। इसलिए राखियां उस दुकान से लें, जिसके पास सैनिटाइजर हो और दुकानदार स्वयं मास्क लगाए हो। राखियां जिसमें पैक कराएं उस पैकेट को और अपने हाथों को सैनिटाइज अवश्य कर लें। इसके बाद ही पर्स या थैले में उसे रखें।
मिठाई व्यापारी परेशान
रक्षाबंधन पर सबसे ज्यादा मिठाई की बिक्री होती है, क्योंकि भाइयों को राखी बांधकर मुंह मीठा कराने की परंपरा है। मगर, त्योहार के दो दिन पहले बाजार की बंदी से मिठाई व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दुकानदारों बताते हैं कि शनिवार और रविवार को ही बिक्री होनी है, क्योंकि दो तीन दिन पहले से मिठाई खरीदकर कोई नहीं रखता है। मगर, जब इन दो दिन बाजार बंद रहेगा तो बिक्री काहे की।
मिठाई व्यापारी त्योहार से पहले लॉकडाउन के दिनों में दुकान खोलने की परमीशन के लिए डीएम को ज्ञापन दे चुके हैं। बताते हैं इस पर डीएम ने मदद का आश्वासन दिया है। लॉकडाउन में दो दिन ही बचे हैं। मगर, अब तक जिला प्रशासन का रुख साफ न होने से व्यापारी असमंजस में हैं। दुकानदार बताते हैं कि यदि अधिकारी स्थिति स्पष्ट कर दें तो हम लोग उसी हिसाब से मिठाई बनवाएं।
त्योहार से पहले दो दिन के लॉकडाउन से कारोबार प्रभावित रहेगा। हालांकि डीएम साहब से शनिवार और रविवार को दुकानें खोलने की अनुमति मांगी गई है। यदि मिल गई तो त्योहार अच्छा हो जाएगा।
-मुदित गुप्ता, मिठाई विक्रेता
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मंगलवार को बाजार में राखी की दुकानों पर महिलाओं और युवतियों की काफी भीड़ रही। बहनों ने छोटे भाइयों के लिए कार्टून वाली राखी ली तो बडे़ भाइयों के लिए मोती, चंदन और स्टोन वाली।
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सूती राखियों की मांग बढ़ी
रक्षाबंधन पर सूती राखी (साधारण धागे वाली राखी) विशेष तौर पर बांधी जाती है। इसलिए बाजार में सूती राखी की मांग बढ़ गई है। राखी विक्रेता राजू ने बताया कि सूती राखी का विशेष महत्व होता है इसलिए इन राखियों की सबसे ज्यादा मांग है। बहनें पहले सूती राखी ही बांधती हैं उसके बाद अन्य सजावटी राखियां।
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स्वदेशी राखियों से बाजार गुलजार
पहली बार बाजार स्वदेशी राखियों से गुलजार है। कोरोनाकाल और चीन सीमा पर तनातनी को लेकर व्यापारियों ने चीनी राखियों का बहिष्कार कर रखा है। जबकि पिछले सालों में चीनी राखियों से बाजार पटा रहता था।
राखी खरीदें, लेकिन सावधानी पूर्वक
कोरोनाकाल में राखी खरीदते समय बेहद सावधान रहें, क्योंकि बाजार में दिन पर दिन भीड़ बढ़ रही है। दिन भर में सैकड़ों लोग दुकानों पर राखियां छूते हैं। हो सकता है कि किसी संक्रमित या उसके संपर्क में आने वालों ने राखी को छुआ हो। इसलिए राखियां खरीदते समय सावधानी और सतर्क रहें।
खरीदारी के बाद राखी और हाथ सैनिटाइज करें
एसीएमओ डॉ. रवींद्र शर्मा बताते है कोरोना काल में बाजार जाने से बचें। हालांकि त्योहार भी जरूरी है। इसलिए राखियां उस दुकान से लें, जिसके पास सैनिटाइजर हो और दुकानदार स्वयं मास्क लगाए हो। राखियां जिसमें पैक कराएं उस पैकेट को और अपने हाथों को सैनिटाइज अवश्य कर लें। इसके बाद ही पर्स या थैले में उसे रखें।
मिठाई व्यापारी परेशान
रक्षाबंधन पर सबसे ज्यादा मिठाई की बिक्री होती है, क्योंकि भाइयों को राखी बांधकर मुंह मीठा कराने की परंपरा है। मगर, त्योहार के दो दिन पहले बाजार की बंदी से मिठाई व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दुकानदारों बताते हैं कि शनिवार और रविवार को ही बिक्री होनी है, क्योंकि दो तीन दिन पहले से मिठाई खरीदकर कोई नहीं रखता है। मगर, जब इन दो दिन बाजार बंद रहेगा तो बिक्री काहे की।
मिठाई व्यापारी त्योहार से पहले लॉकडाउन के दिनों में दुकान खोलने की परमीशन के लिए डीएम को ज्ञापन दे चुके हैं। बताते हैं इस पर डीएम ने मदद का आश्वासन दिया है। लॉकडाउन में दो दिन ही बचे हैं। मगर, अब तक जिला प्रशासन का रुख साफ न होने से व्यापारी असमंजस में हैं। दुकानदार बताते हैं कि यदि अधिकारी स्थिति स्पष्ट कर दें तो हम लोग उसी हिसाब से मिठाई बनवाएं।
त्योहार से पहले दो दिन के लॉकडाउन से कारोबार प्रभावित रहेगा। हालांकि डीएम साहब से शनिवार और रविवार को दुकानें खोलने की अनुमति मांगी गई है। यदि मिल गई तो त्योहार अच्छा हो जाएगा।
-मुदित गुप्ता, मिठाई विक्रेता