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Lakhimpur Kheri News: बारिश ने गड्ढों-खाइयों को बनाया मौत का कुआं
Sun, 11 Oct 2026 11:20 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 11 Oct 2026 11:20 PM IST
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सिंगावर गांव में सड़क किनारे इसी गड्डे गिरने में गिरने से बच्ची की मौत हुई। संवाद
लखीमपुर खीरी। बारिश के बाद सड़क किनारे खोदे गए गड्ढे और खाइयां मौत के कुएं बन गए हैं। पानी भरने से इनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल है।
जिले में कई जगह ऐसे गड्ढों में डूबने से बच्चों समेत कई लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए। रविवार को जिलेभर में की गई पड़ताल में सड़क किनारे और खनन स्थलों पर पानी से भरे गहरे गड्ढे मिले।
पीडब्ल्यूडी, नगर पंचायत, मंडी समितियों, जिला पंचायत, बीडीसी आदि के माध्यम से सड़क निर्माण, डामरीकरण और इंटरलॉकिंग के काम कराए जाते हैं। इन कार्यों के दौरान सड़क किनारे मिट्टी निकालने के लिए खोदे गए गड्ढों को बाद में भरा नहीं जाता। धौरहरा के सिगावर गांव में जिस गड्ढे में डूबने से शनिवार को बच्ची की मौत हुई, वह चार साल से मौजूद है।
विधानमंडल क्षेत्र पंचायत विकास निधि से वर्ष 2023-24 में भरोसे के घर से सिगावर गांव तक इंटरलॉकिंग सड़क बनाई गई थी। इसके लिए खोदे गए गड्ढे को भरा नहीं गया। इस मामले में विधायक विनोद शंकर अवस्थी ने लापरवाही की जांच कराकर कार्रवाई कराने की बात कही है।
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मोहम्मदी क्षेत्र में दुवाहा के पास पुवायां हाईवे से राजापुर होते हुए मियांपुर कॉलोनी जाने वाले संपर्क मार्ग के किनारे भी कई गड्ढे हैं। इसी 15 सितंबर को असौवा गांव में छोहा नाले में डूबने से नौ वर्षीय किशोर की मौत हो गई थी। वह खेल रहा था।
निघासन-पलिया रोड पर दुबहा क्रशर के पास सड़क किनारे गड्ढे में एक सप्ताह पहले पिकअप गिर गई थी। इससे बड़ा हादसा बच गया था। लोक निर्माण विभाग ने सड़क और पुलिया के चौड़ीकरण के लिए गड्ढा खोदकर छोड़ दिया था।
बिजुआ क्षेत्र में भीरा-पलिया के बीच रपटा पर हर साल पानी बहने से सड़क के पूरब तरफ बड़ा कुंड बन जाता है। पिछले साल इसमें ट्रैक्टर-ट्रॉली गिर गई थी और बाइक सवार बह गया था। इसके बावजूद सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए। इस मार्ग पर प्राथमिक विद्यालय, इंग्लिश मीडियम स्कूल, डिग्री कॉलेज और प्रसिद्ध साईं बाबा मंदिर भी हैं।
मझगईं के केन गोवर्स विद्यालय के पास हाईवे किनारे गहरा गड्ढा है। इससे स्कूली बच्चों और राहगीरों को खतरा बना रहता है। पलिया के मकनपुर के चंबर बोझ में घरों के आसपास बड़े-बड़े गड्ढों में दो से तीन फीट पानी भरा रहता है। बरवर क्षेत्र के झिंगुरी पुरवा में रामसनेही के मकान के सामने मार्ग पर एक माह से जलभराव है। लोगों को घर से बाहर निकलने के लिए पानी से होकर गुजरना पड़ता है।
खनन के गड्ढों से भी खतरा
मैगलगंज। सहोरा गांव के पास बरगदिया में सफेद बालू के अवैध खनन के दौरान 12 वर्षीय रोशनी की डूबने से मौत हो चुकी है। इसके बावजूद गहरे गड्ढे खुले पड़े हैं। गांव में हरिओम के खेत में खनन से करीब 20 फुट गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिनमें पानी भरा है। घटनास्थल के आसपास दो-तीन मीटर के दायरे में कई गड्ढे हैं। यहां न बैरिकेडिंग है और न चेतावनी बोर्ड। बच्ची की मौत के बाद भी सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए। संवाद
दो माह में गोला क्षेत्र में तीन की गई जान
गोला गोकर्णनाथ। हफीजपुर निवासी दिलीप कश्यप के छह वर्षीय बेटे गोलू की 12 सितंबर को गांव के पास गड्ढे में डूबने से मौत हो गई थी। जडौरा गांव के वासुदेव (62) की तालाब में डूबने से जान जा चुकी है। वहीं, पांच अक्तूबर को पिपरिया डीह निवासी धीरेंद्र सिंह (32) की सिकंदराबाद मार्ग के किनारे खाई में भरे पानी में डूबने से मौत हो गई थी। दो माह में तीन लोगों की मौत के बाद भी क्षेत्र में सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए। संवाद
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गड्ढों और जलभराव के मामलों को तत्काल दिखवाया जाएगा। जिस अधिकारी की लापरवाही सामने आएगी, उसकी जवाबदेही तय की जाएगी। साथ ही गड्ढों को भरवाने और सुरक्षा के इंतजाम भी कराए जाएंगे, ताकि इस तरह की घटनाएं न हों।
-बृजेश कुमार त्रिपाठी, एडीएम प्रशासन
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जिले में कई जगह ऐसे गड्ढों में डूबने से बच्चों समेत कई लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए। रविवार को जिलेभर में की गई पड़ताल में सड़क किनारे और खनन स्थलों पर पानी से भरे गहरे गड्ढे मिले।
पीडब्ल्यूडी, नगर पंचायत, मंडी समितियों, जिला पंचायत, बीडीसी आदि के माध्यम से सड़क निर्माण, डामरीकरण और इंटरलॉकिंग के काम कराए जाते हैं। इन कार्यों के दौरान सड़क किनारे मिट्टी निकालने के लिए खोदे गए गड्ढों को बाद में भरा नहीं जाता। धौरहरा के सिगावर गांव में जिस गड्ढे में डूबने से शनिवार को बच्ची की मौत हुई, वह चार साल से मौजूद है।
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विधानमंडल क्षेत्र पंचायत विकास निधि से वर्ष 2023-24 में भरोसे के घर से सिगावर गांव तक इंटरलॉकिंग सड़क बनाई गई थी। इसके लिए खोदे गए गड्ढे को भरा नहीं गया। इस मामले में विधायक विनोद शंकर अवस्थी ने लापरवाही की जांच कराकर कार्रवाई कराने की बात कही है।
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मोहम्मदी क्षेत्र में दुवाहा के पास पुवायां हाईवे से राजापुर होते हुए मियांपुर कॉलोनी जाने वाले संपर्क मार्ग के किनारे भी कई गड्ढे हैं। इसी 15 सितंबर को असौवा गांव में छोहा नाले में डूबने से नौ वर्षीय किशोर की मौत हो गई थी। वह खेल रहा था।
निघासन-पलिया रोड पर दुबहा क्रशर के पास सड़क किनारे गड्ढे में एक सप्ताह पहले पिकअप गिर गई थी। इससे बड़ा हादसा बच गया था। लोक निर्माण विभाग ने सड़क और पुलिया के चौड़ीकरण के लिए गड्ढा खोदकर छोड़ दिया था।
बिजुआ क्षेत्र में भीरा-पलिया के बीच रपटा पर हर साल पानी बहने से सड़क के पूरब तरफ बड़ा कुंड बन जाता है। पिछले साल इसमें ट्रैक्टर-ट्रॉली गिर गई थी और बाइक सवार बह गया था। इसके बावजूद सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए। इस मार्ग पर प्राथमिक विद्यालय, इंग्लिश मीडियम स्कूल, डिग्री कॉलेज और प्रसिद्ध साईं बाबा मंदिर भी हैं।
मझगईं के केन गोवर्स विद्यालय के पास हाईवे किनारे गहरा गड्ढा है। इससे स्कूली बच्चों और राहगीरों को खतरा बना रहता है। पलिया के मकनपुर के चंबर बोझ में घरों के आसपास बड़े-बड़े गड्ढों में दो से तीन फीट पानी भरा रहता है। बरवर क्षेत्र के झिंगुरी पुरवा में रामसनेही के मकान के सामने मार्ग पर एक माह से जलभराव है। लोगों को घर से बाहर निकलने के लिए पानी से होकर गुजरना पड़ता है।
खनन के गड्ढों से भी खतरा
मैगलगंज। सहोरा गांव के पास बरगदिया में सफेद बालू के अवैध खनन के दौरान 12 वर्षीय रोशनी की डूबने से मौत हो चुकी है। इसके बावजूद गहरे गड्ढे खुले पड़े हैं। गांव में हरिओम के खेत में खनन से करीब 20 फुट गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिनमें पानी भरा है। घटनास्थल के आसपास दो-तीन मीटर के दायरे में कई गड्ढे हैं। यहां न बैरिकेडिंग है और न चेतावनी बोर्ड। बच्ची की मौत के बाद भी सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए। संवाद
दो माह में गोला क्षेत्र में तीन की गई जान
गोला गोकर्णनाथ। हफीजपुर निवासी दिलीप कश्यप के छह वर्षीय बेटे गोलू की 12 सितंबर को गांव के पास गड्ढे में डूबने से मौत हो गई थी। जडौरा गांव के वासुदेव (62) की तालाब में डूबने से जान जा चुकी है। वहीं, पांच अक्तूबर को पिपरिया डीह निवासी धीरेंद्र सिंह (32) की सिकंदराबाद मार्ग के किनारे खाई में भरे पानी में डूबने से मौत हो गई थी। दो माह में तीन लोगों की मौत के बाद भी क्षेत्र में सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए। संवाद
गड्ढों और जलभराव के मामलों को तत्काल दिखवाया जाएगा। जिस अधिकारी की लापरवाही सामने आएगी, उसकी जवाबदेही तय की जाएगी। साथ ही गड्ढों को भरवाने और सुरक्षा के इंतजाम भी कराए जाएंगे, ताकि इस तरह की घटनाएं न हों।
-बृजेश कुमार त्रिपाठी, एडीएम प्रशासन

सिंगावर गांव में सड़क किनारे इसी गड्डे गिरने में गिरने से बच्ची की मौत हुई। संवाद

सिंगावर गांव में सड़क किनारे इसी गड्डे गिरने में गिरने से बच्ची की मौत हुई। संवाद

सिंगावर गांव में सड़क किनारे इसी गड्डे गिरने में गिरने से बच्ची की मौत हुई। संवाद