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लखीमपुर मैलानी के बीच 90 की गति से दौड़ेगी ट्रेनें

Wed, 27 Nov 2019 01:49 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 27 Nov 2019 01:49 AM IST
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Railway
स्टेशन पर खड़ी मालगाड़ी। - फोटो : अमर उजाला

रेल संरक्षा आयुक्त की जांच रिपोर्ट में पूरा मिला रेलवे ट्रैक
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110 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड में हुआ था ट्रायल

लखीमपुर खीरी। लखीमपुर मैलानी के बीच ट्रेन चलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे यात्रियों के लिए अच्छी खबर है कि अब जल्द ही इस ट्रैक पर भी ट्रेनें दौड़ने लगेंगी। रेल संरक्षा आयुक्त की निरीक्षण रिपोर्ट में रेलवे ट्रैक व्यवस्थित मिला है। जिस वजह से मेन लाइन पर 90 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से ट्रेन दौड़ाने को हरी झंडी मिल गई है। जबकि लूप लाइन पर 15 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से ही ट्रेनें चल सकेंगी। सीतापुर लखीमपुर के बीच ट्रेन संचालन शुरू होने के बाद सीआरएस मोहम्मद लतीफ खान ने अपनी जांच रिपोर्ट में मैलानी तक ट्रेन दौड़ाने की अनुमति दे दी है।
सीआरएस ने महाप्रबंधक गोरखपुर एवं डीआरएम को ट्रेन संचालन से पहले ट्रैक, सिग्नल, गेट, कॉशन आदि का परीक्षण कराने, कर्मचारियों को रेलवे कार्यप्रणाली से अवगत कराने सहित चालक एवं गार्ड को लर्निंग ट्रायल कराकर गेट, काशन आदि के बारे में अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।
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15 अक्तूबर 2016 से बंद है ट्रेन संचालन
सीतापुर से मैलानी के बीच 107 किलोमीटर मीटर गेज को ब्राडगेज में परिवर्तित करने का काम अक्तूबर 2016 में शुरू हुआ था। इसके लिए 15 अक्तूबर से छोटी लाइन की पटरियां उखाड़ने का काम शुरू हुआ। हालांकि तीन साल बाद 28 अगस्त 2019 से लखनऊ लखीमपुर के बीच ट्रेनें दौड़ने लगीं। मगर, मैलानी तक अब भी ट्रेन का दौड़ना शेष है।
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एक माह बाद आई सीआरएस रिपोर्ट
रेल संरक्षा आयुक्त मोहम्मद लतीफ खान ने लखीमपुर मैलानी के बीच की दूरी अधिक होने के कारण दो चरणों में ट्रैक का निरीक्षण किया। पहली बार 25 अक्तूबर को लखीमपुर से गोला के बीच और फिर 26 अक्तूबर को गोला से मैलानी के बीच। निरीक्षण की रिपोर्ट आने में करीब एक माह का समय लगा।

ऐशबाग से लखीमुपर-132 किलोमीटर
लखीमपुर से मैलानी- 61 किलोमीटर

सीआरएस रिपोर्ट में 90 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति निर्धारित है और रेलवे बोर्ड से अनुमति मिलने के बाद ही ट्रेनें चल सकेंगी।
-आलोक श्रीवास्तव, जनसंपर्क अधिकारी, पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ
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