Lakhimpur Kheri: मनोरोगी बेटे ने की पिता की हत्या, खाना खाते समय धारदार हथियार से काट डाली गर्दन
जिस बेटे का उपचार कराने के लिए पिता दिन-रात मेहनत मजदूरी करता था, उसी बेटे ने जान ले ली। मनोरोगी बेटे ने खाना खाते समय पिता पर धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
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लखीमपुर खीरी के पलियाकलां क्षेत्र में युवक ने खाना खाते समय धारदार हथियार से अपने पिता की हत्या कर दी। चीख पुकार सुन आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो रक्तरंजित शव पड़ा मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने बताया कि युवक मनोरोगी है। उसका इलाज चल रहा है।
अंबेडकरनगर गांव निवासी रामआशीष के दो पुत्र हैं। बड़ा पुत्र सुनील मनोरोगी है। रामआशीष मजदूरी करके अपने घर की जीविका चलाते थे। शुक्रवार को सुबह करीब 10 बजे वह खाना खाने के लिए घर पहुंचे थे। उन्हें खाना देने के बाद पत्नी बाहर चली गई। इसी बीच बड़ा पुत्र सुनील बगौड़ी (धारदार हथियार) लेकर लाया। उसने पिता के गर्दन पर वार कर दिया, जिससे उनकी ही मौत हो गई।
परिजन जब वहां पहुंचे तो चीख पुकार मच गई। मामले की सूचना पुलिस को दी। सीओ आदित्य कुमार गौतम मय फोर्स मौके पर पहुंचे और आसपास के लोगों से पूछताछ की। पुलिस ने आरोपी पुत्र को हिरासत में ले लिया। घटना के बाद मृतक के घर लोगों का तांता लगा रहा। हर कोई इस घटना से हैरान है।
मनोरोगी बेटे का करा रहे थे उपचार
जानकारी के मुताबिक रामआशीष पत्नी प्रभावती देवी, बड़े पुत्र सुनील कुमार (25), छोटे पुत्र राहुल (22) व पुत्री सोनम (18) के साथ रहता था। मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण कर रहा था। मनोरोगी बेटे सुनील का इलाज भी करा रहा था। प्रभावती ने बताया कि सरकारी और निजी अस्पताल में बेटे का इलाज कराया, लेकिन कोई फायदा नहीं हो रहा था।
सुनील मनोरोगी होने के कारण जंगल की ओर चला जाता था। अपने आप लौट आता था। शुक्रवार को भी वह जंगल से आकर सो गया था, जिसके बाद रामआशीष खाना खाने आए और पता नहीं कब वह जाग गया और घटना को अंजाम दे दिया।