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पदोन्नति व्यवस्था पर उठाए सवाल
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Wed, 18 May 2016 10:21 PM IST
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पदोन्नति
- फोटो : अमर उजाला
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बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों का डीएम को प्रार्थनापत्र
बेसिक शिक्षा विभाग के कुछ शिक्षकों ने डीएम को प्रार्थनापत्र देकर पदोन्नति व्यवस्था पर सवाल उठाया है और नियम विरुद्ध संशोधन आदेश जारी करने का आरोप लगाया है। शिक्षकों ने डीएम से नियम विरुद्ध किए जा रहे संशोधन आदेश को तत्काल रद् करने की मांग की है।
शिक्षकों ने डीएम को प्रार्थनापत्र देकर बताया है कि जुलाई 2015 में पदोन्नति समिति द्वारा निर्णय लिया गया कि पदोन्नति आदेश निर्गत किए जाने के 15 दिन तक कार्यभार ग्रहण न करने वाले शिक्षकों के सापेक्ष रिक्त पदों पर वरिष्ठता सूची को आगे बढ़ाते हुए पदोन्नति कर दी जाएगी लेकिन विभाग द्वारा जुलाई 2015 में किए गए पदोन्नति आदेशों में जिन शिक्षकों ने कार्यभार नहीं ग्रहण किया इससे वे लोग फारगो श्रेणी में आ गए। उन्हीं शिक्षकों का 31 मार्च को सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों के सापेक्ष रिक्त पदों पर संशोधन आदेश किया जा रहा है जो कि नगरीय क्षेत्र के निकटतम विद्यालय हैं। इन निकटतम विद्यालयों में नौ माह और चार माह बाद संशोधित पदोन्नति आदेशों का औचित्य क्या है जबकि नियमानुसार फारगो किए गए शिक्षकों की तीन वर्ष तक पदोन्नति नहीं की जा सकती। शिक्षकों ने मांग की है कि संशोधन आदेशों को तत्काल रोकते हुए वरिष्ठता सूची को वरिष्ठता क्रम में आगे बढ़ाते हुए पदोन्नति का लाभ दिलाया जाए। इस संबंध में बीएसए डॉ.ओपीराय ने बताया है कि कोई संशोधन हुआ ही नहीं है कुछ शिक्षक अपना संशोधन कराने के लिए दबाव बना रहे हैं लेकिन नियम विरुद्ध कोई संशोधन नहीं किया जाएगा। डीएम को प्रार्थनापत्र देने वालों में रविंद्र सिंह यादव, मनोज वर्मा, अशीष कुमार, संजय, विनय सहित कई शिक्षक शामिल थे।
बेसिक शिक्षा विभाग के कुछ शिक्षकों ने डीएम को प्रार्थनापत्र देकर पदोन्नति व्यवस्था पर सवाल उठाया है और नियम विरुद्ध संशोधन आदेश जारी करने का आरोप लगाया है। शिक्षकों ने डीएम से नियम विरुद्ध किए जा रहे संशोधन आदेश को तत्काल रद् करने की मांग की है।
शिक्षकों ने डीएम को प्रार्थनापत्र देकर बताया है कि जुलाई 2015 में पदोन्नति समिति द्वारा निर्णय लिया गया कि पदोन्नति आदेश निर्गत किए जाने के 15 दिन तक कार्यभार ग्रहण न करने वाले शिक्षकों के सापेक्ष रिक्त पदों पर वरिष्ठता सूची को आगे बढ़ाते हुए पदोन्नति कर दी जाएगी लेकिन विभाग द्वारा जुलाई 2015 में किए गए पदोन्नति आदेशों में जिन शिक्षकों ने कार्यभार नहीं ग्रहण किया इससे वे लोग फारगो श्रेणी में आ गए। उन्हीं शिक्षकों का 31 मार्च को सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों के सापेक्ष रिक्त पदों पर संशोधन आदेश किया जा रहा है जो कि नगरीय क्षेत्र के निकटतम विद्यालय हैं। इन निकटतम विद्यालयों में नौ माह और चार माह बाद संशोधित पदोन्नति आदेशों का औचित्य क्या है जबकि नियमानुसार फारगो किए गए शिक्षकों की तीन वर्ष तक पदोन्नति नहीं की जा सकती। शिक्षकों ने मांग की है कि संशोधन आदेशों को तत्काल रोकते हुए वरिष्ठता सूची को वरिष्ठता क्रम में आगे बढ़ाते हुए पदोन्नति का लाभ दिलाया जाए। इस संबंध में बीएसए डॉ.ओपीराय ने बताया है कि कोई संशोधन हुआ ही नहीं है कुछ शिक्षक अपना संशोधन कराने के लिए दबाव बना रहे हैं लेकिन नियम विरुद्ध कोई संशोधन नहीं किया जाएगा। डीएम को प्रार्थनापत्र देने वालों में रविंद्र सिंह यादव, मनोज वर्मा, अशीष कुमार, संजय, विनय सहित कई शिक्षक शामिल थे।
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