Lakhimpur Kheri: इस बार बटाईदार भी सरकारी केंद्रों पर बेच सकेंगे गेहूं, एक मार्च से शुरू हो रही खरीद
इस बार गेहूं का सरकारी खरीद रेट 2275 रु. प्रति क्विंटल है, जो कि पिछले साल से 150 रुपया ज्यादा है। जिला प्रशासन ने किसानों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 6396239116 भी जारी किया है।
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लखीमपुर खीरी जिले में एक मार्च से गेहूं की सरकारी खरीद की शुरू हो जाएगी। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने कुल 156 क्रय केंद्र बनाए हैं। पहली बार बटाईदार भी सरकारी विक्रय के लिए पंजीकरण करा सकेंगे। सरकारी खरीद रेट 2275 रु. प्रति क्विंटल होगा, जो कि पिछले साल से 150 रुपया ज्यादा है। जिला प्रशासन ने किसानों की मदद के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है।
डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि जनपद में एमएसपी के तहत एक मार्च से खरीद की शुरुआत हो जाएगी। बताया कि रबी विपणन वर्ष 2024-25 में 100 क्विंटल तक गेहूं बेचने के लिए सत्यापन की आवश्यकता नहीं होगी। बटाईदारों के माध्यम से भी गेहूं खरीद की जाएगी। डीएम ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि एमएसपी पर गेहूं खरीद की योजना का लाभ उठाने के लिए किसान 48 घंटे के भीतर पंजीकरण करवाकर आधार से जुड़े बैंक खातों में भुगतान प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि छनाई व उतराई के लिए लेबर चार्ज 20 रुपये प्रति क्विंटल की दर से उनके बैंक खाते में भेजा जाएगा। यदि पंजीकरण में समस्या आती है तो किसान कंट्रोल रूम नंबर 6396239116 या संबंधित तहसील के क्षेत्रीय विपणन अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।
इस बार 13 केंद्र बढ़े
डीएम ने बताया कि जनपद में कुल 156 गेहूं क्रय केंद्र खोले गए हैं। पिछली बार से इस बार 13 केंद्र बढ़ाए गए हैं। लखीमपुर सदर में 41, गोला में 35, पलिया में 13, मोहम्मदी में 22, मितौली में 14, निघासन में 12, धौरहरा में 19 क्रय केंद्र स्थापित किए गए है।
गेहूं विक्रय के लिए किसानों का पंजीकरण होना जरूरी
डिप्टी आरएमओ संतोष कुमार पटेल ने खरीद प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि गेहूं बेचने के लिए किसानों को खाद्य विभाग के पोर्टल fcs.up.gov.in अथवा विभाग के मोबाइल एप up kisan mitra पर पंजीयन कराना अनिवार्य है। सभी मंडी समितियों में भी निशुल्क पंजीयन की व्यवस्था है। पूर्व में पंजीकरण करा चुके किसानों को गेहूं विक्रय के लिए दोबारा पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं है। एक जनवरी से किसानों का पंजीकरण चालू है। उक्त पंजीकरण को संशोधित कर दोबारा लॉक कराना होगा।