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Lakhimpur Kheri News: राजस्व को चपत लगा रहे कॉमर्शियल उपयोग में लगे निजी वाहन
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लखीमपुर खीरी। निजी वाहनों का कामर्शियल उपयोग कर राजस्व को चपत लगा रहे वाहनों पर परिवहन विभाग की नजर टेढ़ी हो गई है। परिवहन आयुक्त ने इन वाहनों पर मोटर अधिनियम के तहत प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया है।
निजी वाहनों के व्यावसायिक उपयोग पर प्रतिबंध है लेकिन यह नियम-निर्देश कागजों पर हैं। हकीकत यह है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली से लेकर एसी गाड़ियां भी कॉमर्शियल में फर्राटा भर रही हैं। शहर से लेकर कस्बों तक में संचालित ट्रांसपोर्ट पर निजी वाहनों से बुकिंग की जाती है। वाहन स्वामी को इसकी कोई रसीद भी नहीं दे जाती है।
ऐसे में सरकार को करीब 18 प्रतिशत जीएसटी का नुकसान हो रहा है। एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार ने बताया कि निजी वाहनों के कॉमर्शियल उपयोग पर रोक है। प्रवर्तन कार्रवाई के निर्देश जारी हुए हैं। इन वाहनों पर कार्रवाई भी की जा रही है। जिले में 26 हजार से अधिक वाहन कामर्शियल में पंजीकृत हैं।
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निरीक्षण करें, अर्धसरकारी संस्थानों की निगरानी करें
परिवहन आयुक्त की ओर से जारी पत्र में कहा गया कि निजी वाहनों के कॉमर्शियल उपयोग को कड़ाई से प्रतिबंधित किया जाए। निजी उपयोग में पंजीकृत वाहनों का निरीक्षण कर लें। बैंकों, अर्धसरकारी संस्थानों, सड़क निर्माण एजेंसियों में लगे वाहनों की विशेष निगरानी की जाए। कहा कि इस प्रकार के संस्थानों में अमूमन किराए पर वाहनों का संचालन किया जाता है। अगर निजी में पंजीकृत किसी वाहन का व्यावसायिक उपयोग हो रहा हो तो उस पर मोटरयान अधिनियम में प्रवर्तन की प्रभावी कार्रवाई करें।
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निजी वाहनों के व्यावसायिक उपयोग पर प्रतिबंध है लेकिन यह नियम-निर्देश कागजों पर हैं। हकीकत यह है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली से लेकर एसी गाड़ियां भी कॉमर्शियल में फर्राटा भर रही हैं। शहर से लेकर कस्बों तक में संचालित ट्रांसपोर्ट पर निजी वाहनों से बुकिंग की जाती है। वाहन स्वामी को इसकी कोई रसीद भी नहीं दे जाती है।
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ऐसे में सरकार को करीब 18 प्रतिशत जीएसटी का नुकसान हो रहा है। एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार ने बताया कि निजी वाहनों के कॉमर्शियल उपयोग पर रोक है। प्रवर्तन कार्रवाई के निर्देश जारी हुए हैं। इन वाहनों पर कार्रवाई भी की जा रही है। जिले में 26 हजार से अधिक वाहन कामर्शियल में पंजीकृत हैं।
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निरीक्षण करें, अर्धसरकारी संस्थानों की निगरानी करें
परिवहन आयुक्त की ओर से जारी पत्र में कहा गया कि निजी वाहनों के कॉमर्शियल उपयोग को कड़ाई से प्रतिबंधित किया जाए। निजी उपयोग में पंजीकृत वाहनों का निरीक्षण कर लें। बैंकों, अर्धसरकारी संस्थानों, सड़क निर्माण एजेंसियों में लगे वाहनों की विशेष निगरानी की जाए। कहा कि इस प्रकार के संस्थानों में अमूमन किराए पर वाहनों का संचालन किया जाता है। अगर निजी में पंजीकृत किसी वाहन का व्यावसायिक उपयोग हो रहा हो तो उस पर मोटरयान अधिनियम में प्रवर्तन की प्रभावी कार्रवाई करें।