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Lakhimpur Kheri News: निजी अस्पताल के मालिक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
Mon, 31 Aug 2026 11:10 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 31 Aug 2026 11:10 PM IST
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रविवार की रात अस्पताल में लगी भीड़। संवाद
गोला गोकर्णनाथ। खुटार रोड स्थित शौर्य हॉस्पिटल के मालिक अजीत सिंह दिवाकर का शव संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी कार की ड्राइवर सीट पर मिला। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। देर शाम आई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सिर में चोट और पसली टूटने से मौत होने की बात सामने आई है।
रविवार देर रात हैदराबाद थाना क्षेत्र के इमलिया गांव के मार्ग पर उनकी कार गन्ने के खेत में उतरी मिली। कार के अंदर डॉ. अजीत सिंह दिवाकर ड्राइवर सीट पर थे।
अजीत सिंह नीमगांव थाना क्षेत्र के मढ़ेरा गांव के मूल निवासी थे। वह गोला में अस्पताल के सामने वाली गली में मोहल्ला मथुरा नगर में रहते थे। मृतक के भाई उत्तम कुमार और अस्पताल में उनके रिश्तेदार जतिन दिवाकर ने बताया कि रविवार रात करीब आठ बजे अजीत के पास किसी का फोन आया था। इसके बाद वह बिना किसी को बताए कार से अस्पताल से निकल गए।
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करीब एक घंटे बाद जतिन के पास किसी परिचित का फोन आया कि अजीत की कार इमलिया गांव से पहले रास्ते के किनारे खेत में उतरी हुई है। मौके पर पहुंचने पर वह ड्राइवर सीट पर अचेत पड़े मिले। सिर के पीछे चोट थी और नाक से खून रिस रहा था। परिजन उन्हें गोला सीएचसी ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी पर मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।
पालिकाध्यक्ष विजय शुक्ला रिंकू ने अस्पताल पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया। परिजनों के मुताबिक, अजीत सोने की चेन और अंगूठियां पहनते थे। उनके पास करीब 70-80 हजार रुपये नकद भी थे, जो गायब हैं। परिजनों ने लूट और हत्या की आशंका जताई है। पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव मढ़ेरा, थाना नीमगांव में किया जाएगा।
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पत्नी और एक साल की बच्ची को छोड़ गए अजीत
अजीत मथुरा नगर स्थित आवास पर पत्नी रीना और एक साल की पुत्री अंशी के साथ रहते थे। वह चार भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके भाई डॉ. संदीप सिकंदराबाद में अपना क्लीनिक चलाते हैं। अन्य भाई उत्तम कुमार और देवेंद्र कुमार हैं।
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कार में सर्जरी के उपकरण और कटर मिलने का दावा
रिश्तेदार जतिन दिवाकर और उत्तम कुमार ने वीडियो दिखाते हुए बताया कि कार में ड्राइवर सीट के नीचे सर्जरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, ब्लड और ग्लव्स आदि खुले पड़े थे। पिछली सीट के बीच एक थैला रखा था, जिसमें चादर थी। पास में तार काटने वाला कटर और पेचकस भी पड़ा था। ड्राइवर साइड की खिड़की खुली थी। मृतक की सोने की चेन, सोने की दो अंगूठियां और करीब 70-80 हजार रुपये गायब होने की बात कहते हुए परिजनों ने लूट और हत्या की आशंका जताई है।
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मामला संज्ञान में आया है। अस्पताल संचालक सड़क हादसे का शिकार हुए हैं। मौके पर ग्रामीणों ने जब उन्हें निकाला तो वह जिंदा थे। अस्पताल में उनकी मौत हो गई। परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. ख्याति गर्ग, एसपी
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रविवार देर रात हैदराबाद थाना क्षेत्र के इमलिया गांव के मार्ग पर उनकी कार गन्ने के खेत में उतरी मिली। कार के अंदर डॉ. अजीत सिंह दिवाकर ड्राइवर सीट पर थे।
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अजीत सिंह नीमगांव थाना क्षेत्र के मढ़ेरा गांव के मूल निवासी थे। वह गोला में अस्पताल के सामने वाली गली में मोहल्ला मथुरा नगर में रहते थे। मृतक के भाई उत्तम कुमार और अस्पताल में उनके रिश्तेदार जतिन दिवाकर ने बताया कि रविवार रात करीब आठ बजे अजीत के पास किसी का फोन आया था। इसके बाद वह बिना किसी को बताए कार से अस्पताल से निकल गए।
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करीब एक घंटे बाद जतिन के पास किसी परिचित का फोन आया कि अजीत की कार इमलिया गांव से पहले रास्ते के किनारे खेत में उतरी हुई है। मौके पर पहुंचने पर वह ड्राइवर सीट पर अचेत पड़े मिले। सिर के पीछे चोट थी और नाक से खून रिस रहा था। परिजन उन्हें गोला सीएचसी ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी पर मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।
पालिकाध्यक्ष विजय शुक्ला रिंकू ने अस्पताल पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया। परिजनों के मुताबिक, अजीत सोने की चेन और अंगूठियां पहनते थे। उनके पास करीब 70-80 हजार रुपये नकद भी थे, जो गायब हैं। परिजनों ने लूट और हत्या की आशंका जताई है। पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव मढ़ेरा, थाना नीमगांव में किया जाएगा।
पत्नी और एक साल की बच्ची को छोड़ गए अजीत
अजीत मथुरा नगर स्थित आवास पर पत्नी रीना और एक साल की पुत्री अंशी के साथ रहते थे। वह चार भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके भाई डॉ. संदीप सिकंदराबाद में अपना क्लीनिक चलाते हैं। अन्य भाई उत्तम कुमार और देवेंद्र कुमार हैं।
कार में सर्जरी के उपकरण और कटर मिलने का दावा
रिश्तेदार जतिन दिवाकर और उत्तम कुमार ने वीडियो दिखाते हुए बताया कि कार में ड्राइवर सीट के नीचे सर्जरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, ब्लड और ग्लव्स आदि खुले पड़े थे। पिछली सीट के बीच एक थैला रखा था, जिसमें चादर थी। पास में तार काटने वाला कटर और पेचकस भी पड़ा था। ड्राइवर साइड की खिड़की खुली थी। मृतक की सोने की चेन, सोने की दो अंगूठियां और करीब 70-80 हजार रुपये गायब होने की बात कहते हुए परिजनों ने लूट और हत्या की आशंका जताई है।
मामला संज्ञान में आया है। अस्पताल संचालक सड़क हादसे का शिकार हुए हैं। मौके पर ग्रामीणों ने जब उन्हें निकाला तो वह जिंदा थे। अस्पताल में उनकी मौत हो गई। परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. ख्याति गर्ग, एसपी

रविवार की रात अस्पताल में लगी भीड़। संवाद

रविवार की रात अस्पताल में लगी भीड़। संवाद

रविवार की रात अस्पताल में लगी भीड़। संवाद