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Lakhimpur Kheri News: टीबी अस्पताल में नहीं मिल रही जांच की प्रिंटेड रिपोर्ट
Wed, 28 Oct 2026 01:13 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 28 Oct 2026 01:13 AM IST
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टीबी अस्पताल में एक्स-रे जांच कराता मरीज। संवाद
- फोटो : ARchive
लखीमपुर खीरी। शहर के टीबी अस्पताल में पोर्टेबल एक्स-रे मशीन उपलब्ध होने के बावजूद मरीजों को जांच की प्रिंटेड रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है। मशीन से एक्स-रे करने के बाद प्रिंटर न होने के कारण मरीजों को स्क्रीन पर ही रिपोर्ट दिखा दी जाती है। फिर मोबाइल फोन से उसकी फोटो लेनी पड़ती है। इससे मरीजों को रिपोर्ट सुरक्षित रखने और जरूरत पड़ने पर चिकित्सक को दिखाने में परेशानी हो रही है।
टीबी अस्पताल में प्रतिदिन करीब 30-40 मरीजों का एक्स-रे होता है। अस्पताल में जांच के लिए पोर्टेबल मशीन लगी है। हालांकि एक्स-रे की सुविधा होने के बावजूद प्रिंटर की व्यवस्था न होना स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। मरीजों को जांच के बाद रिपोर्ट की हार्ड कॉपी नहीं मिल पाने से उन्हें आगे के इलाज में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
खासकर ऐसे मरीजों को परेशानी होती है, जिन्हें दूसरे चिकित्सक से परामर्श लेना हो या भविष्य में जांच रिपोर्ट दिखानी हो। मरीजों ने बताया कि चिकित्सक की सलाह पर जांच तो हो गई, लेकिन अपने फोन से फोटो लेकर रिपोर्ट चिकित्सक को दिखानी पड़ रही है।
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यह पोर्टेबल मशीन क्षेत्र के लिए है, इसीलिए मोबाइल में रिपोर्ट दी जाती है। प्रिंट वाली मशीन के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। जल्द ही वह मशीन भी अस्पताल को मिल जाएगी।
डॉ. पीके रावत, नोडल, जिला क्षय रोग
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टीबी अस्पताल में प्रतिदिन करीब 30-40 मरीजों का एक्स-रे होता है। अस्पताल में जांच के लिए पोर्टेबल मशीन लगी है। हालांकि एक्स-रे की सुविधा होने के बावजूद प्रिंटर की व्यवस्था न होना स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। मरीजों को जांच के बाद रिपोर्ट की हार्ड कॉपी नहीं मिल पाने से उन्हें आगे के इलाज में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
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खासकर ऐसे मरीजों को परेशानी होती है, जिन्हें दूसरे चिकित्सक से परामर्श लेना हो या भविष्य में जांच रिपोर्ट दिखानी हो। मरीजों ने बताया कि चिकित्सक की सलाह पर जांच तो हो गई, लेकिन अपने फोन से फोटो लेकर रिपोर्ट चिकित्सक को दिखानी पड़ रही है।
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यह पोर्टेबल मशीन क्षेत्र के लिए है, इसीलिए मोबाइल में रिपोर्ट दी जाती है। प्रिंट वाली मशीन के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। जल्द ही वह मशीन भी अस्पताल को मिल जाएगी।
डॉ. पीके रावत, नोडल, जिला क्षय रोग