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प्राचार्य ने एक और कर्मचारी को दिखाया बाहर का रास्ता

Wed, 09 Feb 2022 12:51 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 09 Feb 2022 12:51 AM IST
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Principal showed another employee the way out
लखीमपुर खीरी। आर्य कन्या डिग्री कॉलेज की एक और महिला कर्मचारी को मंगलवार को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। इससे पहले दो महिला और एक पुरुष कर्मी को भी बाहर किया जा चुका है। मंगलवार को निकाली गई महिला कर्मी का कहना है वह पिछले करीब 20 साल से काम रही है। जबकि प्राचार्य बताती हैं कि इन सबकी नियुक्ति और वेतन वृद्धि किस आधार की गई, इसके बारे में पूर्व प्राचार्य कुछ भी स्पष्ट नहीं कर रही हैं। इसलिए भविष्य में होने वाली समस्याओं से बचने के लिए कर्मचारियों को बाहर करना पड़ा।
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आर्यकन्या डिग्री कॉलेज में पुस्तकालय सहायक के रूप में काम रहीं सुनीता दीक्षित ने बताया कि मंगलवार को प्राचार्य ने जरूरत होने पर बुलाने की बात कहकर घर बैठने के लिए कह दिया। वह बताती हैं कि दो बेटे हैं जो पढ़ रहे हैं। अब इनकी पढ़ाई कैसे होगी। सुनीता बताती हैं कि प्रार्थना पत्र लेकर उन्हें रिटायर हो चुकीं प्राचार्य निरूपमा अशोक ने रखा था। 2018 तक नि:शुल्क काम किया, लेकिन सुरचना त्रिवेदी ने प्राचार्य का कार्यभार संभालने पर दस हजार रुपये देने शुरू किया। मगर, कुछ माह पहले आयोग से आई प्राचार्य ने घर बैठने के लिए कह दिया।
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हमसें पहले तीन कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया चुका है। सुनाती बताती हैं कि सोमवार को पुस्तकालय की चॉबी तक नहीं दी। मंगलवार को प्राचार्य ने यह कहकर मना कर दिया कि जरूरत होने पर आपको बुलाया जाएगा। उम्र का यह पड़ाव और महंगाई के इस दौर में सुनीता का रो-रो कर बुरा हाल है। सिविल लाइन में बेटों के साथ पिता के घर रह रहीं सुनीता ने बताया कि पहले तो प्राचार्य ने वेतन कम कर सात हजार दिए, जिसे लेने से मना कर दिया और अब घर बैैठने के लिए कह दिया। सुनीता बताती हैं कि इस उम्र में अब कहां जाएं, बच्चों को कैसे पढ़ाएं।
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प्राचार्य डॉ. वीणा गोपाल मिश्रा ने बताया कि सुनीता व अन्य हटाए गए कर्मियों को तत्कालीन प्राचार्य ने किस आधार पर रखा और किस मद से उन्हें मानदेय दिया जा रहा था। इसके बारे में न तो पूर्व प्राचार्य कुछ स्पष्ट कर रहीं हैं और न ही कार्यालय में ही कोई प्रपत्र है। जबकि इन कर्मियों के बारेे में तथाकथित प्रशासक से भी बात की, लेकिन वह भी प्रस्ताव आदि के प्रमाणित दस्तावेज नहीं दे सके। इनकी नियुक्ति और मानदेय भुगतान को लेकर भविष्य में होने वाली दिक्कतों को देखते हुए ही घर बैठने को कहा गया है।
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