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हर घर में तैयार करें पोषण वाटिका
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भाषाश्री।
पसगवां। वनस्थली (राजस्थान) में अध्ययनरत एमएससी खाद्य एवं पोषण की छात्रा भाषाश्री ने स्कूलों में पोषण वाटिका और आरोग्य वाटिका लगाने के फैसले की सराहना की है। भाषाश्री ने कहा कि पोषण वाटिका तो हर घर में तैयार होनी चाहिए।
जेबीगंज निवासी भाषाश्री का कहना है कि यदि पोषण वाटिका का तरीका फलीभूत हो जाए तो आरोग्य वाटिका की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि समुचित पोषण मिलने पर रोग दूर रहते हैं। पोषण वाटिका और आरोग्य वाटिका में केवल नाम का अंतर है, वास्तव में दोनों एक ही हैं। उन्होंने बताया कि आकर्षक वाटिका लगाने के लिए क्रमबद्ध तरीके से छोटे, मध्यम और बड़े गोलाकार आकृति बना लें, फिर कम जगह घेरने वाले पौधों को छोटा गोलाकार और उससे ज्यादा जगह लेने वाले पौधों को मध्यम गोलाकार तथा और अधिक जगह लेने वाले पौधों को बड़े गोलाकार आकृति में लगाएं।
भाषाश्री ने बताया कि पौष्टिक तत्वों से भरपूर पौधों को रोपा जाना चाहिए। सब्जियों में बंदगोभी, गाजर, शलजम, चुकंदर आदि हरी पत्तेदार सब्जियां लगाना चाहिए। फलों में नींबू, आंवला, पपीता, अनार, संतरा, अंगूर, स्ट्राबेरी, ब्लैकबेरी, ब्लूबेरी लगाएं। इसके अलावा सहजन, गिलोय, एलोवेरा भी लगा सकते हैं। इन सब में विटामिन और मिनरल्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। भाषाश्री का कहना है कि पोषण वाटिका लोग अपने घरों में भी लगाएं, क्योंकि बाजार में कोई भी चीज शुद्ध नहीं मिल रही है। संवाद
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जेबीगंज निवासी भाषाश्री का कहना है कि यदि पोषण वाटिका का तरीका फलीभूत हो जाए तो आरोग्य वाटिका की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि समुचित पोषण मिलने पर रोग दूर रहते हैं। पोषण वाटिका और आरोग्य वाटिका में केवल नाम का अंतर है, वास्तव में दोनों एक ही हैं। उन्होंने बताया कि आकर्षक वाटिका लगाने के लिए क्रमबद्ध तरीके से छोटे, मध्यम और बड़े गोलाकार आकृति बना लें, फिर कम जगह घेरने वाले पौधों को छोटा गोलाकार और उससे ज्यादा जगह लेने वाले पौधों को मध्यम गोलाकार तथा और अधिक जगह लेने वाले पौधों को बड़े गोलाकार आकृति में लगाएं।
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भाषाश्री ने बताया कि पौष्टिक तत्वों से भरपूर पौधों को रोपा जाना चाहिए। सब्जियों में बंदगोभी, गाजर, शलजम, चुकंदर आदि हरी पत्तेदार सब्जियां लगाना चाहिए। फलों में नींबू, आंवला, पपीता, अनार, संतरा, अंगूर, स्ट्राबेरी, ब्लैकबेरी, ब्लूबेरी लगाएं। इसके अलावा सहजन, गिलोय, एलोवेरा भी लगा सकते हैं। इन सब में विटामिन और मिनरल्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। भाषाश्री का कहना है कि पोषण वाटिका लोग अपने घरों में भी लगाएं, क्योंकि बाजार में कोई भी चीज शुद्ध नहीं मिल रही है। संवाद
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