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Lakhimpur Kheri News: अमावस्या का प्रदोष काल 31 को... इसी दिन दिवाली
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रामदेव शास्त्री।
बांकेगंज। कार्तिक अमावस्या की तिथि एक दिन के बजाय दो दिन होने से दिवाली को लेकर असमंजस की स्थिति है, लेकिन दीपावली का पर्व 31 अक्तूबर को ही मनाया जाएगा।
छोटी काशी गोला के ज्योतिषाचार्य पंडित रामदेव मिश्र शास्त्री ने बताया कि शास्त्रों में दिवाली पर लक्ष्मी पूजन अमावस्या तिथि के दौरान प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद से लेकर देर रात्रि) के मुहूर्त में मनाना शुभ माना गया है। क्योंकि महालक्ष्मी का प्रादुर्भाव (उत्पत्ति) प्रदोष काल में ही हुआ था। वैदिक पंचांग के अनुसार इस साल अमावस्या की तिथि 31 अक्तूबर को दोपहर 03.12 मिनट से शुरू हो जाएगी, जो एक नवंबर को शाम तक रहेगी।
दिवाली पर सभी तरह की वैदिक स्थितियां 31 अक्तूबर के दिन लागू रहेंगी। जबकि एक नवंबर को अमावस्या तिथि सूर्योदय के दौरान तो रहेगी, लेकिन समाप्ति शाम 05.13 मिनट पर हो जाएगी।
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छोटी काशी गोला के ज्योतिषाचार्य पंडित रामदेव मिश्र शास्त्री ने बताया कि शास्त्रों में दिवाली पर लक्ष्मी पूजन अमावस्या तिथि के दौरान प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद से लेकर देर रात्रि) के मुहूर्त में मनाना शुभ माना गया है। क्योंकि महालक्ष्मी का प्रादुर्भाव (उत्पत्ति) प्रदोष काल में ही हुआ था। वैदिक पंचांग के अनुसार इस साल अमावस्या की तिथि 31 अक्तूबर को दोपहर 03.12 मिनट से शुरू हो जाएगी, जो एक नवंबर को शाम तक रहेगी।
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दिवाली पर सभी तरह की वैदिक स्थितियां 31 अक्तूबर के दिन लागू रहेंगी। जबकि एक नवंबर को अमावस्या तिथि सूर्योदय के दौरान तो रहेगी, लेकिन समाप्ति शाम 05.13 मिनट पर हो जाएगी।
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