फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Power cut increased people's tendency towards solar energy

बिजली कटौती ने बढ़ाया लोगों का सौर ऊर्जा के प्रति रुझान

Fri, 17 Jun 2022 11:16 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 17 Jun 2022 11:16 PM IST
विज्ञापन
Power cut increased people's tendency towards solar energy
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala
बीते दो महीने में सोलर पैनल की बिक्री में आया 25 फीसदी का उछाल
विज्ञापन

घरेलू बाजार में पांच किलोवॉट तक के पसंद किए जा रहे हैं सौर पैनल
लखीमपुर खीरी। भीषण बिजली कटौती झेल रहे जिलेवासी अब परेशान होकर सोलर प्लांट की ओर रुख कर रहे हैं। इसकी पुष्टि बीते दो महीनों में हुई बिक्री के आंकड़े कर रहे हैं। विक्रेताओं के मुताबिक, सोलर प्लेट्स की बिक्री 25 फीसदी तक बढ़ी है, जबकि इन्वर्टर बाजार स्थिर है।
सोलर ऊर्जा कारोबारी रियाज बताते हैं कि इस वक्त सबसे ज्यादा पांच किलोवॉट की डिमांड घरों से आ रही है। लोग डोमेस्टिक सोलर पैनल लगवा रहे हैं, जिसकी कीमत करीब चार लाख के आसपास आती है। इससे घर की लगभग काफी जरुरतें पूरी हो जाती हैं। इसके बाद 10 किलोवॉट तक के पैनल हैं, जिनसे एसी, पंखा सब कुछ चल जाता है। संवाद
विज्ञापन


महंगी बिजली और डीजल ने बढ़ाई मांग, इंडस्ट्री लगा रहीं सोलर प्लांट
लखीमपुर खीरी। एक तो महंगी बिजली और ऊपर से बिजली कटौती ने लोगों के माथे पर बल ला दिए हैं, जबकि महंगे डीजल की वजह से लगातार जनरेटर चलाना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में ज्यादा खपत वाली छोटी और मझोली उद्यम इकाइयां सोलर पावर प्लांट लगवा रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रियाज के मुताबिक, 40 से 50 छोटी और मझोली इंडस्ट्री ऐसी हैं, जो अपना सारा काम सोलर पावर प्लांट लगवाकर कर रही हैं। उनका कहना है कि पारंपरिक स्त्रोत लगातार महंगे होने के कारण आगे आने वाला वक्त इसी सौर ऊर्जा का है। उनका कहना है कि डिमांड बढ़ने का एक बड़ा कारण लगभग 15 साल तक जीरो रनिंग कॉस्ट भी है। हालांकि सोलर पैनल पर कई कंपनियां 25 साल निर्बाध चलने का दावा करती हैं। सरकार सोलर बैटरी पर जीएसटी सब्सिडी के रूप में छोड़ देती है। संवाद

किसानों के लिए सरकार सोलर पंप पर देती है सब्सिडी
लखीमपुर खीरी। बिजली कटौती के कारण फसलों की सिंचाई भी नहीं हो पा रही है। ऐसे में किसानों की खरीफ की फसल पर संकट हैं। किसानों का खेतों में लगा गन्ना सूख रहा है तो धान की बुवाई तक नहीं हो पा रही है। ऐसे में सिंचाई के लिए सोलर पंप ही किसानों का सहारा बन रहे हैं। पीएम किसान ऊर्जा सुरक्षा अभियान के तहत किसानों को सोलर पंप की खरीद पर राज्य व केंद्र की सरकार मिलकर 60 प्रतिशत का अनुदान देती हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed