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होली पर रंग खेलें जम के पर सावधानी के साथ
लखीमपुर खीरी।
Updated Thu, 05 Mar 2015 06:20 PM IST
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जीवन के विविध रंग लिए होली आ गई है। आज का दिन प्यार उत्साह और उमंग का है। आज का दिन है जब आप लोगों को रंगों से सराबोर करेंगे। लेकिन थोड़ी सावधानी रखकर, आपका रंग किसी के लिए परेशानी न बन जाए इसके लिए आवश्यकता है केमिकल रंगाें से बचने की। शहर के डॉक्टराें ने होली में हर्बल रंग प्रयोग करने की सलाह दी है।
होली में तमाम तरह के केमिकल रंग बाजार में उपलब्ध हैं। सस्ते गुलाल में भी तमाम तरह के हानिकारक रंग मिला दिए जाते हैं जो त्वचा और आंखों पर हानिकारक प्रभाव डालते हैं। इस संबंध में शहर के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ.धर्मेंद्र पालीवाल ने बताया कि आजकल शहर में तमाम केमिकल मिले घातक रंग बिक रहे हैं। यहां तक कि कपड़ा रंगने वाला रंग भी लोग प्रयोग कर लेते हैं। इन रंगों में शीशे और अभ्रक जैसे हानिकारिक तत्व होते हैं। अगर केमिकल रंग अधिक देर तक त्वचा पर लगा रहता है तो त्वचा इसे सोख लेती है। इससे त्वचा पर चकत्ते पड़ सकते हैं। खुजली हो सकती है तथा त्वचा का कैंसर तक होने का खतरा रहता है। उन्होंने बताया कि रंगों को त्वचा पर मलना नहीं चाहिए जिन लोगों की त्चचा ड्राई होती है उनमें त्वचा संबंधी बीमारियां होने की आशंका अधिक रहती है। उन्होंने लोगों को हर्बल रंग खेलने की सलाह दी है।
इनके अलावा जिला अस्पताल के ईएमओ डॉ.अमित सिंह ने बताया है सूखा रंग सांस के माध्यम से फेफड़ाें तक पहुंच सकता है। इससे सांस रोग होने का खतरा बढ़ जाता है। फेफड़े की एलर्जी तथा सांस फूलने संबंधी दिक्कत हो सकती हैं। जिन लोगों को त्वचा की एलर्जी हो उन्हें विशेष सावधान रहने की आवश्यकता होती है। उन्होंने बताया लोग वार्निश आदि का प्रयोग करते हैं पेंट में पाउडर के रूप में धातुएं मिली रहती हैं। इसके अलावा सूखा रंग अगर किसी की आंखों में चला जाए तो आंखें लाल हो सकती हैं तथा तथा जख्म भी हो सकता है।
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ऐसे करें बचाव
डॉ.अमित सिंह ने बताया कि ज्यादातर हर्बल रंगों का प्रयोग करें, होली खेलने से पहले शरीर पर तेल या मलाई मल लें। यदि रंग आंखों में चला जाए तो तुरंत ठंडे पानी से आंखें धो लें तथा किसी प्रशिक्षित डॉक्टर को दिखाएं। होली खेलने के बाद त्वचा को खुरचे नहीं बल्कि बेसन के उबटन से रंग को धीरे-धीरे छुड़ाएं।
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होली में तमाम तरह के केमिकल रंग बाजार में उपलब्ध हैं। सस्ते गुलाल में भी तमाम तरह के हानिकारक रंग मिला दिए जाते हैं जो त्वचा और आंखों पर हानिकारक प्रभाव डालते हैं। इस संबंध में शहर के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ.धर्मेंद्र पालीवाल ने बताया कि आजकल शहर में तमाम केमिकल मिले घातक रंग बिक रहे हैं। यहां तक कि कपड़ा रंगने वाला रंग भी लोग प्रयोग कर लेते हैं। इन रंगों में शीशे और अभ्रक जैसे हानिकारिक तत्व होते हैं। अगर केमिकल रंग अधिक देर तक त्वचा पर लगा रहता है तो त्वचा इसे सोख लेती है। इससे त्वचा पर चकत्ते पड़ सकते हैं। खुजली हो सकती है तथा त्वचा का कैंसर तक होने का खतरा रहता है। उन्होंने बताया कि रंगों को त्वचा पर मलना नहीं चाहिए जिन लोगों की त्चचा ड्राई होती है उनमें त्वचा संबंधी बीमारियां होने की आशंका अधिक रहती है। उन्होंने लोगों को हर्बल रंग खेलने की सलाह दी है।
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इनके अलावा जिला अस्पताल के ईएमओ डॉ.अमित सिंह ने बताया है सूखा रंग सांस के माध्यम से फेफड़ाें तक पहुंच सकता है। इससे सांस रोग होने का खतरा बढ़ जाता है। फेफड़े की एलर्जी तथा सांस फूलने संबंधी दिक्कत हो सकती हैं। जिन लोगों को त्वचा की एलर्जी हो उन्हें विशेष सावधान रहने की आवश्यकता होती है। उन्होंने बताया लोग वार्निश आदि का प्रयोग करते हैं पेंट में पाउडर के रूप में धातुएं मिली रहती हैं। इसके अलावा सूखा रंग अगर किसी की आंखों में चला जाए तो आंखें लाल हो सकती हैं तथा तथा जख्म भी हो सकता है।
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ऐसे करें बचाव
डॉ.अमित सिंह ने बताया कि ज्यादातर हर्बल रंगों का प्रयोग करें, होली खेलने से पहले शरीर पर तेल या मलाई मल लें। यदि रंग आंखों में चला जाए तो तुरंत ठंडे पानी से आंखें धो लें तथा किसी प्रशिक्षित डॉक्टर को दिखाएं। होली खेलने के बाद त्वचा को खुरचे नहीं बल्कि बेसन के उबटन से रंग को धीरे-धीरे छुड़ाएं।