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बिजली के लिए फॉसी के फंदे में सिर डाल कर किया प्रदर्शन
लखीमपुर, ब्यूरो
Updated Fri, 24 Mar 2017 10:35 PM IST
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बिजली के लिए फॉसी के फंदे में सिर डाल कर किया प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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कस्बे के घोसियाना वार्ड में बिजली सप्लाई न मिलने पर मोहल्लावासियों ने फांसी के फं दे में सिर डालकर प्रर्दशन किया। कहा यदि उनके मोहल्ले में जल्दी बिजली की सप्लाई शुरू नहीं की गई तो फांसी लगा लेंगे।
मालूम हो कि खीरी कस्बे के मोहल्ला घोसियाना के वार्ड संख्या एक में आजादी के 70 साल बीत जाने के बाद भी बिजली की सप्लाई नही शुरू हो पाई है जबकि मोहल्ला में बिजली के खंभे और तार बिछाए जा चुके हैं।
इससे पहले चुनाव के दौरान मोहल्ले के राकेश सिह ने बिजली की सप्लाई की मांग करते हुए चुनाव का बहिष्कार करते हुए अपने ऊपर मिटटी का तेल डाल कर आत्मदाह करने का प्रयास किया था।
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उस समय बिजली विभाग के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझा बुझा कर चुनाव के बाद बिजली की सप्लाई सुचारू रूप से चालू करने का आश्वासन देकर प्रर्दशन समाप्त करवा दिया था। अब शुक्रवार को फिर मोहल्ले वासियों ने मिल कर फांसी के फंदे में अपना सिर डाल कर प्रदर्शन किया और कहा यदि उनके मोहल्ले में बिजली की सप्लाई नही श्ुारू हुई तो फांसी लगा लेंगे।
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555 गांवों में अभी बिजली का हो रहा इंतजार
जिले में अभी 555 गांव ऐसे हैं, जहां के लोग बिजली की रोशनी से कोसों दूर हैं। आज भी इन गांवों के लोग अंधेरे में रहने को विवश हैं, क्योंकि यहां अभी विद्युतीकरण नहीं हो सका है। वहीं दर्जनों गांव ऐसे भी हैं, जहां सालों पहले कागजों पर विद्युतीकरण कराते हुए सिर्फ बिजली के पोल खड़े किए गए हैं, लेकिन अभी तक बिजली पहुंचना तो दूर तार तक नहीं डाले गए हैं। हालांकि बिजली विभाग के अफसर इन गांवों में अगस्त 2017 तक विद्युतीकरण कराने का दावा कर रहे हैं।
विद्युत वितरण खंड प्रथम और द्वितीय खंड में विभाजित इलाकों में निर्बाध बिजली सप्लाई के लिए दो अधिशाषी अभियंता तैनात हैं, जिनका हेडआफिस लखीमपुर और गोला में है। वर्ष 2016-17 में पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत 309 गांवों में विद्युतीकरण का लक्ष्य रखा गया था, जिसके सापेक्ष 306 गांवों में विद्युतीकरण कराने काश दावा विभागीय अफसर कर रहे हैं। इस कार्य पर करीब 31 करोड़ रूपये का बजट खर्च हुआ है। वर्ष 2017-18 में दोनों डिवीजनों के 555 गांवों में विद्युतीकरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए सरकार से स्वीकृति भी प्राप्त हो गई है। अधिशाषी अभियंता रजनीकांत मिश्रा ने बताया कि 555 गांवों में अगस्त तक विद्युतीकरण कार्य पूर्ण करा लिया जाएगा। अभी तक जिले के 1786 राजस्व ग्रामों के कुल 4793 मजरों में से करीब चार हजारों गांव-मजरों का विद्युतीकरण कराया जा चुका है। अगस्त तक 555 गांवों में विद्युतीकरण होने के बाद अवशेष गांवों में एक साथ विद्युतीकरण कराया जाएगा।
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कहीं ग्रामीणों को मुहं चिढ़ा रहे सालों से लगे बिजली पोल
बांकेगंज। ब्लाक की 50 ग्राम पंचायतों के दर्जनों मजरों के वाशिंदों को भी बिजली का इंतजार है। खास बात यह है कि कई गांवों में विद्युतीकरण के लिए बिजली के पोल तो खड़े कर दिए गए, लेकिन इन पर न तार खीचे और न ही गांव में ट्रांसफार्मर लगाया गया है। पिछले दस सालों से गांव में खड़े बिजली के पोल लोगों को मुहं चिढ़ा रहे हैं। ग्राम पंचायत ग्रंट नंबर 11 के मजरा बरगदिया, भूपपुर, बंजरिया, तिलकपुर सहित अन्य पंचायतों के सैकड़ों गांवों में बिजली पहुंचाने के लिए वर्ष 2010 में बिजली के पोल लगाए गए थे, लेकिन इनमें तार न खीचे गए और न ही ट्रांसफार्मर लगाया गया। इसके कारण इन गांवों में अभी तक बिजली नहीं पहुंच पाई है। ग्रामीण छैलबिहारी, तेजराम, राजाराम, मनोज कुमार, मोहन लाल, प्रमोद कुमार, सुशील कुमार ने कहा कि गांव में खड़े इन बिजली पोल पर तार खिंचने के लिए दस साल से इंतजार कर रहे हैं। ग्रामीणों ने अधिकारियों से गांव में अधूरे कार्य की शिकायत कई बार की, लेकिन किसी का ध्यान इस ओर नहीं गया। अधिशाषी अभियंता गोला उमेश चंद्र सोनकर ने कहा कि गोला डिवीजन के दर्जनों गांवों का विद्युतीकरण कराने के लिए वर्ष 2010 में बिजली पोल लगे थे, लेकिन किन्हीं कारणों से अभी तक विद्युतीकरण नहीं हो सका है। जो मेरे संज्ञान में नहीं है। डिवीजन के बिजली विहीन गांवों का सर्वे कराया जा रहा है।
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मालूम हो कि खीरी कस्बे के मोहल्ला घोसियाना के वार्ड संख्या एक में आजादी के 70 साल बीत जाने के बाद भी बिजली की सप्लाई नही शुरू हो पाई है जबकि मोहल्ला में बिजली के खंभे और तार बिछाए जा चुके हैं।
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इससे पहले चुनाव के दौरान मोहल्ले के राकेश सिह ने बिजली की सप्लाई की मांग करते हुए चुनाव का बहिष्कार करते हुए अपने ऊपर मिटटी का तेल डाल कर आत्मदाह करने का प्रयास किया था।
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उस समय बिजली विभाग के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझा बुझा कर चुनाव के बाद बिजली की सप्लाई सुचारू रूप से चालू करने का आश्वासन देकर प्रर्दशन समाप्त करवा दिया था। अब शुक्रवार को फिर मोहल्ले वासियों ने मिल कर फांसी के फंदे में अपना सिर डाल कर प्रदर्शन किया और कहा यदि उनके मोहल्ले में बिजली की सप्लाई नही श्ुारू हुई तो फांसी लगा लेंगे।
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555 गांवों में अभी बिजली का हो रहा इंतजार
जिले में अभी 555 गांव ऐसे हैं, जहां के लोग बिजली की रोशनी से कोसों दूर हैं। आज भी इन गांवों के लोग अंधेरे में रहने को विवश हैं, क्योंकि यहां अभी विद्युतीकरण नहीं हो सका है। वहीं दर्जनों गांव ऐसे भी हैं, जहां सालों पहले कागजों पर विद्युतीकरण कराते हुए सिर्फ बिजली के पोल खड़े किए गए हैं, लेकिन अभी तक बिजली पहुंचना तो दूर तार तक नहीं डाले गए हैं। हालांकि बिजली विभाग के अफसर इन गांवों में अगस्त 2017 तक विद्युतीकरण कराने का दावा कर रहे हैं।
विद्युत वितरण खंड प्रथम और द्वितीय खंड में विभाजित इलाकों में निर्बाध बिजली सप्लाई के लिए दो अधिशाषी अभियंता तैनात हैं, जिनका हेडआफिस लखीमपुर और गोला में है। वर्ष 2016-17 में पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत 309 गांवों में विद्युतीकरण का लक्ष्य रखा गया था, जिसके सापेक्ष 306 गांवों में विद्युतीकरण कराने काश दावा विभागीय अफसर कर रहे हैं। इस कार्य पर करीब 31 करोड़ रूपये का बजट खर्च हुआ है। वर्ष 2017-18 में दोनों डिवीजनों के 555 गांवों में विद्युतीकरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए सरकार से स्वीकृति भी प्राप्त हो गई है। अधिशाषी अभियंता रजनीकांत मिश्रा ने बताया कि 555 गांवों में अगस्त तक विद्युतीकरण कार्य पूर्ण करा लिया जाएगा। अभी तक जिले के 1786 राजस्व ग्रामों के कुल 4793 मजरों में से करीब चार हजारों गांव-मजरों का विद्युतीकरण कराया जा चुका है। अगस्त तक 555 गांवों में विद्युतीकरण होने के बाद अवशेष गांवों में एक साथ विद्युतीकरण कराया जाएगा।
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कहीं ग्रामीणों को मुहं चिढ़ा रहे सालों से लगे बिजली पोल
बांकेगंज। ब्लाक की 50 ग्राम पंचायतों के दर्जनों मजरों के वाशिंदों को भी बिजली का इंतजार है। खास बात यह है कि कई गांवों में विद्युतीकरण के लिए बिजली के पोल तो खड़े कर दिए गए, लेकिन इन पर न तार खीचे और न ही गांव में ट्रांसफार्मर लगाया गया है। पिछले दस सालों से गांव में खड़े बिजली के पोल लोगों को मुहं चिढ़ा रहे हैं। ग्राम पंचायत ग्रंट नंबर 11 के मजरा बरगदिया, भूपपुर, बंजरिया, तिलकपुर सहित अन्य पंचायतों के सैकड़ों गांवों में बिजली पहुंचाने के लिए वर्ष 2010 में बिजली के पोल लगाए गए थे, लेकिन इनमें तार न खीचे गए और न ही ट्रांसफार्मर लगाया गया। इसके कारण इन गांवों में अभी तक बिजली नहीं पहुंच पाई है। ग्रामीण छैलबिहारी, तेजराम, राजाराम, मनोज कुमार, मोहन लाल, प्रमोद कुमार, सुशील कुमार ने कहा कि गांव में खड़े इन बिजली पोल पर तार खिंचने के लिए दस साल से इंतजार कर रहे हैं। ग्रामीणों ने अधिकारियों से गांव में अधूरे कार्य की शिकायत कई बार की, लेकिन किसी का ध्यान इस ओर नहीं गया। अधिशाषी अभियंता गोला उमेश चंद्र सोनकर ने कहा कि गोला डिवीजन के दर्जनों गांवों का विद्युतीकरण कराने के लिए वर्ष 2010 में बिजली पोल लगे थे, लेकिन किन्हीं कारणों से अभी तक विद्युतीकरण नहीं हो सका है। जो मेरे संज्ञान में नहीं है। डिवीजन के बिजली विहीन गांवों का सर्वे कराया जा रहा है।