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बिजली कटौती से परेशान लोगों ने उपकेंद्र घेरा
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अधिशासी अभियंता के 12 घंटे बिजली देने के आश्वासन पर माने किसान
महेवागंज। बिजली समस्या से परेशान किसानों का मंगलवार को धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने विद्युत उपकेंद्र बनवारीपुर पहुंचकर अधिकारियों का घेराव कर दिया। अधिशासी अभियंता के 12 घंटे बिजली देने के आश्वासन पर लोगों का गुस्सा शांत हुआ।
फूलबेहड़ क्षेत्र के पिपरा मरोड़ा, सफीपुर, लिलौटीं, ओदरहना, बालूडीह, बलहवापुर समेत कई गांव बनवारीपुर उपकेंद्र से जुड़े हैं। रंजीत, लखविंदर, सोनू, जगदीश, सतेंद्र, सतनाम, पवन, गुरप्रीत, हरजीत सिंह, राधेश्याम और बख्शीश सिंह समेत ग्रामीण मंगलवार को उपकेंद्र पहुंचे और एसडीओ विक्की गौड़ का घेराव कर अविलंब सप्लाई दुरुस्त करने की मांग की।
ग्रामीणों ने कहा कि बारिश के अभाव में खेतों में लगी गन्ना व धान की फसलें सूखने लगी हैं। इधर कई दिनों से बिजली भी रुला रही है। विभाग किसानों के साथ खिलवाड़ कर रहा है। 24 घंटे में बमुश्किल दो घंटे बिजली दी जा रही है। एसडीओ ने लोगों को समझाने की कोशिश की। लेकिन, बात न बनती देख उन्होंने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। मौके पर पहुंचे अधिशासी अभियंता किताब सिंह ने किसानों को 12 घंटे बिजली देने का आश्वासन देकर एसडीओ को रोस्टर बदलने के निर्देश दिए।
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बांकेगंज क्षेत्र में मिल रही सिर्फ 12 से 14 घंटे बिजली आपूर्ति
बांकेगंज। सरकार का ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे बिजली आपूर्ति देने का फरमान हवा-हवाई साबित हो रहा है। निर्धारित कटौती के अलावा कंट्रोल रूम से घंटों बिजली आपूर्ति रोक दी जाती है। इसका कोई कारण भी स्पष्ट नहीं किया जाता है। इससे बांकेगंज क्षेत्र में महज 12 से 14 घंटे ही आपूर्ति मिल रही है।
चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी में बिजली कटौती से लोग बहुत परेशान हैं। पावर कॉरपोरेशन से विद्युत आपूर्ति का रोस्टर निर्धारित है, जबकि अक्सर दोपहर और शाम को कंट्रोल से बिजली काट दी जाती है। इसके बाद बिजली कब आएगी, इसका कुछ पता नहीं है। इससे परेशान लोगों ने व्यापार मंडल अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद माहेश्वरी, शेर सिंह, वीरेंद्र भार्गव, सुशील कुमार, अनिल टंडन आदि का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र के लिए बिजली सप्लाई के शेड्यूल के मुताबिक प्रतिदिन सुबह छह से पौने नौ और इसके बाद दोपहर ढाई से शाम छह बजे तक बिजली कटौती के आदेश हैं। शासन ने ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को 18 घंटे बिजली सप्लाई देने के आदेश जारी किए है, जबकि क्षेत्र में बिजली कटौती की जाती है। परेशान लोगों ने विभागीय अधिकारियों से रोस्टर के मुताबिक सप्लाई देने की मांग की है।
हैंडपंप में लगाया गया सबमर्सिबल हो सकता है बच्चों के लिए जानलेवा
लखीमपुर खीरी। ब्लॉक संसाधन केंद्र ईसानगर के गोविंद शुगर मिल बीआरसी परिसर में लगे सरकारी नल में मोटर लगाया गया है, जिसे बिजली के केबल से चलाने की व्यवस्था की जा रही है। तकनीकि जानकारों का कहना है कि जमीन में पानी होने की वजह से बिजली सप्लाई के दौरान कभी भी केबल शार्ट होने से नल में करंट उतर सकता है। इससे बच्चे करंट की चपेट में आ सकते हैं। इस संबंध में ईसानगर के खंड विकास अधिकारी अरुण कुमार सिंह का कहना है कि यह सब कायाकल्प योजना के तहत किया गया है। स्कूल परिसर में हैंडपंप लगा है। इसलिए यह व्यवस्था की जा रही है। अब शिकायत मिली है, जिसे दिखवाकर ठीक करवाया जा रहा है। संवाद
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महेवागंज। बिजली समस्या से परेशान किसानों का मंगलवार को धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने विद्युत उपकेंद्र बनवारीपुर पहुंचकर अधिकारियों का घेराव कर दिया। अधिशासी अभियंता के 12 घंटे बिजली देने के आश्वासन पर लोगों का गुस्सा शांत हुआ।
फूलबेहड़ क्षेत्र के पिपरा मरोड़ा, सफीपुर, लिलौटीं, ओदरहना, बालूडीह, बलहवापुर समेत कई गांव बनवारीपुर उपकेंद्र से जुड़े हैं। रंजीत, लखविंदर, सोनू, जगदीश, सतेंद्र, सतनाम, पवन, गुरप्रीत, हरजीत सिंह, राधेश्याम और बख्शीश सिंह समेत ग्रामीण मंगलवार को उपकेंद्र पहुंचे और एसडीओ विक्की गौड़ का घेराव कर अविलंब सप्लाई दुरुस्त करने की मांग की।
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ग्रामीणों ने कहा कि बारिश के अभाव में खेतों में लगी गन्ना व धान की फसलें सूखने लगी हैं। इधर कई दिनों से बिजली भी रुला रही है। विभाग किसानों के साथ खिलवाड़ कर रहा है। 24 घंटे में बमुश्किल दो घंटे बिजली दी जा रही है। एसडीओ ने लोगों को समझाने की कोशिश की। लेकिन, बात न बनती देख उन्होंने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। मौके पर पहुंचे अधिशासी अभियंता किताब सिंह ने किसानों को 12 घंटे बिजली देने का आश्वासन देकर एसडीओ को रोस्टर बदलने के निर्देश दिए।
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बांकेगंज क्षेत्र में मिल रही सिर्फ 12 से 14 घंटे बिजली आपूर्ति
बांकेगंज। सरकार का ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे बिजली आपूर्ति देने का फरमान हवा-हवाई साबित हो रहा है। निर्धारित कटौती के अलावा कंट्रोल रूम से घंटों बिजली आपूर्ति रोक दी जाती है। इसका कोई कारण भी स्पष्ट नहीं किया जाता है। इससे बांकेगंज क्षेत्र में महज 12 से 14 घंटे ही आपूर्ति मिल रही है।
चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी में बिजली कटौती से लोग बहुत परेशान हैं। पावर कॉरपोरेशन से विद्युत आपूर्ति का रोस्टर निर्धारित है, जबकि अक्सर दोपहर और शाम को कंट्रोल से बिजली काट दी जाती है। इसके बाद बिजली कब आएगी, इसका कुछ पता नहीं है। इससे परेशान लोगों ने व्यापार मंडल अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद माहेश्वरी, शेर सिंह, वीरेंद्र भार्गव, सुशील कुमार, अनिल टंडन आदि का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र के लिए बिजली सप्लाई के शेड्यूल के मुताबिक प्रतिदिन सुबह छह से पौने नौ और इसके बाद दोपहर ढाई से शाम छह बजे तक बिजली कटौती के आदेश हैं। शासन ने ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को 18 घंटे बिजली सप्लाई देने के आदेश जारी किए है, जबकि क्षेत्र में बिजली कटौती की जाती है। परेशान लोगों ने विभागीय अधिकारियों से रोस्टर के मुताबिक सप्लाई देने की मांग की है।
हैंडपंप में लगाया गया सबमर्सिबल हो सकता है बच्चों के लिए जानलेवा
लखीमपुर खीरी। ब्लॉक संसाधन केंद्र ईसानगर के गोविंद शुगर मिल बीआरसी परिसर में लगे सरकारी नल में मोटर लगाया गया है, जिसे बिजली के केबल से चलाने की व्यवस्था की जा रही है। तकनीकि जानकारों का कहना है कि जमीन में पानी होने की वजह से बिजली सप्लाई के दौरान कभी भी केबल शार्ट होने से नल में करंट उतर सकता है। इससे बच्चे करंट की चपेट में आ सकते हैं। इस संबंध में ईसानगर के खंड विकास अधिकारी अरुण कुमार सिंह का कहना है कि यह सब कायाकल्प योजना के तहत किया गया है। स्कूल परिसर में हैंडपंप लगा है। इसलिए यह व्यवस्था की जा रही है। अब शिकायत मिली है, जिसे दिखवाकर ठीक करवाया जा रहा है। संवाद