{"_id":"19745fcd1e6fa78bc0fef93ec20a297f","slug":"people-are-upset-by-the-third-day-of-the-season-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीसरे दिन भी मौसम से परेशान रहे लोग ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीसरे दिन भी मौसम से परेशान रहे लोग
लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 19 Jan 2015 12:24 AM IST
विज्ञापन
मौसम का मिजाज आज तीसरे दिन भी बिगड़ा रहा। इससे लोगों को परेशानियां उठानी पड़ीं। आसमान में छाए बादल और बर्फीली हवाओं के कहर से शहर का जनजीवन बुरी तरह अस्तव्यस्त रहा। रविवार को भी सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा, बाजार बेरौनक रही। गर्म कपड़ों में लिपटे रहने के बाद भी लोगों की कंपकंपी छूटती रही। दिन भर धूप न निकलने से शीतलहर का प्रकोप कुछ ज्यादा ही रहा।
रविवार को अधिकतम तापमान 14.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 03.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। सुबह से कोहरा तो नहीं रहा लेकिन आसमान में छाए बादलों के कारण सूरज के दर्शन नहीं हुए। दिन भर लोग धूप की आस में आसमान की ओर ताकते रहे लेकिन धूप के दर्शन न होने से लोगों को निराशा हुई। पिछले तीन दिनों से धूप न निकलने से लोग उकता चुके हैं।
धूप न निकलने और तेज गति से बर्फीली हवाएं चलने के कारण शीतलहर का प्रकोप और ज्यादा बढ़ गया। शाम होते ही लोग घरों में दुबक गए। इसके चलते शाम ढलने से पहले ही सड़कों पर सन्नाटा छा गया। बाजार में भी अपेक्षाकृत भीड़भाड़ कम रही। सुबह और शाम को लोग सार्वजनिक स्थलों पर अलाव के इर्द गिर्द जमा रहे।
विज्ञापन
धूप न निकलने से बीमारों और बुजुर्गों को काफी दिक्कत हो रही है। खानाबदोश जिंदगी जीने वाले बेसहारा लोगों और बाहर से काम की तलाश में शहर आने वाले लोगों को यहां काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। शहर में पर्याप्त संख्या में अलाव न जलने से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। जिले के व्यापार पर भी बुरा असर पड़ रहा है।
विज्ञापन
रविवार को अधिकतम तापमान 14.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 03.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। सुबह से कोहरा तो नहीं रहा लेकिन आसमान में छाए बादलों के कारण सूरज के दर्शन नहीं हुए। दिन भर लोग धूप की आस में आसमान की ओर ताकते रहे लेकिन धूप के दर्शन न होने से लोगों को निराशा हुई। पिछले तीन दिनों से धूप न निकलने से लोग उकता चुके हैं।
विज्ञापन
धूप न निकलने और तेज गति से बर्फीली हवाएं चलने के कारण शीतलहर का प्रकोप और ज्यादा बढ़ गया। शाम होते ही लोग घरों में दुबक गए। इसके चलते शाम ढलने से पहले ही सड़कों पर सन्नाटा छा गया। बाजार में भी अपेक्षाकृत भीड़भाड़ कम रही। सुबह और शाम को लोग सार्वजनिक स्थलों पर अलाव के इर्द गिर्द जमा रहे।
विज्ञापन
धूप न निकलने से बीमारों और बुजुर्गों को काफी दिक्कत हो रही है। खानाबदोश जिंदगी जीने वाले बेसहारा लोगों और बाहर से काम की तलाश में शहर आने वाले लोगों को यहां काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। शहर में पर्याप्त संख्या में अलाव न जलने से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। जिले के व्यापार पर भी बुरा असर पड़ रहा है।