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सड़क पर पार्किंग, लोग फंसे जाम में
लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 30 Mar 2015 12:01 AM IST
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सड़क किनारे बने भवन, होटल, बारातघर और तहसील इमारत यातायात व्यवस्था में रोड़ा बन गई हैं। वजह है, शहर में एसबीआई भवन को छोड़कर किसी इमारत में पार्किंग व्यवस्था नहीं है। इससे सड़क तक वाहनों के खड़े होने से ट्रैफिक व्यवस्था फेल हो जाती है।
शहर के मुख्य मार्गों पर बनी इमारतों और बारातघरों में वाहन खड़े करने की व्यवस्था न होने से सड़क पर खड़े किए जाते हैं, जिससे जाम लगना एक आम बात हो गई है, हालांकि बड़ी इमारत में कानूनन पार्किंग की व्यवस्था को जरूरी माना गया है। नियम यह है कि शहर के मुख्य मार्ग पर चाहें भवन का निर्माण हो, या फिर होटल, नर्सिंग होम, बारातघर अथवा कोई सरकारी इमारत ही क्यों न हो, इसके निर्माण को बिना पार्किंग व्यवस्था के अनुमति नहीं दिया जाएगा। एक तरफ यह कानून है और दूसरी तरफ बिना पार्किंग के भवनों का निर्माण किया जा रहा है। अपने शहर में करीब 24 होटल, 16 नर्सिंग होम और 20 बारातघर हैं, लेकिन इनमें पार्किंग व्यवस्था के मानक को पूरा नहीं किया गया है। प्रशासन ने भी इस बावत कोई कार्रवाई नहीं की है। कुल मिलाकर पार्किंग व्यवस्था न होने से शहर की इमारतें यातायात व्यवस्था में रोड़ा बन गई हैं।
तहसील भवन में भी पार्किंग व्यवस्था नहीं
एसडीएम सदर एसपी सिंह की मानें तो पार्किंग व्यवस्था संबंधी नियम चार साल पहले बना था, किंतु इसका पालन नहीं हो पा रहा है। जल्दी ही मुख्य मार्गों पर स्थित होटलों, बैंकों और बारातघरों पर इस बावत कार्रवाई की जाएगी।
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क्या कहते हैं एसडीएम सदर
विनियमित क्षेत्र के प्राधिकारी और एसडीएम सदर एसपी सिंह का कहना है कि पार्किंग संबंधी नियम लागू होने के बाद किसी भी भवन निर्माण का नक्शा पास नहीं किया गया है। सभी भवन, होटल और बारातघर पहले के बने हैं। साथ ही सड़क पर खड़े वाहनों के कारण यातायात व्यवस्था बिगड़ी तो वाहन स्वामी के साथ-साथ उस इमारत के मालिक पर भी कार्रवाई की जाएगी, जिसके बाहर वाहन खड़े होंगे।
पार्किंग निर्माण बिना नहीं सुधरेगी यातायात व्यवस्था
कारोबारी प्रेमशंकर अग्रवाल का कहना है कि शहर के प्रमुख होटलों, बारातघरों और भवनों में पार्किंग व्यवस्था के बिना यातायात व्यवस्था सुधरने वाली नहीं है। व्यापारी नेता विनोद मिश्रा का कहना है बारातघरों और बड़े होटलों में पार्किंग व्यवस्था बहुत जरूरी है, जिससे शहरवासियों के हित में बनवाया जाना चाहिए। व्यापारी नेता श्याम कुमार तिवारी का कहना है कि शहर में पार्किंग व्यवस्था होनी चाहिए ताकि लोग वाहन खड़ा कर बाजार में टहल सकें। इससे समस्या का हल हो सकता है।
एसपी अरविंद सेन ने बताया कि शहर में जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। पार्किंग के लिए प्रशासन स्तर पर कार्रवाई होती है। फिलहाल ट्रैफिक व्यवस्था बिगाड़ने वालों के वाहनों को सीजकर कार्रवाई हो रही है।
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शहर के मुख्य मार्गों पर बनी इमारतों और बारातघरों में वाहन खड़े करने की व्यवस्था न होने से सड़क पर खड़े किए जाते हैं, जिससे जाम लगना एक आम बात हो गई है, हालांकि बड़ी इमारत में कानूनन पार्किंग की व्यवस्था को जरूरी माना गया है। नियम यह है कि शहर के मुख्य मार्ग पर चाहें भवन का निर्माण हो, या फिर होटल, नर्सिंग होम, बारातघर अथवा कोई सरकारी इमारत ही क्यों न हो, इसके निर्माण को बिना पार्किंग व्यवस्था के अनुमति नहीं दिया जाएगा। एक तरफ यह कानून है और दूसरी तरफ बिना पार्किंग के भवनों का निर्माण किया जा रहा है। अपने शहर में करीब 24 होटल, 16 नर्सिंग होम और 20 बारातघर हैं, लेकिन इनमें पार्किंग व्यवस्था के मानक को पूरा नहीं किया गया है। प्रशासन ने भी इस बावत कोई कार्रवाई नहीं की है। कुल मिलाकर पार्किंग व्यवस्था न होने से शहर की इमारतें यातायात व्यवस्था में रोड़ा बन गई हैं।
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तहसील भवन में भी पार्किंग व्यवस्था नहीं
एसडीएम सदर एसपी सिंह की मानें तो पार्किंग व्यवस्था संबंधी नियम चार साल पहले बना था, किंतु इसका पालन नहीं हो पा रहा है। जल्दी ही मुख्य मार्गों पर स्थित होटलों, बैंकों और बारातघरों पर इस बावत कार्रवाई की जाएगी।
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क्या कहते हैं एसडीएम सदर
विनियमित क्षेत्र के प्राधिकारी और एसडीएम सदर एसपी सिंह का कहना है कि पार्किंग संबंधी नियम लागू होने के बाद किसी भी भवन निर्माण का नक्शा पास नहीं किया गया है। सभी भवन, होटल और बारातघर पहले के बने हैं। साथ ही सड़क पर खड़े वाहनों के कारण यातायात व्यवस्था बिगड़ी तो वाहन स्वामी के साथ-साथ उस इमारत के मालिक पर भी कार्रवाई की जाएगी, जिसके बाहर वाहन खड़े होंगे।
पार्किंग निर्माण बिना नहीं सुधरेगी यातायात व्यवस्था
कारोबारी प्रेमशंकर अग्रवाल का कहना है कि शहर के प्रमुख होटलों, बारातघरों और भवनों में पार्किंग व्यवस्था के बिना यातायात व्यवस्था सुधरने वाली नहीं है। व्यापारी नेता विनोद मिश्रा का कहना है बारातघरों और बड़े होटलों में पार्किंग व्यवस्था बहुत जरूरी है, जिससे शहरवासियों के हित में बनवाया जाना चाहिए। व्यापारी नेता श्याम कुमार तिवारी का कहना है कि शहर में पार्किंग व्यवस्था होनी चाहिए ताकि लोग वाहन खड़ा कर बाजार में टहल सकें। इससे समस्या का हल हो सकता है।
एसपी अरविंद सेन ने बताया कि शहर में जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। पार्किंग के लिए प्रशासन स्तर पर कार्रवाई होती है। फिलहाल ट्रैफिक व्यवस्था बिगाड़ने वालों के वाहनों को सीजकर कार्रवाई हो रही है।