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पलिया पालिकाध्यक्ष की हुई वापसी, बहाल हुए अधिकार

Fri, 04 Nov 2016 10:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो पलियाकलां।
अमर उजाला ब्यूरो पलियाकलां। Updated Fri, 04 Nov 2016 10:43 PM IST
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Palia Palikadhyksh turned back, restore authority
palika - फोटो : amar ujala
समर्थकों में खुशी, फूल मालाओं से लादकर किया स्वागत
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नगर विकास अनुभाग लखनऊ ने सीज किए गए पालिकाध्यक्ष के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों को बहाल कर दिया है। उनके खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के सभी आरोप जांच में सही नहीं पाए गए। उन्हें महज दो आरोपों में आंशिक दोषी माना गया है। अधिकार बहाल होने के बाद उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है। 
पालिकाध्यक्ष के खिलाफ रमेश चंद्र मिश्रा की ओर से लोक आयुक्त में शिकायत की गई थी, जिसकी जांच डीएम खीरी को सौंपी गई। डीएम ने पूरे मामले की जांच कर जांच रिपोर्ट शासन को भेजी थी।  जिसके बाद पालिकाध्यक्ष से स्पष्टीकरण तलब किया गया था।   प्रथम दृष्टया उन्हें दोषी पाते हुए उनके वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार भी सीज कर दिए गए थे। जिसके बाद से कयासों का दौर शुरू हो गया था। इस बीच  तीन नवंबर को प्रदेश शासन के नगर विकास अनुभाग सचिव ने एक पत्र जारी किया, जिसमें पालिकाध्यक्ष के खिलाफ विद्युत सामग्री बाजार भाव से अधिक दाम पर क्रय कर पालिका को 1023110 रुपये की वित्तीय क्षति पहुंचाने का आरोप लगाया गया। साथ ही सफाई उपकरण के लिए रिक्शा, ठेलिया के क्रय करने में 382500 रुपये की वित्तीय क्षति, पेयजल के लिए 3000 लीटर एवं 5000 लीटर के वाटर टैंकर के क्रय करने में कुल 213000 रुपये की वित्तीय क्षति और ट्रैक्टर के क्रय करने में 51000 की वित्तीय क्षति का भी आरोप लगाया गया। इन मामलों की जांच हुई। पत्र में कहा गया है कि यह दोनों आरोप आंशिक रूप से सही पाए गए हैं। जबकि फर्जी नियुक्तियां कर उनके नाम से वेतन आहरित कर पालिका को वित्तीय क्षति पहुंचाए जाने का आरोप प्रमाणित नहीं हुआ। ऐसे में यह आरोप खारिज कर दिए गए। सचिव की ओर से जारी पत्र में शासन की ओर से पालिकाध्यक्ष को निर्गत कारण बताओ नोटिस को निरस्त करते हुए उनके वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों को बहाल करने की बात कही गई। डीएम को औपचारिकता पूरी कर तामीली आख्या शासन को उपलब्ध कराने को कहा गया है।
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 पालिकाध्यक्ष के अधिकार बहाल होने के बाद उनके समर्थकों में खुशी का माहौल देखने को मिला। पालिका सभागार में एक समारोह का आयोजन हुआ, जिसमें समर्थकों ने पालिकाध्यक्ष को फूल मालाओं से लाद दिया। पालिकाध्यक्ष ने कहा कि 18 जुलाई 2012 को कार्य भार ग्रहण करने से लेकर अब तक एक सेवक के रूप में काम किया है। राजनीतिक विरोधियों द्वारा छल कर उनके खिलाफ षड्यंत्र रचा जा रहा है। इसी षड्यंत्र के तहत गलत आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ शासन को शिकायतें भी की जाती हैं, लेकिन हर बार जांच में उन्हें क्लीन चिट मिल जाती है।
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