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Lakhimpur Kheri News: मंडी समिति में खुला धान खरीद का खाता, किसान का किया स्वागत
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राजापुर मंडी में सरकारी धान खरीद केंद्र पर हो रही खरीद
लखीमपुर खीरी। सोमवार को राजापुर मंडी में खुले केंद्र पर धान की खरीद शुरू हो गई। मितौली के एक किसान ने क्रय केंद्र पर पहुंच कर अपना धान तुलवाया। बता दें कि एक अक्तूबर से धान की खरीद होनी थी लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी खरीद शुरू नहीं हो सकी थी। इसके पीछे अधिकारी धान में नमी होने की बात कह रहे थे। फिलहाल अब धान की आवक बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
धान खरीद को लेकर जिला प्रशासन ने समय से पहले ही मंडी समितियों में तैयारियां पूरी कर ली थीं। किसानों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए इस बार मंडी समिति में विभिन्न एजेंसियों के 35 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। पहला सप्ताह खाली बीत जाने के बाद अधिकारियों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखाई देने लगी थीं।
सुबह से लेकर शाम तक केंद्र प्रभारी किसानों का इंतजार करते थे लेकिन किसान सरकारी क्रय केंद्रों के बजाए आढ़तों पर धान बेच रहे थे। हालांकि सोमवार को सरकारी क्रय केंद्रों पर किसानों की आमद दिखाई दी। नौवें दिन खाद्य विभाग के चार सेंटरों पर करीब 300 क्विंटल से ज्यादा धान खरीदा गया। सरकारी क्रय केंद्रों पर धान लेकर पहुंचे किसानों का केंद्र प्रभारी ने माला पहनाकर स्वागत किया।
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आढ़तों पर अब तक 16000 क्विंटल धान खरीदा गया
सरकारी धान खरीद केंद्रों पर भले ही किसान न पहुंच रहे हों, लेकिन आढ़तों पर खूब धान पहुंच रहा है। आढ़तों पर रोजाना दो-ढाई हजार क्विंटल धान खरीदा जा रहा है। मंडी सचिव सुधांशु ने बताया कि सोमवार को पांच-छह हजार क्विंंटल धान खरीदा गया। अब तक करीब 16 हजार क्विंटल धान खरीदा जा चुका है। आढ़तों पर 18 सौ से 1905 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर धान खरीदा जा रहा है।
आढ़तों पर किसानों की भीड़, सरकारी केंद्रों पर सन्नाटा
तिकुनिया। मंडी समिति परिसर में धान के छह सरकारी क्रय केंद्र खोले गए हैं। किसान आढ़तियों के हाथों 15 सौ से 16 सौ रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान बेच रहे हैं। आढ़तों पर किसानों की भीड़ रहती है, जबकि सरकारी क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है। धान लेकर आए चनैनी फार्म के सुरेंद्र सिंह, हरबाज खान, सलमान ने बताया कि सरकारी केंद्र बंद पड़े हैं। खरीद का सामान तो रखा है लेकिन खरीद नहीं हो रही है। सरकारी केंद्रों पर खरीद न हो पाने की वजह से ही आढ़तों पर 15 सौ रुपये में धान बेचना पड़ रहा है। इस बाबत सरकारी धान क्रय केंद्र के प्रभारी इंद्रजीत सिंह ने बताया कि किसानों का धान जरूर खरीदा जाएगा। धान गीला आने के कारण मानक के अनुरूप नहीं है। सूखा धान आते ही खरीद की जाएगी।
मोहम्मदी में नहीं शुरू हुई धान की खरीद
मोहम्मदी। गल्ला मंडी में सरकारी सेंटर खुले नौ दिन हो गए हैं, लेकिन अभी तक धान की खरीद शुरू नहीं हुई है। गल्ला मंडी में धान की खरीद करने के लिए सेंटर तैयार हैं, लेकिन किसान धान लेकर नहीं आ रहे हैं। यहां अब तक धान का एक दाना भी नहीं खरीदा जा सका है। विपणन अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि एक किसान टोकन काउंटर पर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूछने आया था। अभी कोई किसान धान लेकर नहीं आया है।
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धान खरीद को लेकर जिला प्रशासन ने समय से पहले ही मंडी समितियों में तैयारियां पूरी कर ली थीं। किसानों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए इस बार मंडी समिति में विभिन्न एजेंसियों के 35 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। पहला सप्ताह खाली बीत जाने के बाद अधिकारियों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखाई देने लगी थीं।
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सुबह से लेकर शाम तक केंद्र प्रभारी किसानों का इंतजार करते थे लेकिन किसान सरकारी क्रय केंद्रों के बजाए आढ़तों पर धान बेच रहे थे। हालांकि सोमवार को सरकारी क्रय केंद्रों पर किसानों की आमद दिखाई दी। नौवें दिन खाद्य विभाग के चार सेंटरों पर करीब 300 क्विंटल से ज्यादा धान खरीदा गया। सरकारी क्रय केंद्रों पर धान लेकर पहुंचे किसानों का केंद्र प्रभारी ने माला पहनाकर स्वागत किया।
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आढ़तों पर अब तक 16000 क्विंटल धान खरीदा गया
सरकारी धान खरीद केंद्रों पर भले ही किसान न पहुंच रहे हों, लेकिन आढ़तों पर खूब धान पहुंच रहा है। आढ़तों पर रोजाना दो-ढाई हजार क्विंटल धान खरीदा जा रहा है। मंडी सचिव सुधांशु ने बताया कि सोमवार को पांच-छह हजार क्विंंटल धान खरीदा गया। अब तक करीब 16 हजार क्विंटल धान खरीदा जा चुका है। आढ़तों पर 18 सौ से 1905 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर धान खरीदा जा रहा है।
आढ़तों पर किसानों की भीड़, सरकारी केंद्रों पर सन्नाटा
तिकुनिया। मंडी समिति परिसर में धान के छह सरकारी क्रय केंद्र खोले गए हैं। किसान आढ़तियों के हाथों 15 सौ से 16 सौ रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान बेच रहे हैं। आढ़तों पर किसानों की भीड़ रहती है, जबकि सरकारी क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है। धान लेकर आए चनैनी फार्म के सुरेंद्र सिंह, हरबाज खान, सलमान ने बताया कि सरकारी केंद्र बंद पड़े हैं। खरीद का सामान तो रखा है लेकिन खरीद नहीं हो रही है। सरकारी केंद्रों पर खरीद न हो पाने की वजह से ही आढ़तों पर 15 सौ रुपये में धान बेचना पड़ रहा है। इस बाबत सरकारी धान क्रय केंद्र के प्रभारी इंद्रजीत सिंह ने बताया कि किसानों का धान जरूर खरीदा जाएगा। धान गीला आने के कारण मानक के अनुरूप नहीं है। सूखा धान आते ही खरीद की जाएगी।
मोहम्मदी में नहीं शुरू हुई धान की खरीद
मोहम्मदी। गल्ला मंडी में सरकारी सेंटर खुले नौ दिन हो गए हैं, लेकिन अभी तक धान की खरीद शुरू नहीं हुई है। गल्ला मंडी में धान की खरीद करने के लिए सेंटर तैयार हैं, लेकिन किसान धान लेकर नहीं आ रहे हैं। यहां अब तक धान का एक दाना भी नहीं खरीदा जा सका है। विपणन अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि एक किसान टोकन काउंटर पर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूछने आया था। अभी कोई किसान धान लेकर नहीं आया है।