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Lakhimpur Kheri News: खेतों से धान समाप्त... फिर भी रोज दिखाई जा रही हजारों क्विंटल की खरीद

Wed, 10 Dec 2025 02:17 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Wed, 10 Dec 2025 02:17 AM IST
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Paddy is gone from the fields... yet thousands of quintals are being purchased daily
मंडी में लगे धान के बोरे-संवाद
लखीमपुर खीरी। धान खरीद को दो महीने बीत चुके हैं। खेतों में धान समाप्त हो चुका है। नई फसल की बोआई चल रही है। वहीं, सरकारी क्रय केंद्रों पर रोज हजारों क्विंटल की खरीद दिखाई जा रही है। फड़ों पर किसानों के न होने के बाद भी लगातार बढ़ रही खरीद को लेकर लोग तमाम तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। यह जिलेभर के सभी क्रय केंद्रों पर चल रहा है।
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धान की फसल कट जाने के बाद पूरे जिले में अब गेहूं फसल की बोआई का कार्य तेजी के साथ किया जा रहा है। इसी के साथ ही शरदकालीन गन्ना, चना, मटर, मसूर दाल के अलावा धनिया बोआई की जा रही है। इस बार 2.20 लाख एमटी खरीद का लक्ष्य दिया गया है। लक्ष्य के सापेक्ष 35 प्रतिशत यानी 80 हजार एमटी की खरीद की जा सकी है।
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इन दिनों जो भी क्रय केंद्रों पर खरीदारी पोर्टल पर दिखाई जा रही है, वह सीधे किसानों से नहीं, बल्कि आढ़तों के अलावा राइस मिलों के मालिकान से खरीद की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि खरीद की शुरुआत होते ही राइस मिलर्स ने आढ़तियों के दम पर लाखों क्विंटल धान की खरीद कर चुके हैं। धान अब क्रय केंद्रों पर तुलवाया जा रहा है। राइस मिलर्स ने किसानों से 16 से लेकर 18 सौ रुपये क्विंटल तक खरीदा गया धान अब 2389 रुपयों के भाव बिक्री किया जा रहा है।
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बताते चलें कि क्रय केंद्रों पर किसान भले ही न आ रहे हों, लेकिन पोर्टल हर रोज लाखों क्विंटल की खरीद कर रहा है। सूत्र बताते हैं कि राइस मिलों के साथ ही क्रय केंद्रों पर कथित तौर से बैठने वाले कर्मी गांव गांव टहल कर छोटे किसानों को ढूंढ रहे हैं। उन्हें छोटा सा प्रलोभन देकर क्रय केंद्र तक लाकर उनके नाम पर खरीद दिखाई जा रही है। बस्तौल निवासी कुलविंदर सिंह ने बताया कि उन्होंने अपना धान राइस मिल पर तुलवाया था। इसके बदले उन्हें 1850 रुपये के हिसाब से कीमत मिली थी। लेकिन वह केंद्र पर अंगूठा लगवाने के लिए आए थे। हालांकि उन्होंने प्रलोभन वाली बात पर चुप्पी साध ली। ऐसे ही तमाम भोलेभाले किसान इनका शिकार हो रहे हैं।

सबसे ज्यादा खरीद फड़ नंबर पांच और सात पर

राजापुर मंडी में बने पांच और सात नंबर फड़ पर इन दिनों सबसे ज्यादा खरीद दिखाई जा रही है। फर्जीवाड़े का मसला यह है कि गोला में सरकारी केंद्र होने के बाद भी गोला की कल्पना देवी से 226 क्विंटल की खरीद दर्शाई गई। छह तारीख में सात किसानों से खरीद हुई। इनमें 80-80 क्विंटल राजीव और कर्म सिंह शामिल है जबकि सुमित वर्मा से 82 क्विंटल की खरीद की गई।

फर्जीवाड़े को लेकर छिपाया जा रहा किसानों का पता



-पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो पांच दिसंबर को तीन किसानों से क्रय केंद्रों पर खरीदारी की गई। इसमें हरीश कुमार से 80 क्विंटल 60 किलो, अचला देवी से 54 क्विंटल व नसरुद्दीन से 15.88 एमटी की खरीद हुई। वहीं छह दिसंबर को दो किसानों नाजिम और हसन से 102 क्विंटल और 196 क्विंटल धान की खरीद हुई। वहीं आठ को विजय लक्ष्मी से 35 क्विंटल व प्रतिभा से 264 क्विंटल की खरीद की गई। फर्जीवाड़े का आलम यह है कि पोर्टल पर किसानों के दर्ज किए गए पते अस्पष्ट हैं, ताकि कोई भी किसान की जानकारी एकत्र न कर सके।
वर्जन
राइस मिलों से खरीद के मामले की जानकारी मुझे नहीं है। अगर इस तरह का कोई मामला संज्ञान में आता है तो संबंधित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई जरूर की जाएगी।

नरेंद्र बहादुर सिंह, एडीएम
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