{"_id":"5970b4ac4f1c1b2c778b4693","slug":"order-to-increase-handpumps-in-flood-affected-areas","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाढ़ग़्रस्त इलाकों में हैंडपंप उच्चीकृत करने के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाढ़ग़्रस्त इलाकों में हैंडपंप उच्चीकृत करने के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Thu, 20 Jul 2017 11:29 PM IST
विज्ञापन
सूख्ाे हैंडपंप
- फोटो : अमर उजाला
दर्जनों गांवों में संक्रमित पेयजल से बीमारियों के फैलने का खतरा
जिले की पलिया, धौरहरा, निघासन और लखीमपुर तहसील क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ का प्रकोप बना हुआ है। निचले इलाकों में पानी भरने से हैंडपंप भी जलभराव की चपेट में आ गए हैं, जिनका पानी लोगों की सेहत केे लिए खतरा बन सकता है। लिहाजा सरकार ने इन गांवों में स्वचछ पेयजल मुहैया कराने के लिए हैंडपंप उच्चीकृत करने के आदेश दिए हैं।
पहाड़ों पर हो रही तेज बारिश और नेपाली नदियां उफनाने से दर्जनों गांव बाढ़ के पानी में घिर गए हैं। हैंडपंप के चारों ओर पानी भरा होने से इनका पानी संक्रमित हो गया है। दैवीय आपदा विभाग ने ऐसे करीब 80 गांवों की सूची शासन को भेजी है, जिनमें पेयजल की समस्या गहरा गई है। डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद ने बताया कि ऐसे गांवों में कम से कम एक हैंडपंप जरूर उच्चीकृत किया जाएगा। इसके लिए संबंधित ब्लाकों के एडीओ (पंचायत) को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर गांव के दूसरे हैंडपंप को भी उच्चीकृत किया जा सकता है।
विज्ञापन
जिले की पलिया, धौरहरा, निघासन और लखीमपुर तहसील क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ का प्रकोप बना हुआ है। निचले इलाकों में पानी भरने से हैंडपंप भी जलभराव की चपेट में आ गए हैं, जिनका पानी लोगों की सेहत केे लिए खतरा बन सकता है। लिहाजा सरकार ने इन गांवों में स्वचछ पेयजल मुहैया कराने के लिए हैंडपंप उच्चीकृत करने के आदेश दिए हैं।
पहाड़ों पर हो रही तेज बारिश और नेपाली नदियां उफनाने से दर्जनों गांव बाढ़ के पानी में घिर गए हैं। हैंडपंप के चारों ओर पानी भरा होने से इनका पानी संक्रमित हो गया है। दैवीय आपदा विभाग ने ऐसे करीब 80 गांवों की सूची शासन को भेजी है, जिनमें पेयजल की समस्या गहरा गई है। डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद ने बताया कि ऐसे गांवों में कम से कम एक हैंडपंप जरूर उच्चीकृत किया जाएगा। इसके लिए संबंधित ब्लाकों के एडीओ (पंचायत) को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर गांव के दूसरे हैंडपंप को भी उच्चीकृत किया जा सकता है।
विज्ञापन