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Lakhimpur Kheri News: सिर्फ चार आपत्तियों में सिमटा सर्किल रेट बढ़ोतरी का विरोध
Mon, 31 Aug 2026 11:16 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 31 Aug 2026 11:16 PM IST
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लखीमपुर खीरी। जिले में प्रस्तावित सर्किल रेट की बढ़ोतरी के विरोध में सिर्फ चार आपत्तियां आई हैं। पलिया, मोहम्मदी, धौरहरा और सदर तहसील से एक-एक आपत्ति मिली है। चारों में सर्किल रेट नहीं बढ़ाने की मांग की गई है। अब डीएम की अध्यक्षता वाली जिलास्तरीय कमेटी दो दिन में इनका निस्तारण करेगी।
जिले में जमीन के सर्किल रेट 10 से 12 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। शहर में सबसे महंगी जमीन मेन रोड और बस अड्डा रोड पर है। वहीं प्रतिशत के हिसाब से सबसे अधिक बढ़ोतरी इमली चौराहा रोड की जमीनों के रेट में प्रस्तावित की गई है। इसके अलावा सड़क की चौड़ाई के हिसाब से जमीनों के रेट तय किए गए हैं।
प्रस्तावित सूची पर 29 अगस्त तक आपत्तियां मांगी गई थीं। इस अवधि में केवल चार आपत्तियां आईं। अब आपत्तियां और सुझाव स्वीकार नहीं किए जाएंगे। पलिया कलां बार एसोसिएशन ने सहायक महानिरीक्षक निबंधन को पत्र देकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जमीन के दाम नहीं बढ़ाने की मांग की। एसोसिएशन ने कहा कि पलिया तहसील का बड़ा हिस्सा बाढ़ प्रभावित है। कई गांव जलमग्न होते हैं और फसलों को भी नुकसान पहुंचता है। ऐसे में जमीन की दर बढ़ने से किसानों और ग्रामीणों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा।
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धौरहरा अधिवक्ता संघ ने भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों समेत अन्य बिंदुओं का हवाला देकर सर्किल रेट नहीं बढ़ाने की मांग की है। मोहम्मदी और सदर तहसील से आई एक-एक आपत्ति में भी रेट न बढ़ाने की मांग की गई है। एआईजी स्टांप अमिताभ कुमार ने बताया कि आपत्तियों का निस्तारण जिलास्तरीय कमेटी की ओर से किया जाएगा।
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जिले में जमीन के सर्किल रेट 10 से 12 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। शहर में सबसे महंगी जमीन मेन रोड और बस अड्डा रोड पर है। वहीं प्रतिशत के हिसाब से सबसे अधिक बढ़ोतरी इमली चौराहा रोड की जमीनों के रेट में प्रस्तावित की गई है। इसके अलावा सड़क की चौड़ाई के हिसाब से जमीनों के रेट तय किए गए हैं।
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प्रस्तावित सूची पर 29 अगस्त तक आपत्तियां मांगी गई थीं। इस अवधि में केवल चार आपत्तियां आईं। अब आपत्तियां और सुझाव स्वीकार नहीं किए जाएंगे। पलिया कलां बार एसोसिएशन ने सहायक महानिरीक्षक निबंधन को पत्र देकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जमीन के दाम नहीं बढ़ाने की मांग की। एसोसिएशन ने कहा कि पलिया तहसील का बड़ा हिस्सा बाढ़ प्रभावित है। कई गांव जलमग्न होते हैं और फसलों को भी नुकसान पहुंचता है। ऐसे में जमीन की दर बढ़ने से किसानों और ग्रामीणों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा।
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धौरहरा अधिवक्ता संघ ने भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों समेत अन्य बिंदुओं का हवाला देकर सर्किल रेट नहीं बढ़ाने की मांग की है। मोहम्मदी और सदर तहसील से आई एक-एक आपत्ति में भी रेट न बढ़ाने की मांग की गई है। एआईजी स्टांप अमिताभ कुमार ने बताया कि आपत्तियों का निस्तारण जिलास्तरीय कमेटी की ओर से किया जाएगा।