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किसके सिर पर सजेगा विधायकी का ताज, इसी में बीता पूरा दिन
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चुनाव पर चर्चा करते ग्रामीण।
विधानसभा चुनाव 2022 ः पान की दुकान हो या फिर होटल, हर जगह चुनाव पर बातें करते दिखे लोग की चर्चा
लखीमपुर खीरी। विधानसभा चुनाव के तहत जिले में बुधवार को मतदान हुआ। मतदान बाद से लेकर बृहस्पतिवार को दिन भर में शहर में मतदान की चर्चा होती रही। मोहल्लों की गली हो या फिर नुक्कड़, जहां भी चार लोग इकठ्ठा होते वहीं पर चुनावी चर्चा शुरू हो जाती है। सदर से लेकर जिले की सभी विधानसभाओं का सिकंदर कौन होगा, इसको लेकर हर कोई सभी के अपने अपने तर्क थे। कोई सपा भाजपा में सीधी टक्कर होना बता रहा था तो कोई त्रिकोणीय संघष का दावा कर रहा था। हालांकि मतदान प्रतिशत और बूथों पर उमड़ी भीड़ को देखते हुए कौन बनेगा विजेता इसका अंदाजा लगा पाना आसान नहीं है।
तिकुनिया। बीते 15 दिनों से चुनाव में मशगूल सभी पार्टी के कार्यकर्ता अब दुकानों होटलों पर बैठकर जीत हार की चर्चा में मशगूल हैं। कोई कमल को जिताने की बाजी लगा रहा है तो कोई साइकिल को जिताकर खुशियां मना रहा है, तो कोई बसपा का दावा ठोक रहा है। यहां तक कि लोगों ने अपनी-अपनी गणित के आधार पर बाजी भी लगा दी है। कौन जीतेगा कौन बनेगा निघासन का विधायक यह सब भविष्य के गर्भ में है। कार्यकर्ता बताते हैं कि गांव में सरकार द्वारा बांटा गया राशन नमक और तेल काफी काम कर रहा है, जिसके दम पर गरीब जनता ने भरपूर मतदान किया है। वहीं पशुओं से नष्ट हो रही फसलों को लेकर डीजल पेट्रोल गैस की महंगाई को लेकर भाजपा से अलग हुआ मतदाता सपा के पाले में आया है। इसको लेकर सपा उत्साहित है।
पलिया/संपूर्णानगर। पलिया विधानसभा का मतदान हो जाने के बाद बृहस्पतिवार को तिराहों व चौराहों पर लोग चुनाव की चर्चा करते नजर आए। वहीं मतदान निपटने के बाद प्रत्याशी राहत महसूस कर रहे हैं।
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पलिया के मौनी बाबा तिराहे, सिनेमा चौराहे, स्टेशन तिराहे आदि पर लोग सुबह-सुबह चाय की चुस्कियों के साथ अपनी-अपनी राय देते नजर आए। कोई सपा की सरकार ला रहा था तो कोई भाजपा की। उधर, संपूर्णानगर में मिल तिराहे पर मौजूद गुरवचन, अफसरी अली, कमरूद्दीन, हरप्रीत आदि जहां साइकिल दौड़ा रहे थे वहीं सूरज एक बार फिर से कमल खिला रहे थे। यही आलम पूरे कस्बा में जगह-जगह देखा गया।
मितौली। कस्ता विधानसभा में चुनाव के दूसरे दिन कस्बे की एक दुकान पर कुछ लोग बैठकर चुनाव की चर्चा करते नजर आए। लोग चुनाव की चर्चा तो कर रहे थे, लेकिन खुलकर किसी भी पार्टी का समर्थन करने से बच रहे थे। सेमराग्रंट के विजय पाल बताया की विकास को ध्यान के रखकर वोट किया है। शिवशरण का कहना है की 10 मार्च को परिवर्तन आएगा।
मतदाताओं की भीड़ चौंकाने वाला देगी परिणाम
मतदान तो बुधवार को निपट गया। मगर, बृहस्पतिवार को हर तरफ चुनावी चर्चा होती रही। कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं के बीच भी प्रत्याशियों की जीत को लेकर बहस चल रही थी। चाय की चुस्कियों के साथ अधिवक्ता विभिन्न मुद्दों को लेकर जीत हार का आंकलन कर रहे थे। अधिवक्ता संघ के पूर्व महामंत्री महेंद्र तिवारी का तर्क था कि इस बार वोट प्रतिशत काफी अच्छा रहा है। ऐसे में परिणाम चौंकाने वाले हो सकते हैं। इसलिए जीत का सेहरा किसके सिर होगा इसका अंदाजा लगाना आसान नहीं है। वहीं यदुवेंद वर्मा का तर्क कि मतदाताओं की चुप्पी ने मुकाबला रोमांचक कर दिया है। नवनीत शुक्ला का कहना था कि प्रत्याशियों का किस्मत ईवीएम में कैद हो चुकी है। अब 10 मार्च का इंतजार रहेगा।
मुख्य लड़ाई सपा भाजपा में, अब 10 मार्च का इंतजार
जिला सहकारी बैंक के सामने चाय की दुकान पर कुछ लोग शहर निवासी और ग्रामीण मोहम्मदी के मौजूद थे। चाय नाश्ता करते करते सभी के बीच चुनाव चर्चा शुरू हो गई। मोहम्मदी के कचनार निवासी शिव कुमार और पाल चौक निवासी नत्थूलाल का कहना था कि हमारे यहां तो मुख्य मुकाबला सपा भाजपा के बीच रहा। देखो, किसके सिर जीत का सेहरा बंधता है। तो वहीं सुआगाढ़ा निवासी प्रमोद सिंह, संकटा देवी निवासी देवेंद्र श्रीवास्तव, नौरंगाबाद निवासी अभिषेक सिंह एवं रामनगर निवासी महिपाल सिंह का कहना था कि शहर के कुछ बूथों पर सपा भाजपा तो कुछ बूथों पर सपा, भाजपा व बसपा में टक्कर देखने को मिली। ऐसे में मामला त्रिकोणीय दिख रहा है। हालांकि वोटिंग प्रतिशत देखकर सिकंदर बनने का अनुमान लगा पाना बेहद मुश्किल है।
चौपालों में समर्थक लगाते रहे जीत हार की गुणा भाग
मोहम्मदी। विधानसभा चुनाव का मतदान बुधवार को हो गया। इसी के साथ उम्मीदवारों का भाग्य ईवीएम में कैद हो गया। सभी उम्मीदवार अपनी-अपनी जीत की पूरी आस लगाए हुए हैं। वहीं समर्थक हार जीत को लेकर गुणा भाग लगा रहे हैं।
चुनाव होने से पहले जनता का विश्वास जीतने के लिए प्रत्याशियों ने पूरी ताकत लगाई थी। किसकी मेहनत रंग ला रही है दस मार्च को नतीजा सभी के सामने होगा लेकिन समर्थकों ने बूथों पर पड़े वोटों की गिनती शुरू कर जीत हार के आंकड़ों पर चर्चा करना शुरू कर दिया है। समर्थक गांवों में चौपाल लगाकर कर हार जीत पर चर्चा कर रहे हैं। किस मतदान केंद्र पर कितने और किसको वोट मिले। कौन सा वोट कटा, किसने किसको वोट किया। यह सब बातें लोग गांवों में चौपाल लगाकर उंगलियों पर गिन रहे हैं और हार जीत का आंकड़ा लगा रहे हैं। संवाद
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लखीमपुर खीरी। विधानसभा चुनाव के तहत जिले में बुधवार को मतदान हुआ। मतदान बाद से लेकर बृहस्पतिवार को दिन भर में शहर में मतदान की चर्चा होती रही। मोहल्लों की गली हो या फिर नुक्कड़, जहां भी चार लोग इकठ्ठा होते वहीं पर चुनावी चर्चा शुरू हो जाती है। सदर से लेकर जिले की सभी विधानसभाओं का सिकंदर कौन होगा, इसको लेकर हर कोई सभी के अपने अपने तर्क थे। कोई सपा भाजपा में सीधी टक्कर होना बता रहा था तो कोई त्रिकोणीय संघष का दावा कर रहा था। हालांकि मतदान प्रतिशत और बूथों पर उमड़ी भीड़ को देखते हुए कौन बनेगा विजेता इसका अंदाजा लगा पाना आसान नहीं है।
तिकुनिया। बीते 15 दिनों से चुनाव में मशगूल सभी पार्टी के कार्यकर्ता अब दुकानों होटलों पर बैठकर जीत हार की चर्चा में मशगूल हैं। कोई कमल को जिताने की बाजी लगा रहा है तो कोई साइकिल को जिताकर खुशियां मना रहा है, तो कोई बसपा का दावा ठोक रहा है। यहां तक कि लोगों ने अपनी-अपनी गणित के आधार पर बाजी भी लगा दी है। कौन जीतेगा कौन बनेगा निघासन का विधायक यह सब भविष्य के गर्भ में है। कार्यकर्ता बताते हैं कि गांव में सरकार द्वारा बांटा गया राशन नमक और तेल काफी काम कर रहा है, जिसके दम पर गरीब जनता ने भरपूर मतदान किया है। वहीं पशुओं से नष्ट हो रही फसलों को लेकर डीजल पेट्रोल गैस की महंगाई को लेकर भाजपा से अलग हुआ मतदाता सपा के पाले में आया है। इसको लेकर सपा उत्साहित है।
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पलिया/संपूर्णानगर। पलिया विधानसभा का मतदान हो जाने के बाद बृहस्पतिवार को तिराहों व चौराहों पर लोग चुनाव की चर्चा करते नजर आए। वहीं मतदान निपटने के बाद प्रत्याशी राहत महसूस कर रहे हैं।
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पलिया के मौनी बाबा तिराहे, सिनेमा चौराहे, स्टेशन तिराहे आदि पर लोग सुबह-सुबह चाय की चुस्कियों के साथ अपनी-अपनी राय देते नजर आए। कोई सपा की सरकार ला रहा था तो कोई भाजपा की। उधर, संपूर्णानगर में मिल तिराहे पर मौजूद गुरवचन, अफसरी अली, कमरूद्दीन, हरप्रीत आदि जहां साइकिल दौड़ा रहे थे वहीं सूरज एक बार फिर से कमल खिला रहे थे। यही आलम पूरे कस्बा में जगह-जगह देखा गया।
मितौली। कस्ता विधानसभा में चुनाव के दूसरे दिन कस्बे की एक दुकान पर कुछ लोग बैठकर चुनाव की चर्चा करते नजर आए। लोग चुनाव की चर्चा तो कर रहे थे, लेकिन खुलकर किसी भी पार्टी का समर्थन करने से बच रहे थे। सेमराग्रंट के विजय पाल बताया की विकास को ध्यान के रखकर वोट किया है। शिवशरण का कहना है की 10 मार्च को परिवर्तन आएगा।
मतदाताओं की भीड़ चौंकाने वाला देगी परिणाम
मतदान तो बुधवार को निपट गया। मगर, बृहस्पतिवार को हर तरफ चुनावी चर्चा होती रही। कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं के बीच भी प्रत्याशियों की जीत को लेकर बहस चल रही थी। चाय की चुस्कियों के साथ अधिवक्ता विभिन्न मुद्दों को लेकर जीत हार का आंकलन कर रहे थे। अधिवक्ता संघ के पूर्व महामंत्री महेंद्र तिवारी का तर्क था कि इस बार वोट प्रतिशत काफी अच्छा रहा है। ऐसे में परिणाम चौंकाने वाले हो सकते हैं। इसलिए जीत का सेहरा किसके सिर होगा इसका अंदाजा लगाना आसान नहीं है। वहीं यदुवेंद वर्मा का तर्क कि मतदाताओं की चुप्पी ने मुकाबला रोमांचक कर दिया है। नवनीत शुक्ला का कहना था कि प्रत्याशियों का किस्मत ईवीएम में कैद हो चुकी है। अब 10 मार्च का इंतजार रहेगा।
मुख्य लड़ाई सपा भाजपा में, अब 10 मार्च का इंतजार
जिला सहकारी बैंक के सामने चाय की दुकान पर कुछ लोग शहर निवासी और ग्रामीण मोहम्मदी के मौजूद थे। चाय नाश्ता करते करते सभी के बीच चुनाव चर्चा शुरू हो गई। मोहम्मदी के कचनार निवासी शिव कुमार और पाल चौक निवासी नत्थूलाल का कहना था कि हमारे यहां तो मुख्य मुकाबला सपा भाजपा के बीच रहा। देखो, किसके सिर जीत का सेहरा बंधता है। तो वहीं सुआगाढ़ा निवासी प्रमोद सिंह, संकटा देवी निवासी देवेंद्र श्रीवास्तव, नौरंगाबाद निवासी अभिषेक सिंह एवं रामनगर निवासी महिपाल सिंह का कहना था कि शहर के कुछ बूथों पर सपा भाजपा तो कुछ बूथों पर सपा, भाजपा व बसपा में टक्कर देखने को मिली। ऐसे में मामला त्रिकोणीय दिख रहा है। हालांकि वोटिंग प्रतिशत देखकर सिकंदर बनने का अनुमान लगा पाना बेहद मुश्किल है।
चौपालों में समर्थक लगाते रहे जीत हार की गुणा भाग
मोहम्मदी। विधानसभा चुनाव का मतदान बुधवार को हो गया। इसी के साथ उम्मीदवारों का भाग्य ईवीएम में कैद हो गया। सभी उम्मीदवार अपनी-अपनी जीत की पूरी आस लगाए हुए हैं। वहीं समर्थक हार जीत को लेकर गुणा भाग लगा रहे हैं।
चुनाव होने से पहले जनता का विश्वास जीतने के लिए प्रत्याशियों ने पूरी ताकत लगाई थी। किसकी मेहनत रंग ला रही है दस मार्च को नतीजा सभी के सामने होगा लेकिन समर्थकों ने बूथों पर पड़े वोटों की गिनती शुरू कर जीत हार के आंकड़ों पर चर्चा करना शुरू कर दिया है। समर्थक गांवों में चौपाल लगाकर कर हार जीत पर चर्चा कर रहे हैं। किस मतदान केंद्र पर कितने और किसको वोट मिले। कौन सा वोट कटा, किसने किसको वोट किया। यह सब बातें लोग गांवों में चौपाल लगाकर उंगलियों पर गिन रहे हैं और हार जीत का आंकड़ा लगा रहे हैं। संवाद