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डीएम के तबादले पर दुधवा में जश्न
ब्यूरो पलियाकलां।
Updated Mon, 28 Mar 2016 10:50 PM IST
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दुधवा में जश्न
- फोटो : अमर उजाला
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ढोल नगाड़ों पर खूब थिरके कर्मी, बांटी मिठाई
डीएम किंजल सिंह का स्थानांतरण फैजाबाद हो जाने के बाद दुधवा के कर्मियों की खुशी का ठिकाना न रहा। वह सोमवार को पलिया मुख्यालय पर एकत्र हुए और जम कर जश्न मनाते हुए ढोल नगाड़ों पर खूब थिरके। इसके बाद उन्होंने मिठाई भी बांटी।
मामला नवंबर माह से चर्चा में आया था। तत्कालीन डीडी पीपी सिंह और डीएम के बीच विवाद और साथ ही कर्मियों ने भी डीएम पर अभद्रता, परेशान किए जाने आदि कई गंभीर आरोप लगाते हुए आंदोलन शुरू कर दिया था। इसके बाद बीच में बैठक हुईं और फिर मामला शांत हो गया लेकिन एक बार फिर दिसंबर माह में यह प्रकरण गर्माया और दुधवा कर्मी फिर से हड़ताल पर चले गए। कई प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मियों के बीच समझौते के बाद यह हड़ताल और आंदोलन खत्म हुआ। लेकिन 27 जनवरी से फिर आंदोलन शुरू हो गया। इस बार दुधवा के जिप्सी चालकों ने डीएम पर उत्पीड़न का आरोप लगाया और इसमें फेडरेशन आफ फारेस्ट के बैनर तले दुधवा कर्मी भी शामिल हो लिए। उन्होंने डीएम पर कार्रवाई की मांग करते हुए शस्त्र, हाथी आदि भी जमा कर दिए और दुधवा की सुरक्षा भी बंद हो गई। करीब एक माह नौ दिन बाद यहां आए प्रधान प्रमुख वन संरक्षक रूपक डे ने उनसे वार्ता की। इसमें उन्होंने कर्मियों से आंदोलन वापस लेने की बात कहकर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। कर्मियों ने हड़ताल वापस ले ली लेकिन कार्रवाई न होने का मलाल उनके भीतर था। रविवार को जब उनको खबर मिली कि डीएम किंजल सिंह का स्थानांतरण फैजाबाद हो गया है तो उनकी खुशी का ठिकाना न रहा और सोमवार को सभी दुधवा मुख्यालय में एकत्र हुए। यहां उन्होंने ढोल नगाड़ों पर खूब डांस किया। इसके बाद मिठाई बांटी।
डीएम किंजल सिंह का स्थानांतरण फैजाबाद हो जाने के बाद दुधवा के कर्मियों की खुशी का ठिकाना न रहा। वह सोमवार को पलिया मुख्यालय पर एकत्र हुए और जम कर जश्न मनाते हुए ढोल नगाड़ों पर खूब थिरके। इसके बाद उन्होंने मिठाई भी बांटी।
मामला नवंबर माह से चर्चा में आया था। तत्कालीन डीडी पीपी सिंह और डीएम के बीच विवाद और साथ ही कर्मियों ने भी डीएम पर अभद्रता, परेशान किए जाने आदि कई गंभीर आरोप लगाते हुए आंदोलन शुरू कर दिया था। इसके बाद बीच में बैठक हुईं और फिर मामला शांत हो गया लेकिन एक बार फिर दिसंबर माह में यह प्रकरण गर्माया और दुधवा कर्मी फिर से हड़ताल पर चले गए। कई प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मियों के बीच समझौते के बाद यह हड़ताल और आंदोलन खत्म हुआ। लेकिन 27 जनवरी से फिर आंदोलन शुरू हो गया। इस बार दुधवा के जिप्सी चालकों ने डीएम पर उत्पीड़न का आरोप लगाया और इसमें फेडरेशन आफ फारेस्ट के बैनर तले दुधवा कर्मी भी शामिल हो लिए। उन्होंने डीएम पर कार्रवाई की मांग करते हुए शस्त्र, हाथी आदि भी जमा कर दिए और दुधवा की सुरक्षा भी बंद हो गई। करीब एक माह नौ दिन बाद यहां आए प्रधान प्रमुख वन संरक्षक रूपक डे ने उनसे वार्ता की। इसमें उन्होंने कर्मियों से आंदोलन वापस लेने की बात कहकर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। कर्मियों ने हड़ताल वापस ले ली लेकिन कार्रवाई न होने का मलाल उनके भीतर था। रविवार को जब उनको खबर मिली कि डीएम किंजल सिंह का स्थानांतरण फैजाबाद हो गया है तो उनकी खुशी का ठिकाना न रहा और सोमवार को सभी दुधवा मुख्यालय में एकत्र हुए। यहां उन्होंने ढोल नगाड़ों पर खूब डांस किया। इसके बाद मिठाई बांटी।
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