Lakhimpur Kheri: नोटिस की मियाद पूरी, फिर भी नहीं हटा शत्रु संपत्ति से कब्जा, वकीलों ने किया प्रदर्शन
धौरहरा तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत अमेठी में 116 बीघा शत्रु संपत्ति पर लोगों ने कब्जा कर रखा है। तहसील प्रशासन ने यह भूमि राज्य सरकार में निहित कर दी, फिर भी लोगों ने कब्जा नहीं छोड़ा है।
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लखीमपुर खीरी से पाकिस्तान गए खातेदार की 116 बीघा जमीन अमेठी ग्राम पंचायत में थी, जिस पर अवैध रूप से धौरहरा कस्बे के ही लोगों ने कब्जा कर रखा है। दो माह पूर्व चकबंदी अधिकारी ने उस भूमि को राज्य सरकार में निहित किया था। इसके बाद बेदखली नोटिस तहसीलदार ने जारी किया था। लेकिन नोटिस मियाद पूरी होने के बाद भी प्रशासन भूमि खाली नहीं करा सका। जिससे नाराज अधिवक्ताओं ने तहसील में प्रदर्शन करते हुए भूमि खाली कराने की मांग की।
धौरहरा तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत अमेठी में 116 बीघा शत्रु संपत्ति पर लोग लंबे अरसे से काबिज है। यह जमीन भारत पाकिस्तान बंटवारे के बाद पाकिस्तान गए खातेदार मोहम्मद सद्दीक वारिद हाल पाकिस्तान के नाम ही अब तक खतौनी में अंकित रही। जब कब्जेदारों ने चकबंदी अधिकारी के समक्ष वरासत का दावा प्रस्तुत किया, तो इसका खुलासा हुआ। 28 अक्टूबर को चकबंदी अधिकारी ने उक्त वरासत के दावे को बलहीन बताते हुए भूमि को राज्य सरकार में निहित कर दिया।
16 दिसंबर तक थी मियाद
अब बारी थी राज्य सरकार की जमीन से कब्जेदारों को बेदखल करना। लेकिन तहसील प्रसाशन ने इधर ध्यान नहीं दिया। बीते 28 नवंबर को अधिवक्ताओं के साथ हिंदू संगठनों ने शत्रु संपत्ति से कब्जेदारों को बेदखल करने के लिए एसडीएम राजेश कुमार को ज्ञापन सौंपा। जिस पर बेदखली आदेश के बाद तहसीलदार आदित्य विशाल ने 16 दिसंबर तक भूमि खाली करने का अंतिम नोटिस जारी किया।
नोटिस की मियाद पूरी होने पर भी प्रशासन भूमि खाली नहीं करा सका। इस पर बुधवार को तहसील में अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए जल्द भूमि खाली कराने की मांग की। तहसीलदार आदित्य विशाल ने बताया कि पलिया में चुनाव के चलते पुलिस बल नहीं मिलने की वजह से देरी हुई है। पुलिस बल मिलते ही भूमि खाली कराई जाएगी।
शत्रु संपत्ति में लगे 18 पेड़ काट ले गए कब्जेदार
लोगों ने बताया कि जमीन पर बेदखली नोटस के बाद शत्रु संपत्ति में लगे 18 पेड़ों को कब्जेदार काटकर ले गए। खेतों में लगी गन्ना की फसल काट गेंहू भी बो दिया। इसकी शिकायत के बाद भी अब तब प्रशासन ने दोषियों के विरुद्ध कोई कारवाई नहीं की है। एसडीएम राजेश कुमार ने बताया यदि पेड़ काटे गए हैं तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।