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प्रशिक्षण हुआ नहीं और भेज दिया ऑडिट का रोस्टर
अमर उजाला ब्यूरो /लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 25 Jul 2016 10:54 PM IST
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pradarshan
- फोटो : amar ujala
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सोशल आडिट सदस्य संगठन ने भी जताया विरोध
उत्तर प्रदेश सोशल ऑडिट सदस्य संगठन के प्रदेश संयोजक मुश्ताक अली अंसारी ने कहा कि निदेशालय भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में सहायक सोशल ऑडिट प्रक्रिया के प्रति कतई गंभीर नहीं है। टीमों का चयन करने के तीन माह बाद भी प्रशिक्षण नहीं दिया गया है और निदेशालय ने सिर्फ चार ब्लाकों में सोशल ऑडिट प्रारंभ करने का रोस्टर जारी कर दिया है, जो सोशल ऑडिट प्रक्रिया को पटरी से उतारने की साजिश है।
विलोबी मेमोरियल हाल परिसर में संगठन के सदस्यों ने बैठक कर अफसरशाही के खिलाफ संघर्ष छेड़ने की रणनीति बनाई। सत्र 2016-17 में सोशल ऑडिट टीमों का चयन करने के बाद उन्हें प्रशिक्षण न दिए जाने पर अधिकारियों की मंशा पर सवाल उठाए गए। खासकर जिले 15 में से सिर्फ चार ब्लाकों में सोशल ऑडिट कराने के लिए रोस्टर जारी हुआ, जिस पर सभी ने आपत्ति जताते हुए एक साथ सभी ब्लाकों का रोस्टर जारी करने की मांग उठाई। संयोजक मुश्ताक अली अंसारी ने कहा कि निदेशालय की इस मनमानी से मनरेगा और आवास योजना में भ्रष्टाचार को संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने मांग उठाई कि सभी ब्लाकों में टीमों को प्रशिक्षण देने के उपरांत एक अगस्त से नया रोस्टर जारी किया जाए। मांग पूरी न होने पर संगठन ने लखनऊ में गांधी प्रतिमा पर धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी। बैठक में जिला संयोजक अली बहादुर, संतोष कुमार गौड़, श्रवण कुमार, बनवारी लाल, जितेंद्र कुमार, सच्चिदानंद गुप्ता, सुनीता देवी, आकांक्षा मिश्रा, पूजा गुप्ता, आलोक कुमार, निशा श्रीवास्तव, ललित गुप्ता, नसरीन बानो मौजूद रहे।
निदेशालय ने चार ब्लाकों के लिए त्रुटिवश रोस्टर जारी किया था, जिसे वापस ले लिया है। जल्द ही नए सिरे से रोस्टर जारी किया जाएगा, जिससे पहले सोशल ऑडिट टीमों का प्रशिक्षण कराया जाएगा।
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-अनिल कुमार सिंह, डीडीओ
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उत्तर प्रदेश सोशल ऑडिट सदस्य संगठन के प्रदेश संयोजक मुश्ताक अली अंसारी ने कहा कि निदेशालय भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में सहायक सोशल ऑडिट प्रक्रिया के प्रति कतई गंभीर नहीं है। टीमों का चयन करने के तीन माह बाद भी प्रशिक्षण नहीं दिया गया है और निदेशालय ने सिर्फ चार ब्लाकों में सोशल ऑडिट प्रारंभ करने का रोस्टर जारी कर दिया है, जो सोशल ऑडिट प्रक्रिया को पटरी से उतारने की साजिश है।
विलोबी मेमोरियल हाल परिसर में संगठन के सदस्यों ने बैठक कर अफसरशाही के खिलाफ संघर्ष छेड़ने की रणनीति बनाई। सत्र 2016-17 में सोशल ऑडिट टीमों का चयन करने के बाद उन्हें प्रशिक्षण न दिए जाने पर अधिकारियों की मंशा पर सवाल उठाए गए। खासकर जिले 15 में से सिर्फ चार ब्लाकों में सोशल ऑडिट कराने के लिए रोस्टर जारी हुआ, जिस पर सभी ने आपत्ति जताते हुए एक साथ सभी ब्लाकों का रोस्टर जारी करने की मांग उठाई। संयोजक मुश्ताक अली अंसारी ने कहा कि निदेशालय की इस मनमानी से मनरेगा और आवास योजना में भ्रष्टाचार को संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने मांग उठाई कि सभी ब्लाकों में टीमों को प्रशिक्षण देने के उपरांत एक अगस्त से नया रोस्टर जारी किया जाए। मांग पूरी न होने पर संगठन ने लखनऊ में गांधी प्रतिमा पर धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी। बैठक में जिला संयोजक अली बहादुर, संतोष कुमार गौड़, श्रवण कुमार, बनवारी लाल, जितेंद्र कुमार, सच्चिदानंद गुप्ता, सुनीता देवी, आकांक्षा मिश्रा, पूजा गुप्ता, आलोक कुमार, निशा श्रीवास्तव, ललित गुप्ता, नसरीन बानो मौजूद रहे।
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निदेशालय ने चार ब्लाकों के लिए त्रुटिवश रोस्टर जारी किया था, जिसे वापस ले लिया है। जल्द ही नए सिरे से रोस्टर जारी किया जाएगा, जिससे पहले सोशल ऑडिट टीमों का प्रशिक्षण कराया जाएगा।
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-अनिल कुमार सिंह, डीडीओ