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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Not even basic facilities in Mohammadi Nagar Palika of Lakhimpur kheri

UP Nikay Chunav 2023: कभी जिला मुख्यालय का था रुतबा, अब बुनियादी सुविधाएं भी नहीं, ऐसा है मोहम्मदी का हाल

Fri, 21 Apr 2023 10:05 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी
अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 21 Apr 2023 10:05 AM IST
सार

लखीमपुर खीरी की मोहम्मदी नगर पालिका परिषद में पहला चुनाव 1960 में हुआ था। अब्दुल सईद पहले चेयरमैन बने। तब से अब तक कई चुनाव हो चुके हैं, लेकिन यहां के लोग अभी भी बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं। 

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Not even basic facilities in Mohammadi Nagar Palika of Lakhimpur kheri
मोहम्मदी नगर पालिका परिषद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लखीमपुर खीरी में करीब 160 साल पहले तक जिला मुख्यालय का दर्जा रखने वाले मोहम्मदी को 1904 में नोटिफाइड एरिया का दर्जा मिला। 1960 में मोहम्मदी नगर का विस्तार करते हुए इसमें मोहल्ला शंकरपुर, इस्लामाबाद और बबौरी को शामिल कर इसे नगर पालिका का दर्जा दिया गया। 1960 में ही यहां पहला चुनाव हुआ और छब्बन साहब के नाम से प्रसिद्ध अब्दुल सईद मोहम्मदी नगर पालिका के अध्यक्ष बने। नगर पालिका बनने के बाद भी यह नगर नागरिक सुविधाओं से वंचित है। गंदगी और खराब सड़कें यहां की पहचान बनकर रह गईं।

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अब्दुल सईद के बाद जगन्नाथ प्रसाद गुप्त, रमेश चंद दीक्षित, श्याम बिहारी, रमेश चंद गुप्ता ने मोहम्मदी नगर पालिका की कमान संभाली। वर्ष 1995 में आरक्षण व्यवस्था लागू हुई और सामान्य सीट से सपा के मोहम्मद मुबीन खां अध्यक्ष चुने गए। वर्ष 2000 में मोहम्मदी नगर पालिका अध्यक्ष का पद महिला के लिए आरक्षित हुआ तो सपा की ही शकीला बेगम अध्यक्ष बन गईं। इसके बाद 2006 से अब तक अध्यक्ष पद पर भाजपा का कब्जा है। 
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वर्ष 2006 में भाजपा के संदीप मेहरोत्रा अध्यक्ष बने। 2012 में अध्यक्ष पद महिला के लिए आरक्षित हो गया तो संदीप मेहरोत्रा की पत्नी दुर्गा मेहरोत्रा चुनाव जीत कर अध्यक्ष बनीं। 2017 में सीट अनारक्षित हुई तो संदीप मेहरोत्रा फिर मैदान में उतरे और भारी मतों से चुनाव जीत कर अध्यक्ष बन गए। इस बार फिर यह सीट अनारक्षित है। नवीन सीमा विस्तार क्षेत्र को शामिल करते हुए 2011 की जनगणना के आधार पर यहां की जनसंख्या 47130 है, जो मौजूदा समय में बढ़कर करीब 70 हजार हो चुकी है।

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दो बार सपा तीन बार भाजपा को मिला मौका
मोहम्मदी नगर पालिका में सपा को दो बार और भाजपा को तीन बार मौका मिला है। सपा से 1995 में मुबीन खां अध्यक्ष बने, जबकि 2000 के चुनाव में महिला के लिए आरक्षण के चलते सपा से ही मुबीन खां की पत्नी शकीला बेगम चुनाव जीतीं। वर्ष 2006 में भाजपा के संदीप मेहरोत्रा, 2012 में भाजपा की दुर्गा मेहरोत्रा और 2017 में फिर संदीप मेहरोत्रा अध्यक्ष चुने गए।

मोहम्मदी नगर पालिका एक नजर में
नगर की आबादी - लगभग 70000
क्षेत्रफल - 07.53 वर्ग किलोमीटर
नगर में कुल वार्ड - 25

कुल मतदाता - 41012
महिला मतदाता - 19337
पुरुष मतदाता - 21675
युवा मतदाता - 5500

जातीय समीकरण
ब्राह्मण - 15 प्रतिशत
वैश्य - 16 प्रतिशत
मुस्लिम -  30 प्रतिशत
क्षत्रिय -  03 प्रतिशत
कायस्थ - 02 प्रतिशत
खत्री - 01 प्रतिशत
पिछड़ी जातियां -  25 प्रतिशत
दलित - 08 प्रतिशत
 

नगर की प्रमुख समस्याएं
- नगर में जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से जलभराव
- मंडी रोड नाले का निर्माण न होना
- नगर में पार्किंग की व्यवस्था न होना।
- सफाई व्यवस्था लचर होने से गंदगी का साम्राज्य
- स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था ठीक न होना।
- नगर में शुद्घ पेयजल आपूर्ति की समस्या।
- नगर में खस्ताहाल सड़कें

यह हैं चुनाव मैदान में
नगर पालिका मोहम्मदी में अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों में भाजपा से संदीप मेहरोत्रा, सपा से कार्तिक तिवारी, कांग्रेस से प्रद्युमन मिश्रा और बसपा से यूसुफ इदरीसी चुनाव मैदान में हैं। इनके अलावा दो निर्दलीय उम्मीदवार भी अपना भाग्य अजमा रहे हैं। यहां मुकाबला चतुष्कोणीय होने की संभावना है।

नगर की पहचान
नगर में स्थित मेंहदी बाग मोहम्मदी की खास पहचान है, जहां केतकी के फूल खिलते हैं। बताते हैं कि केतकी के फूल मोहम्मदी के मेंहदी बाग के अलावा कहीं और नहीं खिलते हैं। यहां का छोटी देवी मंदिर के नाम से प्राचीन देवी मंदिर में नगर और आसपास के कई जिले के लोगों की गहन आस्था है।

पुवायां रोड निवासी रेखा यादव ने बताया कि शहर में छुट्टा घूम रहे पशुओं की आम समस्या है विशेष रूप से बच्चों और महिलाओं को खतरा बना रहता है। रहीस खां बताते हैं कि नगर में जलभराव की समस्या है अशोक चौराहा, सरैया, नईबस्ती आदि जगहों पर बरसात में जलभराव की समस्या पैदा हो जाती है पानी के निकास की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए।

बबौरी के दिनेश वर्मा ने कहा कि नगर के मेनरोड अस्पताल रोड बाजारगंज में जाम लग जातीं है। ई-रिक्शा बाईक खड़े करने की व्यवस्था हो। एडवोकेट राम दिनेश वर्मा ने कहा कि कस्बे में साफ सफाई दुरुस्त हो। अतिक्रमण के चलते कस्बे में जाम लगती हो उससे जनता को निजात मिले।
 
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