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गन्ना भुगतान न होने से सड़क पर उतरे किसान
पलियाकलां
Updated Sat, 07 Feb 2015 10:31 PM IST
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गन्ना भुगतान न होने से परेशान किसान आखिरकार शनिवार को सड़कों पर उतर आए। उन्होंने राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन (राकिमसं) के बैनर तले एक महापंचायत की और बाद में जुलूस की शक्ल में तहसील पहुंचे और वहां धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने कमल चौराहे पर धरना देकर चक्काजाम भी दिया। करीब चार घंटे बाद एसडीएम ने किसानों को 14 फरवरी तक भुगतान कराने के आश्वासन पर मनाकर कर जाम तो खुलवा लिया लेकिन किसान संतुष्ट नहीं दिखाई दिए।
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने केन सोसायटी में एक महापंचायत की। इसमें संगठन के विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष मनप्रीत सिंह, उपाध्यक्ष हरेंद्र सिंह सोनी, नैयर खान, केन सोसायटी अध्यक्ष सुखदेव सिंह सुक्खा, इलियाज खान, तेजपाल सिंह चौधरी, धनश्याम दिवाकर, जयंत सिंह आदि तमाम वक्ताओं ने गन्ना भुगतान न होने से होने वाली दुश्वारियों को गिनाया और प्रशासन और सभी पार्टियों को आड़े हाथों लिया। पंचायत के बाद किसान जुलूस की शक्ल में तहसील गेट पहुंचे और वहां धरना दिया। इसके बाद करीब दो बजे जुलूस कमल चौराहे आया। यहां किसानाें ने धरना देकर चक्काजाम कर दिया।
सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में नायब तहसीलदार उन्हें मनाने आ गए लेकिन किसान नहीं माने। उनका प्रदर्शन जारी रहा इससे पलिया भीरा रोड, बाईपास रोड, सोसायटी रोड, निघासन रोड पर जाम लग गया। किसान इतने गुस्से में थे कि उन्होंने भाजपा, सपा, बसपा, कांग्रेस आदि सभी राजनीतिक दलों को खूब कोसा और जनप्रतिनिधियों को भी सुनाई। किसानों का चक्का जाम और प्रदर्शन काफी देर तक जारी रहा।
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इसी बीच एसडीएम एसपी सिंह सोसायटी सचिव वीपी श्रीवास्तव के साथ वहां पहुंचे। उन्होंने किसानाें से वार्ता की और आश्वासन दिया कि अब तक बेची गई चीनी में नियामानुसार बचे शेष भुगतान करीब 11.5 करोड़ रुपये को 14 फरवरी तक किसानों के खातों में मिल से भिजवा दिया जाएगा। इसमें आंशिक भुगतान मंगलवार और बुधवार तक किया जा सकता है। शाम के छह बज जाने के कारण किसानों ने चक्काजाम और प्रदर्शन खत्म तो कर दिया लेकिन वे संतुष्ट नहीं दिखे और उन्होंने प्रशासन से कहा कि इस भुगतान के बाद चीनी मिल नियमानुसार 14 दिन की एडवाइज पर भुगतान करे अन्यथा किसान आंदोलित हो जाएंगे।
प्रदर्शन में भजन सिंह, सुरेश चौधरी, लक्ष्मण प्रसाद, विकास कपूर, समीर कपूर, सौदागर सिंह, रामनरेश, प्रेम सागर, बिंदु मियां, जवाहर लाल आदि तमाम किसान शामिल रहे।
चक्काजाम से लोगों को परेशानी, अर्थी को दिया रास्ता
मुख्य चौराहे पर करीब चार घंटे रहे जाम से यात्रियों को खूब परेशानी हुई। लखीमपुर आदि स्थानाें से आने वाली बसों से यात्री पैदल उतर कर आगे जा सके। वहीं चक्काजाम के समय के दौरान एक अर्थी को जाम खोल कर किसानों ने फौरन रास्ता दे दिया।
अब प्रशासन की अभिरक्षा में रहेगी चीनी
पलियाकलां। पलिया चीनी मिल की उत्पादित चीनी अब प्रशासन की अभिरक्षा में रहेगी और एसडीएम, सहकारी समिति सचिव और चीनी मिल अधिकारी की संयुक्त समिति इसकी देखरेख करेगी। बिक्री होते ही इस रकम को एसबीआई खाते में डाला जाएगा और वहां से इसका 85 प्रतिशत किसानों के खाते में भेज दिया जाएगा। ऐसा भुगतान में विलंब को देखते हुए डीएम के निर्देश पर किया गया है।
सहकारी गन्ना विकास समिति के विशेष सचिव भगवती प्रसाद श्रीवास्तव ने बताया कि डीएम ने गन्ना आयुक्त उत्तर प्रदेश द्वारा चीनी बिक्री के 85 प्रतिशत अंश को किसानों को दिए जाने की दी गई व्यवस्था के अनुपालन में निर्देश जारी किया था कि उत्पादित चीनी को अभिरक्षा में लिया जाए। डीएम के निर्देश का अनुपालन कराने के लिए एसडीएम पलिया ने चीनी को अभिरक्षा में लेने की कार्रवाई कर दी है। 5 फरवरी 2015 तक पलिया मिल की भंडारित 4.44947 क्विंटल चीनी को अभिरक्षा में ले लिया गया है। यही नहीं मिल के भंडारों से निकासी भी एसडीएम और सचिव की देखरेख में की जाएगी। गन्ना पेराई, उत्पादित चीनी की मात्रा, चीनी बिक्री की मात्रा, अवशेष चीनी स्टाक, बिक्री से प्राप्त धनराशि आदि का लेखाजोखा एसडीएम व सचिव को प्रत्येक दिन में 11.30 बजे तक मुहैया कराया जाएगा।
पहले बिक चुकी चीनी के 85 प्रतिशत संपूर्ण भुगतान के निर्देश भी
सचिव ने बताया कि डीएम के निर्देश पर एसडीएम ने पहले बिक्री चीनी की समीक्षा करते हुए पाया है कि बिक्री से प्राप्त राशि 3327.48 लाख थी जिसका 85 प्रतिशत भुगतान 2828.36 लाख होना चाहिए था लेकिन भुगतान 1670.53 लाख ही हो पाया। शेष 1157.83 लाख रुपये का भुगतान तत्काल देने के निर्देश चीनी मिल को दिए गए हैं।
बकाया गन्ना मूल्य एक हफ्ते में देने को कहा
लखीमपुर खीरी। डीएम किंजल सिंह ने पेराई सत्र 2014-15 के गन्ना मूल्य भुगतान और टैगिंग अनुपालन के संबंध में समस्त चीनी मिलों के अध्यासी/प्रधान प्रबंधकों के साथ बैठक कर समीक्षा की। बजाज ग्रुप की चीनी मिल गोला, पलिया एवं खंभारखेड़ा के बहुत ही कम गन्ना मूल्य भुगतान किए जाने पर डीएम ने संबंधित चीनी मिल के अध्यासियों को कड़े निर्देश दिए। उन्हाेंने एक सप्ताह के अंदर नियमानुसार संपूर्ण गन्ना मूल्य भुगतान करने के निर्देश दिए। अन्य चीनी मिलों के अध्यासी/प्रधान प्रबंधकों ने नियमानुसार देय गन्ना मूल्य का भुगतान तत्काल करते हुए सूचना देने की बात कही है। डीएम ने भुगतान न करने की स्थिति में कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
कलक्ट्रेट सभागार में चीनी मिलवार नियमानुसार 14 दिन पूर्व खरीदे गए गन्ना मूल्य भुगतान की स्थिति की समीक्षा की गई। जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने बताया कि चीनी मिल गोला की ओर से 3112.43 लाख का भुगतान किया गया, जो कि देय गन्ना मूल्य का 21.63 प्रतिशत है। पलिया की ओर से 1670.53 लाख का भुगतान हुआ, जो 13.48 प्रतिशत, खंभारखेड़ा की ओर से 1539.14 लाख, जोे 13.48 प्रतिशत, ऐरा की ओर से 5529 लाख, 69.65 प्रतिशत, अजबापुर, कुंभी एवं गुलरिया की ओर से शत प्रतिशत हुआ। सहकारी चीनी मिल बेलरायां की ओर से 4744.19 लाख, 65.71 प्रतिशत, संपूर्णानगर की ओर से 4850.53 लाख भुगतान किया गया, जो 66.10 प्रतिशत है। इस प्रकार भुगतान के मामले में बजाज ग्रुप की तीनों मिलें सबसे खराब स्थिति में पाईं गई।
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राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने केन सोसायटी में एक महापंचायत की। इसमें संगठन के विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष मनप्रीत सिंह, उपाध्यक्ष हरेंद्र सिंह सोनी, नैयर खान, केन सोसायटी अध्यक्ष सुखदेव सिंह सुक्खा, इलियाज खान, तेजपाल सिंह चौधरी, धनश्याम दिवाकर, जयंत सिंह आदि तमाम वक्ताओं ने गन्ना भुगतान न होने से होने वाली दुश्वारियों को गिनाया और प्रशासन और सभी पार्टियों को आड़े हाथों लिया। पंचायत के बाद किसान जुलूस की शक्ल में तहसील गेट पहुंचे और वहां धरना दिया। इसके बाद करीब दो बजे जुलूस कमल चौराहे आया। यहां किसानाें ने धरना देकर चक्काजाम कर दिया।
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सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में नायब तहसीलदार उन्हें मनाने आ गए लेकिन किसान नहीं माने। उनका प्रदर्शन जारी रहा इससे पलिया भीरा रोड, बाईपास रोड, सोसायटी रोड, निघासन रोड पर जाम लग गया। किसान इतने गुस्से में थे कि उन्होंने भाजपा, सपा, बसपा, कांग्रेस आदि सभी राजनीतिक दलों को खूब कोसा और जनप्रतिनिधियों को भी सुनाई। किसानों का चक्का जाम और प्रदर्शन काफी देर तक जारी रहा।
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इसी बीच एसडीएम एसपी सिंह सोसायटी सचिव वीपी श्रीवास्तव के साथ वहां पहुंचे। उन्होंने किसानाें से वार्ता की और आश्वासन दिया कि अब तक बेची गई चीनी में नियामानुसार बचे शेष भुगतान करीब 11.5 करोड़ रुपये को 14 फरवरी तक किसानों के खातों में मिल से भिजवा दिया जाएगा। इसमें आंशिक भुगतान मंगलवार और बुधवार तक किया जा सकता है। शाम के छह बज जाने के कारण किसानों ने चक्काजाम और प्रदर्शन खत्म तो कर दिया लेकिन वे संतुष्ट नहीं दिखे और उन्होंने प्रशासन से कहा कि इस भुगतान के बाद चीनी मिल नियमानुसार 14 दिन की एडवाइज पर भुगतान करे अन्यथा किसान आंदोलित हो जाएंगे।
प्रदर्शन में भजन सिंह, सुरेश चौधरी, लक्ष्मण प्रसाद, विकास कपूर, समीर कपूर, सौदागर सिंह, रामनरेश, प्रेम सागर, बिंदु मियां, जवाहर लाल आदि तमाम किसान शामिल रहे।
चक्काजाम से लोगों को परेशानी, अर्थी को दिया रास्ता
मुख्य चौराहे पर करीब चार घंटे रहे जाम से यात्रियों को खूब परेशानी हुई। लखीमपुर आदि स्थानाें से आने वाली बसों से यात्री पैदल उतर कर आगे जा सके। वहीं चक्काजाम के समय के दौरान एक अर्थी को जाम खोल कर किसानों ने फौरन रास्ता दे दिया।
अब प्रशासन की अभिरक्षा में रहेगी चीनी
पलियाकलां। पलिया चीनी मिल की उत्पादित चीनी अब प्रशासन की अभिरक्षा में रहेगी और एसडीएम, सहकारी समिति सचिव और चीनी मिल अधिकारी की संयुक्त समिति इसकी देखरेख करेगी। बिक्री होते ही इस रकम को एसबीआई खाते में डाला जाएगा और वहां से इसका 85 प्रतिशत किसानों के खाते में भेज दिया जाएगा। ऐसा भुगतान में विलंब को देखते हुए डीएम के निर्देश पर किया गया है।
सहकारी गन्ना विकास समिति के विशेष सचिव भगवती प्रसाद श्रीवास्तव ने बताया कि डीएम ने गन्ना आयुक्त उत्तर प्रदेश द्वारा चीनी बिक्री के 85 प्रतिशत अंश को किसानों को दिए जाने की दी गई व्यवस्था के अनुपालन में निर्देश जारी किया था कि उत्पादित चीनी को अभिरक्षा में लिया जाए। डीएम के निर्देश का अनुपालन कराने के लिए एसडीएम पलिया ने चीनी को अभिरक्षा में लेने की कार्रवाई कर दी है। 5 फरवरी 2015 तक पलिया मिल की भंडारित 4.44947 क्विंटल चीनी को अभिरक्षा में ले लिया गया है। यही नहीं मिल के भंडारों से निकासी भी एसडीएम और सचिव की देखरेख में की जाएगी। गन्ना पेराई, उत्पादित चीनी की मात्रा, चीनी बिक्री की मात्रा, अवशेष चीनी स्टाक, बिक्री से प्राप्त धनराशि आदि का लेखाजोखा एसडीएम व सचिव को प्रत्येक दिन में 11.30 बजे तक मुहैया कराया जाएगा।
पहले बिक चुकी चीनी के 85 प्रतिशत संपूर्ण भुगतान के निर्देश भी
सचिव ने बताया कि डीएम के निर्देश पर एसडीएम ने पहले बिक्री चीनी की समीक्षा करते हुए पाया है कि बिक्री से प्राप्त राशि 3327.48 लाख थी जिसका 85 प्रतिशत भुगतान 2828.36 लाख होना चाहिए था लेकिन भुगतान 1670.53 लाख ही हो पाया। शेष 1157.83 लाख रुपये का भुगतान तत्काल देने के निर्देश चीनी मिल को दिए गए हैं।
बकाया गन्ना मूल्य एक हफ्ते में देने को कहा
लखीमपुर खीरी। डीएम किंजल सिंह ने पेराई सत्र 2014-15 के गन्ना मूल्य भुगतान और टैगिंग अनुपालन के संबंध में समस्त चीनी मिलों के अध्यासी/प्रधान प्रबंधकों के साथ बैठक कर समीक्षा की। बजाज ग्रुप की चीनी मिल गोला, पलिया एवं खंभारखेड़ा के बहुत ही कम गन्ना मूल्य भुगतान किए जाने पर डीएम ने संबंधित चीनी मिल के अध्यासियों को कड़े निर्देश दिए। उन्हाेंने एक सप्ताह के अंदर नियमानुसार संपूर्ण गन्ना मूल्य भुगतान करने के निर्देश दिए। अन्य चीनी मिलों के अध्यासी/प्रधान प्रबंधकों ने नियमानुसार देय गन्ना मूल्य का भुगतान तत्काल करते हुए सूचना देने की बात कही है। डीएम ने भुगतान न करने की स्थिति में कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
कलक्ट्रेट सभागार में चीनी मिलवार नियमानुसार 14 दिन पूर्व खरीदे गए गन्ना मूल्य भुगतान की स्थिति की समीक्षा की गई। जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने बताया कि चीनी मिल गोला की ओर से 3112.43 लाख का भुगतान किया गया, जो कि देय गन्ना मूल्य का 21.63 प्रतिशत है। पलिया की ओर से 1670.53 लाख का भुगतान हुआ, जो 13.48 प्रतिशत, खंभारखेड़ा की ओर से 1539.14 लाख, जोे 13.48 प्रतिशत, ऐरा की ओर से 5529 लाख, 69.65 प्रतिशत, अजबापुर, कुंभी एवं गुलरिया की ओर से शत प्रतिशत हुआ। सहकारी चीनी मिल बेलरायां की ओर से 4744.19 लाख, 65.71 प्रतिशत, संपूर्णानगर की ओर से 4850.53 लाख भुगतान किया गया, जो 66.10 प्रतिशत है। इस प्रकार भुगतान के मामले में बजाज ग्रुप की तीनों मिलें सबसे खराब स्थिति में पाईं गई।