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Lakhimpur Kheri News: घाट पर नहीं सुरक्षा के इंतजाम... दो कांवड़ियों की कई जान
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नदी में डूबे युवकों को निकालते गोताखोर। ग्रामीण
निघासन। सरयू नदी के ढखेरवा घाट पर कांवड़ में जल भरने के दौरान नदी में डूबकर दो कांवड़ियों की मौत के बाद परिजन सदमे में हैं। मां और बहन बिलख रही है। इस हादसे में पुलिस और प्रशासन की लापरवाही भी सामने आई है। घाट पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे।
पढ़ुआ थाने के गांव हरीपुर निवासी अंजनी ने बताया कि गांव से कांवड़ यात्रा गोला के लिए जानी थी। कांवड़ यात्रा पीछे और उनके बेटे रामलखन (20) व तेजपाल (18) जल भरने के लिए आगे निकल गए। पैर फिसलने से रामलखन गहरे पानी में चला गया। बचाने में तेजपाल भी नदी में डूब गया।
सीएचसी में डाॅक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर से मां माया देवी, चाचा इतवारी, बहन सीमा और रीमा का रो-रोकर बुरा हाल है। अस्पताल में एसडीएम राजीव निगम, सीओ प्रवीण कुमार, तहसीलदार भीमचंद्र आदि परिजनों को ढांढस बंधाया। हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
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घाट पर न रस्सी बंधवाई, न पुलिस तैनात कीनिघासन। ढखेरवा घाट पर प्रत्येक माह की अमावस्या को ढखेरवा खालसा, दरेरी, बंगलहा, रकेहटी समेत क्षेत्र के 50 से अधिक गांव के लोग स्नान आदि करने के लिए जाते हैं। यह घाट 150 साल पुराना घाट है। घाट पर पानी अधिक होने के कारण रकेहटी के प्रदीप गुप्ता ने एसडीएम से घाट पर सुरक्षा व्यवस्था की मांग जुलाई में की थी। गांव के ही महेश, जगदीश, सुरेंद्र आदि ने बताया कि सुबह से ही नहाने वालों की भीड़ लगी थी, लेकिन वहां पुलिस तैनात नहीं थी। घाट पर रस्सी भी नहीं बांधी गई थी। घटना के आधे घंटे बाद भी पढ़ुआ पुलिस को जानकारी नहीं हो सकी। संवाद
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तहसील क्षेत्र के सभी थानों में जलाभिषेक वाले स्थान पर पुलिस तैनात करने के लिए कहा था, लेकिन यदि पुलिस नही गई है तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
राजीव निगम, एसडीएम
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पढ़ुआ थाने के गांव हरीपुर निवासी अंजनी ने बताया कि गांव से कांवड़ यात्रा गोला के लिए जानी थी। कांवड़ यात्रा पीछे और उनके बेटे रामलखन (20) व तेजपाल (18) जल भरने के लिए आगे निकल गए। पैर फिसलने से रामलखन गहरे पानी में चला गया। बचाने में तेजपाल भी नदी में डूब गया।
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सीएचसी में डाॅक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर से मां माया देवी, चाचा इतवारी, बहन सीमा और रीमा का रो-रोकर बुरा हाल है। अस्पताल में एसडीएम राजीव निगम, सीओ प्रवीण कुमार, तहसीलदार भीमचंद्र आदि परिजनों को ढांढस बंधाया। हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
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घाट पर न रस्सी बंधवाई, न पुलिस तैनात कीनिघासन। ढखेरवा घाट पर प्रत्येक माह की अमावस्या को ढखेरवा खालसा, दरेरी, बंगलहा, रकेहटी समेत क्षेत्र के 50 से अधिक गांव के लोग स्नान आदि करने के लिए जाते हैं। यह घाट 150 साल पुराना घाट है। घाट पर पानी अधिक होने के कारण रकेहटी के प्रदीप गुप्ता ने एसडीएम से घाट पर सुरक्षा व्यवस्था की मांग जुलाई में की थी। गांव के ही महेश, जगदीश, सुरेंद्र आदि ने बताया कि सुबह से ही नहाने वालों की भीड़ लगी थी, लेकिन वहां पुलिस तैनात नहीं थी। घाट पर रस्सी भी नहीं बांधी गई थी। घटना के आधे घंटे बाद भी पढ़ुआ पुलिस को जानकारी नहीं हो सकी। संवाद
तहसील क्षेत्र के सभी थानों में जलाभिषेक वाले स्थान पर पुलिस तैनात करने के लिए कहा था, लेकिन यदि पुलिस नही गई है तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
राजीव निगम, एसडीएम

नदी में डूबे युवकों को निकालते गोताखोर। ग्रामीण

नदी में डूबे युवकों को निकालते गोताखोर। ग्रामीण