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Lakhimpur Kheri News: लापता सूरज का नहीं मिला सुराग, तहसील में प्रदर्शन
Tue, 06 Oct 2026 12:12 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 06 Oct 2026 12:12 AM IST
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पलिया एसडीएम को ज्ञापन देते माले के लोग। संवाद
- फोटो : सांकेतिक
पलियाकलां। टेढ़ा शहरी निवासी सूरज धानुक के करीब डेढ़ माह से लापता होने के मामले में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माले) ने सोमवार को तहसील में प्रदर्शन किया। पार्टी ने एसडीएम और सीओ को ज्ञापन देकर सूरज की तलाश कराने, एफआईआर दर्ज करने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
ज्ञापन के मुताबिक सूरज धानुक पुत्र विनय धानुक 17 अगस्त 2026 को साथियों के साथ जंगल में जंगली फूल/कटरकुड़ा बीनने गए थे। इसके बाद से वह लापता हैं। पत्नी गुड़िया ने 18 अगस्त को थाना पलिया में प्रार्थना पत्र देकर वन विभाग के कर्मचारियों पर सूरज और उसके साथियों को पकड़ने, पैसे मांगने और मारपीट करने के आरोप लगाए थे। प्रार्थना पत्र में संबंधित वन कर्मचारियों के नाम भी बताए गए थे।
पार्टी का आरोप है कि एक माह से अधिक समय बीतने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं हुई और परिवार को संतोषजनक जानकारी नहीं दी गई। मामले में 15 सितंबर को एसडीएम व सीओ पलिया और 25 सितंबर को डीएम व एसपी को ज्ञापन दिया गया था। इसके बावजूद सूरज की बरामदगी या प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
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प्रदर्शनकारियों ने छह मांगें रखीं। इनमें पत्नी की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर तत्काल तलाश, वन कर्मचारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच, सूरज और उसके साथियों को कथित रूप से पकड़ने, पैसे मांगने व मारपीट के आरोपों की जांच, जंगल में शव जलाए जाने की घटना की जांच और परिवार को सुरक्षा व आवश्यक सहायता देना शामिल है। मांगें पूरी न होने पर व्यापक लोकतांत्रिक आंदोलन की चेतावनी दी गई।
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ज्ञापन के मुताबिक सूरज धानुक पुत्र विनय धानुक 17 अगस्त 2026 को साथियों के साथ जंगल में जंगली फूल/कटरकुड़ा बीनने गए थे। इसके बाद से वह लापता हैं। पत्नी गुड़िया ने 18 अगस्त को थाना पलिया में प्रार्थना पत्र देकर वन विभाग के कर्मचारियों पर सूरज और उसके साथियों को पकड़ने, पैसे मांगने और मारपीट करने के आरोप लगाए थे। प्रार्थना पत्र में संबंधित वन कर्मचारियों के नाम भी बताए गए थे।
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पार्टी का आरोप है कि एक माह से अधिक समय बीतने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं हुई और परिवार को संतोषजनक जानकारी नहीं दी गई। मामले में 15 सितंबर को एसडीएम व सीओ पलिया और 25 सितंबर को डीएम व एसपी को ज्ञापन दिया गया था। इसके बावजूद सूरज की बरामदगी या प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
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प्रदर्शनकारियों ने छह मांगें रखीं। इनमें पत्नी की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर तत्काल तलाश, वन कर्मचारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच, सूरज और उसके साथियों को कथित रूप से पकड़ने, पैसे मांगने व मारपीट के आरोपों की जांच, जंगल में शव जलाए जाने की घटना की जांच और परिवार को सुरक्षा व आवश्यक सहायता देना शामिल है। मांगें पूरी न होने पर व्यापक लोकतांत्रिक आंदोलन की चेतावनी दी गई।