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Lakhimpur Kheri News: 110 दिन प्रवास के बाद वतन वापसी की ओर नेपाली हाथी
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नेपाली हाथियों का झुंड। स्रोत- वन विभाग।
बांकेगंज। नेपाल के शुक्ला फांटा नेशनल पार्क से पलायन कर दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगलों में प्रवास के लिए पहुंचे करीब नौ में से सात हाथियों ने 110 दिन बाद वतन वापसी की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। यहां से यह बफरजोन संपूर्णानगर रेंज होते हुए नेपाल सीमा में प्रवेश करेंगे।
नेपाल के शुक्ला फांटा नेशनल पार्क से 4 सितंबर 2024 को अलग-अलग झुंडाें में हाथियों के तीन दल दुधवा नेशनल पार्क की किशनपुर सेंक्चुरी पहुंचे थे। यहां कुछ दिन रहने के बाद ये हाथी मोहम्मदी रेंज में जा पहुंचे। यह हाथी रात में जंगल से बाहर निकलकर खेतों में उत्पात मचा रहे थे। इन हाथियों की वन विभाग लगातार निगरानी कर रहा था।
करीब 110 दिन प्रवास करने के बाद झुंड में शामिल नौ हाथियों से सात हाथी जिस रास्ते से आए थे उसी रास्ते से वापस नेपाल लौट रहे हैं। इस बार हाथियों के लंबे प्रवास का कारण शारदा नदी का जलस्तर अधिक होना बताया जा रहा है।
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पिछले साल भी हाथियों के दो बड़े झुंड नेपाल से चलकर दुधवा आए थे। दोनों झुंडों में 63 हाथी और उनके बच्चे शामिल थे। इन्होंने किशनपुर सेंक्चुरी, बफरजोन और मोहम्मदी रेंज में 200 दिन का लंबा प्रवास किया था। इससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा था।
उधर, डीएफओ साउथ खीरी संजय बिश्वाल ने बताया कि मोहम्मदी रेंज जंगल में पहुंचे नौ नेपाली हाथियों में करीब सात हाथी वापसी कर चुके हैं, जबकि दो टस्कर हाथियों ने सहजनियां बीट के जंगल में डेरा डाल रखा है। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि यह हाथी भी जल्द ही वापसी करेंगे। निगरानी टीमों के मुताबिक बुधवार दो हाथियों की लोकेशन सहजनियां बीट के जंगल में मिली है।
तीन माह पहले दुधवा में आए जंगली हाथी नेपाल की ओर वापसी कर रहे हैं। इस समय उनकी लोकेशन पीटीआर की हरीपुर रेंज में मिली है। जल्दी ही वे अपने प्रचलित कॉरिडोर से नेपाल पहुंच जाएंगे। बावजूद इसके लगातार निगरानी कराई जा रही है। - ललित कुमार वर्मा, एफडी, दुधवा टाइगर रिजर्व
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नेपाल के शुक्ला फांटा नेशनल पार्क से 4 सितंबर 2024 को अलग-अलग झुंडाें में हाथियों के तीन दल दुधवा नेशनल पार्क की किशनपुर सेंक्चुरी पहुंचे थे। यहां कुछ दिन रहने के बाद ये हाथी मोहम्मदी रेंज में जा पहुंचे। यह हाथी रात में जंगल से बाहर निकलकर खेतों में उत्पात मचा रहे थे। इन हाथियों की वन विभाग लगातार निगरानी कर रहा था।
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करीब 110 दिन प्रवास करने के बाद झुंड में शामिल नौ हाथियों से सात हाथी जिस रास्ते से आए थे उसी रास्ते से वापस नेपाल लौट रहे हैं। इस बार हाथियों के लंबे प्रवास का कारण शारदा नदी का जलस्तर अधिक होना बताया जा रहा है।
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पिछले साल भी हाथियों के दो बड़े झुंड नेपाल से चलकर दुधवा आए थे। दोनों झुंडों में 63 हाथी और उनके बच्चे शामिल थे। इन्होंने किशनपुर सेंक्चुरी, बफरजोन और मोहम्मदी रेंज में 200 दिन का लंबा प्रवास किया था। इससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा था।
उधर, डीएफओ साउथ खीरी संजय बिश्वाल ने बताया कि मोहम्मदी रेंज जंगल में पहुंचे नौ नेपाली हाथियों में करीब सात हाथी वापसी कर चुके हैं, जबकि दो टस्कर हाथियों ने सहजनियां बीट के जंगल में डेरा डाल रखा है। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि यह हाथी भी जल्द ही वापसी करेंगे। निगरानी टीमों के मुताबिक बुधवार दो हाथियों की लोकेशन सहजनियां बीट के जंगल में मिली है।
तीन माह पहले दुधवा में आए जंगली हाथी नेपाल की ओर वापसी कर रहे हैं। इस समय उनकी लोकेशन पीटीआर की हरीपुर रेंज में मिली है। जल्दी ही वे अपने प्रचलित कॉरिडोर से नेपाल पहुंच जाएंगे। बावजूद इसके लगातार निगरानी कराई जा रही है। - ललित कुमार वर्मा, एफडी, दुधवा टाइगर रिजर्व