{"_id":"66da14bc106900484c0ae154","slug":"nepalese-elephants-knocking-in-the-forest-of-dudhwa-lakhimpur-news-c-120-1-sbly1008-128396-2024-09-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: दुधवा के जंगल में नेपाली हाथियों की दस्तक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: दुधवा के जंगल में नेपाली हाथियों की दस्तक
विज्ञापन
दुधवा के जंगल में पहुंचे नेपाल के हाथी। स्रोत : सोशल मीडिया
बांकेगंज। गणेश चतुर्थी से ठीक पहले दुधवा के जंगल में नेपाली हाथियों ने दस्तक दी है। हालांकि अभी तीन टस्कर हाथियों के आने की सूचना मिली है। संकेत मिल रहे हैं कि 24 घंटे के अंदर नेपाली हाथियों का एक बड़ा झुंड यहां आ सकता है।
हर साल गणेश चतुर्थी से कुछ पहले हाथियों के एक-दो झुंड नेपाल के शुक्ला फांटा नेशनल पार्क से निकलकर शारदा नदी पार कर दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगलों में आकर महीनाें प्रवास करते हैं। उनकी वापसी दिवाली से पहले हो जाती है। इससे पहले हाथियों के मुखिया टस्कर यहां आकर हालात का जायजा लेते हैं। इसके बाद उनका संकेत मिलने पर हाथियों के एक या दो झुंड यहां आते हैं।
इस बार हाथियों का आगमन कुछ देरी से हो रहा है। इसके पीछे जिला खीरी में पिछले महीने आई बाढ़ को माना जा रहा है। नदियों के उफनाने से इस बार हाथी कुछ देरी से यहां आए हैं। नेपाल के शुक्ला फांटा नेशनल पार्क से निकलकर यह तीन टस्कर दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की संपूर्णानगर जंगल से पीलीभीत टाइगर रिजर्व की हरीपुर रेंज होते हुए भीरा रेंज की महराज नगर बीट से किशनपुर सेंचुरी के मडहा जंगल में पहुंचे हैं।
विज्ञापन
माना जा रहा है कि इन टस्करों ने अपने साथियों को संकेत भेजकर यहां आने की हरी झंडी दे दी है। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि 24 घंटे के अंदर यह हाथी दुधवा के जंगलों में पहुंच सकते हैं।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- --
तीन टस्कर हाथी मड़हा जंगल में देखे गए हैं। यह नेपाली हाथियों के दुधवा आने के संकेत हैं। दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन ने इसके लिए जरूरी तैयारी शुरू कर दी है। वन कर्मियों की टीम गठित कर 24 घंटे बारी-बारी से हाथियों की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
ललित कुमार वर्मा, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व
विज्ञापन
हर साल गणेश चतुर्थी से कुछ पहले हाथियों के एक-दो झुंड नेपाल के शुक्ला फांटा नेशनल पार्क से निकलकर शारदा नदी पार कर दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगलों में आकर महीनाें प्रवास करते हैं। उनकी वापसी दिवाली से पहले हो जाती है। इससे पहले हाथियों के मुखिया टस्कर यहां आकर हालात का जायजा लेते हैं। इसके बाद उनका संकेत मिलने पर हाथियों के एक या दो झुंड यहां आते हैं।
विज्ञापन
इस बार हाथियों का आगमन कुछ देरी से हो रहा है। इसके पीछे जिला खीरी में पिछले महीने आई बाढ़ को माना जा रहा है। नदियों के उफनाने से इस बार हाथी कुछ देरी से यहां आए हैं। नेपाल के शुक्ला फांटा नेशनल पार्क से निकलकर यह तीन टस्कर दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की संपूर्णानगर जंगल से पीलीभीत टाइगर रिजर्व की हरीपुर रेंज होते हुए भीरा रेंज की महराज नगर बीट से किशनपुर सेंचुरी के मडहा जंगल में पहुंचे हैं।
विज्ञापन
माना जा रहा है कि इन टस्करों ने अपने साथियों को संकेत भेजकर यहां आने की हरी झंडी दे दी है। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि 24 घंटे के अंदर यह हाथी दुधवा के जंगलों में पहुंच सकते हैं।
तीन टस्कर हाथी मड़हा जंगल में देखे गए हैं। यह नेपाली हाथियों के दुधवा आने के संकेत हैं। दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन ने इसके लिए जरूरी तैयारी शुरू कर दी है। वन कर्मियों की टीम गठित कर 24 घंटे बारी-बारी से हाथियों की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
ललित कुमार वर्मा, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व