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Lakhimpur Kheri News: बारिश के बजाय इस बार सर्दियों की शुरुआत में आए नेपाली हाथी
Mon, 17 Nov 2025 11:35 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 17 Nov 2025 11:35 PM IST
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दुधवा के जंगल में भ्रमण करता नेपाल के हाथियों का दल। स्रोत : वन विभाग।
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व में इस बार नेपाल से हाथियों के बेमौसम आगमन से वन्यजीव विशेषज्ञ हतप्रभ हैं। यह मौसम आमतौर पर जिस तरह भारत के लिए है, उसी तरह नेपाल में भी है। ऐसे में हाथियों का पलायन कर अब भारत में आना लोगों को चकित कर रहा है।
आमतौर पर नेपाल से हाथी जुलाई-अगस्त में पलायन कर आते हैं। कारण यह होता है कि उस समय नदियों में बाढ़ आने से नेपाल का अधिकांश जंगल जलमग्न हो जाता है और हाथियों के लिए भोजन और आवास का संकट पैदा हो जाता है, तब वहां से हाथियों का झुंड पलायन कर नदी पार कर पीटीआर की हरीपुर रेंज होते हुए दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगल में आ जाते हैं। यहां इन्हें अनुकूल वातावरण, प्राकृतवास के साथ-साथ भरपूर भोजन और सुरक्षा भी मिलती है।
पिछले वर्षों का डाटा अध्ययन करने पर यह साबित होता है कि हाथी गणेश चतुर्थी के पहले यहां के जंगल में आते हैं और दिवाली के बाद ही नेपाल वापस जाते हैं। इस समय तक नेपाल में बाढ़ खत्म हो चुकी होती है और जंगल में हरियाली होती है।
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इस बार हाथी नवंबर में हाथी आए हैं। वन्यजीव विशेषज्ञ नेपाल से हाथियों के पलायन का अध्ययन कर रहे हैं। साथ ही दुधवा टाइगर रिजर्व में हाथियों के मूवमेंट और गतिविधियों पर भी नजर रख रहे हैं। ताकि हाथियों के बेमौसम भारत आने के कारणों का पता लगाया जा सके।
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आमतौर पर नेपाल से हाथी जुलाई-अगस्त में पलायन कर आते हैं। कारण यह होता है कि उस समय नदियों में बाढ़ आने से नेपाल का अधिकांश जंगल जलमग्न हो जाता है और हाथियों के लिए भोजन और आवास का संकट पैदा हो जाता है, तब वहां से हाथियों का झुंड पलायन कर नदी पार कर पीटीआर की हरीपुर रेंज होते हुए दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगल में आ जाते हैं। यहां इन्हें अनुकूल वातावरण, प्राकृतवास के साथ-साथ भरपूर भोजन और सुरक्षा भी मिलती है।
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पिछले वर्षों का डाटा अध्ययन करने पर यह साबित होता है कि हाथी गणेश चतुर्थी के पहले यहां के जंगल में आते हैं और दिवाली के बाद ही नेपाल वापस जाते हैं। इस समय तक नेपाल में बाढ़ खत्म हो चुकी होती है और जंगल में हरियाली होती है।
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इस बार हाथी नवंबर में हाथी आए हैं। वन्यजीव विशेषज्ञ नेपाल से हाथियों के पलायन का अध्ययन कर रहे हैं। साथ ही दुधवा टाइगर रिजर्व में हाथियों के मूवमेंट और गतिविधियों पर भी नजर रख रहे हैं। ताकि हाथियों के बेमौसम भारत आने के कारणों का पता लगाया जा सके।