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कई दिन से मड़हा में उत्पात मचा रहे हैं नेपाली हाथी
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मंदिर के पास कुटिया उजाड़ी, वन कर्मियों ने आग जलाकर और पीपे बजाकर हाथियों को खदेड़ा
गदनियां और खरेहटा गांव में धान और गन्ने की फसल रौंदी, रात भर जागकर किसान रखा रहे हैं खेत
बांकेगंज। नेपाल से आए जंगली हाथी मंगलवार रात को भी मड़हा जंगल में उत्पात मचाते रहे। हाथियों ने शिव मंदिर के निकट पड़ी साधू की कुटिया को तहस-नहस कर दिया। वहां ड्यूटी पर मौजूद वन कर्मियों ने आग जलाकर और पीपा आदि बजाकर किसी तरह हाथियों को खदेड़ा। इसके बाद हाथी बड़ी नहर पुल पार कर जंगल से सटे गदनियां और खरेहटा गांव से सटे खेतों में जा पहुंचे और वहां कई किसानों की लहलहाती फसलों को रौंद दिया।
नेपाल के शुक्ला फांटा वन्यजीव विहार से आए जंगली हाथी पिछले तीन दिन से मड़हा जंगल में डेरा डाले हैं। झुंड में 15 से 17 तक हाथियों के होने का अनुमान है, इसमें उनके बच्चे भी शामिल हैं। मंगलवार रात उत्पाती हाथी मड़हा जंगल में स्थापित शिव मंदिर के पास एक साधू की कुटिया पर जा पहुंचे और कुटिया को बुरी तरह तहस-नहस कर डाला। गनीमत यह रही कि कुटिया में कोई मौजूद नहीं था, लेकिन वहां पर वन कर्मियों की स्थायी रूप से ड्यूटी रहती है। हाथियों को उग्र होते देख इन वन कर्मियों ने आग जलाकर और पीपे आदि बजाकर किसी तरह हाथियों को खदेड़ा। इसके बाद यह हाथी खरेहटा और महुरेना बीट जंगल में जा पहुंचे। जहां उन्होंने जंगल से सटे खेतों में करीब 5-7 किसानों के खेतों में खड़ी धान और गन्ने की फसलों को रौंद दिया। बुधवार सुबह इन हाथियों ने वापस आकर बांकेगंज कस्बा से सटे जटपुरा जंगल में डेरा डाल दिया है। इससे जंगल के आसपास बसे जटपुरा, पूरनपुर, महोलिया, हरदुआ, ढ़ाका, खंजनपुर गांवों के किसानों के लिए खतरा बढ़ गया है।
रेंजर मैलानी केपी सिंह के निर्देशन में जटपुरा बीट के फॉरेस्टर सुरेंद्र कुमार, आकाश खरवार और वन कर्मियों की टीम ने क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों के बीच जागरूकता अभियान चलाया। उन्होंने किसानों को बताया कि किस तरह वे हाथियों से खुद और अपनी फसलों का बचाव करें।
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नेपाल से आए जंगली हाथियों ने मंगलवार रात जमकर उत्पात मचाया है। मड़हा जंगल में बनी कुटिया को तहसनहस करने और कुछ किसानों की फसलों के नुकसान की सूचना मिली है। वन विभाग हाथियों से बचाव के लिए किसानों को जागरूक कर रहा है। आसपास निगरानी और बढ़ा दी गई है। - डॉ. अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व, बफरजोन
नेपाली हाथियों के आतंक से मोहम्मदी रेंज में दहशत
ममरी। नेपाली हाथियों का झुंड अब गोला खुटार रोड से भरिगवा खरेटा गांव के समीप पहुंच गया है, जिससे मोहम्मदी रेंज के वन कर्मियों एवं ग्रामीण परेशान हैं।
रेंजर मोबीन आरिफ ने बताया कि खुटार रोड पार करते ही हाथियों का झुंड मोहम्मदी रेंज के सहजनिया जंगल में प्रवेश कर जाएगा। वन कर्मियों की टीम तीन दिन से सीमा पर पेट्रोलिंग कर रही है। यहां बता दें कि हाथियों को लेकर मुकुंडापुर, गुर्जरपुर, गंगापुर, अयोध्या पुर, सुंदरपुर आदि गांवों में दहशत है। फॉरेस्टर जगदीश वर्मा, अजीत सिंह आदि वनकर्मियों की टीम लोगों को पटाखे वितरित कर सतर्क रहने की सलाह दे रही है। संवाद
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गदनियां और खरेहटा गांव में धान और गन्ने की फसल रौंदी, रात भर जागकर किसान रखा रहे हैं खेत
बांकेगंज। नेपाल से आए जंगली हाथी मंगलवार रात को भी मड़हा जंगल में उत्पात मचाते रहे। हाथियों ने शिव मंदिर के निकट पड़ी साधू की कुटिया को तहस-नहस कर दिया। वहां ड्यूटी पर मौजूद वन कर्मियों ने आग जलाकर और पीपा आदि बजाकर किसी तरह हाथियों को खदेड़ा। इसके बाद हाथी बड़ी नहर पुल पार कर जंगल से सटे गदनियां और खरेहटा गांव से सटे खेतों में जा पहुंचे और वहां कई किसानों की लहलहाती फसलों को रौंद दिया।
नेपाल के शुक्ला फांटा वन्यजीव विहार से आए जंगली हाथी पिछले तीन दिन से मड़हा जंगल में डेरा डाले हैं। झुंड में 15 से 17 तक हाथियों के होने का अनुमान है, इसमें उनके बच्चे भी शामिल हैं। मंगलवार रात उत्पाती हाथी मड़हा जंगल में स्थापित शिव मंदिर के पास एक साधू की कुटिया पर जा पहुंचे और कुटिया को बुरी तरह तहस-नहस कर डाला। गनीमत यह रही कि कुटिया में कोई मौजूद नहीं था, लेकिन वहां पर वन कर्मियों की स्थायी रूप से ड्यूटी रहती है। हाथियों को उग्र होते देख इन वन कर्मियों ने आग जलाकर और पीपे आदि बजाकर किसी तरह हाथियों को खदेड़ा। इसके बाद यह हाथी खरेहटा और महुरेना बीट जंगल में जा पहुंचे। जहां उन्होंने जंगल से सटे खेतों में करीब 5-7 किसानों के खेतों में खड़ी धान और गन्ने की फसलों को रौंद दिया। बुधवार सुबह इन हाथियों ने वापस आकर बांकेगंज कस्बा से सटे जटपुरा जंगल में डेरा डाल दिया है। इससे जंगल के आसपास बसे जटपुरा, पूरनपुर, महोलिया, हरदुआ, ढ़ाका, खंजनपुर गांवों के किसानों के लिए खतरा बढ़ गया है।
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रेंजर मैलानी केपी सिंह के निर्देशन में जटपुरा बीट के फॉरेस्टर सुरेंद्र कुमार, आकाश खरवार और वन कर्मियों की टीम ने क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों के बीच जागरूकता अभियान चलाया। उन्होंने किसानों को बताया कि किस तरह वे हाथियों से खुद और अपनी फसलों का बचाव करें।
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नेपाल से आए जंगली हाथियों ने मंगलवार रात जमकर उत्पात मचाया है। मड़हा जंगल में बनी कुटिया को तहसनहस करने और कुछ किसानों की फसलों के नुकसान की सूचना मिली है। वन विभाग हाथियों से बचाव के लिए किसानों को जागरूक कर रहा है। आसपास निगरानी और बढ़ा दी गई है। - डॉ. अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व, बफरजोन
नेपाली हाथियों के आतंक से मोहम्मदी रेंज में दहशत
ममरी। नेपाली हाथियों का झुंड अब गोला खुटार रोड से भरिगवा खरेटा गांव के समीप पहुंच गया है, जिससे मोहम्मदी रेंज के वन कर्मियों एवं ग्रामीण परेशान हैं।
रेंजर मोबीन आरिफ ने बताया कि खुटार रोड पार करते ही हाथियों का झुंड मोहम्मदी रेंज के सहजनिया जंगल में प्रवेश कर जाएगा। वन कर्मियों की टीम तीन दिन से सीमा पर पेट्रोलिंग कर रही है। यहां बता दें कि हाथियों को लेकर मुकुंडापुर, गुर्जरपुर, गंगापुर, अयोध्या पुर, सुंदरपुर आदि गांवों में दहशत है। फॉरेस्टर जगदीश वर्मा, अजीत सिंह आदि वनकर्मियों की टीम लोगों को पटाखे वितरित कर सतर्क रहने की सलाह दे रही है। संवाद