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पाइपलाइन बिछाने में लापरवाही, ढाई साल में पूरा नहीं हुआ काम

Mon, 24 Jan 2022 12:36 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 24 Jan 2022 12:36 AM IST
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Negligence in laying pipeline, work not completed in two and a half years
लखीमपुर खीरी। नगर पालिका परिषद के क्षेत्र में 40 करोड़ रुपये की लागत से पाइपलाइन बिछाने का कार्य कार्यदायी संस्था के अधिकारियों की लापरवाही की भेंट चढ़ गया है। निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा नहीं हो सका है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जल निगम की लापरवाही के चलते शासन ने बीच में ही जल निगम सीतापुर को कार्य पूर्ण कराने की जिम्मेदारी दी थी। लेकिन यह संस्था भी समय से कार्य पूरा कराने पर जोर नहीं दे रही है। इससे बजट के बंदरबांट की आशंका बढ़ गई है।
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नगर पालिका लखीमपुर क्षेत्र में अमृत मिशन पाइप पेयजल योजना के तहत पांच मई 2017 को टेंडर हुआ था। इसके बाद जल निगम लखीमपुर को ढाई साल में कार्य पूरा करना था। प्रथम चरण में 18 माह के अंदर शहर के सभी मोहल्लों में करीब 183 किलोमीटर पाइप लाइन बिछानी थी और ट्यूबवेल व ओवरहेड टैंक का निर्माण कराना था। द्वितीय चरण में एक साल के अंदर पाइप लाइन की रिपेयरिंग व मरम्मत कर पेयजल की आपूर्ति चालू करनी थी। कार्यदायी संस्था जल निगम लखीमपुर ने पाइपलाइन बिछाने के लिए आरके इंजीनियर्स को ठेकेदार नियुक्त किया था। नियम शर्त के मुताबिक यह कार्य दिसंबर 2019 तक कार्य पूरा किया जाना था, लेकिन कार्यदायी संस्था के लापरवाह रवैये के चलते निर्धारित अवधि में 25 प्रतिशत भी कार्य भी नहीं किया गया। जबकि 50 प्रतिशत धनराशि खर्च कर दी गई। 2020 में भी कार्य पूरा नहीं हुआ। इसके बाद नवंबर 2021 में शासन ने जल निगम लखीमपुर से कार्य हटाकर जल निगम सीतापुर को दिया गया। इसके बाद जल निगम सीतापुर ने दूसरे ठेकेदार को नियुक्त कर कार्य
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शुरू कराया है, लेकिन काम की गति धीमी होने के कारण जगह-जगह सड़कें खोदे जाने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिन सड़कों पर पाइप लाइन बिछाई गई है, उनकी रिपेयरिंग न किए जाने से हादसों का खतरा बढ़ गया है। कार्यदायी संस्था सीतापुर की होने के कारण जिले के अधिकारी भी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। वहीं विभागीय सूत्र बताते हैं कि करीब 75 प्रतिशत धनराशि खर्च की जा चुकी है, लेकिन कार्य 50 प्रतिशत तक ही हो सका है। इससे पूर्व निर्धारित बजट 40 करोड़ में कार्य पूरा होने के आसार कम ही है, बल्कि दो कार्यदायी संस्थाओं के बीच कार्ययोजना का आदान-प्रदान किए जाने से बंदरबांट की आशंका बढ़ गई है।
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योजना की शुरुआत में जल निगम लखीमपुर को काम मिला था, जिसके बाद कई मोहल्लों में काम कराया गया। निर्धारित समय में कार्य पूरा न होने पर शासन द्वारा शेष कार्य कराने की जिम्मेदारी जल निगम सीतापुर के अधिशाषी अभियंता को दी गई है। अब उन्हें ही निर्धारित अवधि में कार्य पूरा कराना है। इसलिए हम मॉनिटरिंग भी नहीं कर रहे हैं।

- आरबी श्रीवास्तव, अधिशाषी अभियंता, जल निगम लखीमपुर
यह मामला हमारे संज्ञान में नहीं है। फिर भी निर्माण कार्य में देरी की बावत कार्यदायी संस्था से जवाब-तलब करके समय से कार्य पूरा कराने का प्रयास करेंगे।
- संजय सिंह, एडीएम
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