{"_id":"6750a10c3621e9db0004050a","slug":"murder-of-innocent-child-revealed-even-after-eight-months-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1002-134450-2024-12-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: आठ माह बाद भी मासूम की हत्या का खुलासा नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: आठ माह बाद भी मासूम की हत्या का खुलासा नहीं
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। गला दबाकर बच्ची की हत्या के आठ माह बाद पुलिस खुलासा तो दूर एक सुराग तक नहीं लगा पाई है। परिजन अपनी मृतक बेटी को इंसाफ मिलने की राह तक रहे हैं।
मितौली के पकरिया जलालपुर निवासी अनूप कुमार की पांच वर्षीय पुत्री अंशु की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। तीन अप्रैल को घर से बाहर से उसका अपहरण किया गया था। इसके एक दिन बाद उसका शव घर के बाहर झाड़ियों के पास से बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अंशु की गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई थी।
घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो परिजनों ने पहले किसी के साथ रंजिश न होने की बात कही थी। इसके बाद गांव के ही आशाराम पर शक करते हुए तहरीर दी थी। पूछताछ के दौरान पुलिस की कस्टडी में ही आशाराम की मौत हो गई थी। किरकिरी होने के बाद अधिकारियों ने दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था।
विज्ञापन
मृतका अंशू की मां रमना देवी ने बताया कि जांच के नाम पर पुलिस अंधेरे में तीर चला रही है। खबर छपने के बाद घर आकर पूछताछ करती है और वापस चली जाती है।
काम धीमे करते हैं... लेकिन खुलासा सही होगा
मितौली थाने के एसएचओ राजू राव का कहना है कि उनकी कार्यशैली थोड़ी धीमी है, लेकिन उनका दावा है कि इस मामले में सही खुलासा किया जाएगा।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
मामले में कुछ भी नहीं है। किससे पूछताछ की जाए। किस बच्चे के साथ अंशु खेल रही थी, घर के आस-पास कोई घर भी नहीं है। इसलिए मामला संदिग्ध लग रहा है।
शमशेर बहादुर सिंह, सीओ मितौली
विज्ञापन
मितौली के पकरिया जलालपुर निवासी अनूप कुमार की पांच वर्षीय पुत्री अंशु की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। तीन अप्रैल को घर से बाहर से उसका अपहरण किया गया था। इसके एक दिन बाद उसका शव घर के बाहर झाड़ियों के पास से बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अंशु की गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई थी।
विज्ञापन
घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो परिजनों ने पहले किसी के साथ रंजिश न होने की बात कही थी। इसके बाद गांव के ही आशाराम पर शक करते हुए तहरीर दी थी। पूछताछ के दौरान पुलिस की कस्टडी में ही आशाराम की मौत हो गई थी। किरकिरी होने के बाद अधिकारियों ने दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था।
विज्ञापन
मृतका अंशू की मां रमना देवी ने बताया कि जांच के नाम पर पुलिस अंधेरे में तीर चला रही है। खबर छपने के बाद घर आकर पूछताछ करती है और वापस चली जाती है।
काम धीमे करते हैं... लेकिन खुलासा सही होगा
मितौली थाने के एसएचओ राजू राव का कहना है कि उनकी कार्यशैली थोड़ी धीमी है, लेकिन उनका दावा है कि इस मामले में सही खुलासा किया जाएगा।
मामले में कुछ भी नहीं है। किससे पूछताछ की जाए। किस बच्चे के साथ अंशु खेल रही थी, घर के आस-पास कोई घर भी नहीं है। इसलिए मामला संदिग्ध लग रहा है।
शमशेर बहादुर सिंह, सीओ मितौली