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Bareilly: मंदिर-मस्जिद व विदेश मंत्रालय को नीलामी का नोटिस, किरकिरी के बाद नगर निगम ने लिया वापस

Sat, 31 Jan 2026 07:03 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 31 Jan 2026 07:03 PM IST
सार

बरेली में नगर निगम का अजब कारनामा सामने आया है। त्रिवटीनाथ मंदिर पर 1.76 लाख रुपये बकाया बताकर नीलामी का नोटिस जारी कर दिया गया। इतना ही नहीं, हरी मजिस्द और वित्त मंत्रालय के नाम पर भी नोटिस जारी कर दिया गया।  

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municipal corporation first issued notice for the auction of temple and then issued retraction in Bareilly
त्रिवटी नाथ मंदिर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली में नगर निगम ने पहले नियमों के विपरीत जाकर त्रिवटीनाथ मंदिर, हरी मस्जिद पर कर (टैक्स) लगाया। फिर 1.76 लाख रुपये बकाया दिखाकर मंदिर की नीलामी का नोटिस जारी कर दिया। विदेश मंत्रालय को भी नहीं बख्शा। कुछ ही देर में मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इससे नगर निगम की किरकिरी होने लगी। मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों और शहरवासियों ने इस पर आपत्ति जताई। तब निगम को अपनी गलती का अहसास हुआ। निगम प्रशासन ने नोटिस वापस लेते हुए स्पष्टीकरण जारी किया।

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दरअसल, नगर निगम के कर विभाग ने शहर के चारों जोन में संपत्ति कर के 400 बड़े बकायेदारों की सूची सार्वजनिक की है। इसमें एक लाख रुपये से अधिक के बकायेदार शामिल हैं। निगम के कर विभाग ने जोन चार के प्रेमनगर में स्थित त्रिवटीनाथ मंदिर पर 1.76 लाख रुपये, जबकि टीबरीनाथ संपत्ति पर 1.82 लाख रुपये बकाया बताते हुए नीलामी का नोटिस जारी कर दिया। 
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प्रकाशित सूचना में क्रम संख्या 75 पर त्रिवटीनाथ मंदिर की बकायेदारी का उल्लेख है। मामला मंदिर से जुड़ा होने की वजह से कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर छा गया। मंदिर की नीलामी की सूचना पर लोगों ने भी नाराजगी जताई। 
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नगर निगम का कारनामा यहीं नहीं थमा। पासपोर्ट ऑफिस के बजाय विदेश मंत्रालय को 1.73 लाख रुपये बकाया पर नोटिस जारी कर दिया। जोन दो में हरी मस्जिद पर 1.15 लाख रुपये बकाया दिखाया। लोगाें की नाराजगी के बाद शाम को नगर निगम की ओर से स्पष्टीकरण जारी किया गया।

यह है नियम
उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 177 (ख) के तहत ऐसे भवन व भूमि जहां सार्वजनिक रूप से उपासना की जा रही हो, उस पर कर नहीं लगाया जा सकता।

मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी ने बताया कि मंदिर को नीलाम करने की बात गलत तरीके से फैलाई जा रही है। कर विभाग की ओर से केवल मंदिर की संपत्ति पर चलने वाली दुकानों को नोटिस जारी किया गया था। मंदिर से इसका कोई मतलब नहीं है। वहीं, विदेश मंत्रालय की जगह पासपोर्ट ऑफिस पर रकम बकाया है। 

त्रिवटीनाथ मंदिर के मीडिया प्रभारी संजीव औतार अग्रवाल ने बताया कि मंदिर में बाहर बनी दुकानों से आने वाले किराये को मंदिर के हित में लगाया जाता है। नगर निगम ने अगर इन दुकानों पर कर लगाया है तो वह गलत है।   
        
धर्मस्थलों पर कर लगाने का प्रावधान नहीं : महापौर
महापौर उमेश गौतम ने बताया कि नगर निगम की व्यवस्था में किसी भी धर्मस्थल पर कर लगाने का प्रावधान नहीं है। कर विभाग ने भूलवश धर्मस्थलों पर बकाया दिखाकर नोटिस जारी कर दिया था। नगर निगम की ओर से इसका स्पष्टीकरण भी जारी कर दिया गया है। 

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