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Lakhimpur Kheri News: अचानक बेटे की मौत को भुला नहीं पा रही मां
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मौसा के घर में होती कंचन की शादी की रस्में
मैलानी। सलावतनगर गांव में रविवार की रात बहन की बरात से एक दिन पहले डीजे के पास कुर्सी पर बैठे-बैठे अचानक हुई राजीव की मौत को उसकी बेवा मां भुला नहीं पा रही हैं। गमगीन माहौल में पड़ोसी घर में शादी की रस्में पूरी होने के बाद मंगलवार को बहन की विदाई की गई।
नगर से सटे ग्राम सलावतनगर निवासी स्व. लालाराम के घर में बेटी कंचन की शादी सोमवार को थी। शादी की तैयारियों में जुटे कंचन के भाई राजीव कुमार 25 वर्ष की रविवार रात लगभग दस बजे बरामदे में डीजे के पास पड़ी कुर्सी पर बैठे-बैठे मौत हो गई थी। लालाराम के दो बेटे और चार बेटियां हैं। तीसरे नंबर की कंचन की शादी सोमवार को थी।
फर्नीचर मिस्त्री राजीव बड़ा बेटा था। फर्नीचर के काम से होने वाली कमाई से घर का मुख्य खर्चा चलता था। राजीव की अचानक हुई मौत से परिवार पर आर्थिक संकट पैदा होने के आसार हैं। कमाऊ बेटे की मौत को मां रानी देवी भुला नहीं पा रही हैं और उसकी याद में उनकी आंखों के आंसू थम नहीं रहे हैं।
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शादी की रस्मों के बाद गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार
भाई की अकस्मात हुई मौत के बाद घर में उसका शव पड़ा था तो पड़ोस में स्थित मौसा इंद्रजीत के यहां कंचन की शादी की रस्में गमगीन माहौल की संपन्न कराई गईं। रस्में पूरी होने के बाद सोमवार को ही शाम पांच बजे राजीव का अंतिम संस्कार किया गया।
मंगलवार को मातमी माहौल में हुई बहन की विदाई
कंचन की शादी की रस्में तो सोमवार को दिन में ही पूरी कर ली गईं थीं, लेकिन उस दिन उसकी विदाई नहीं हुई थी। मंगलवार को मातमी माहौल के बीच कंचन की विदाई हुई।
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नगर से सटे ग्राम सलावतनगर निवासी स्व. लालाराम के घर में बेटी कंचन की शादी सोमवार को थी। शादी की तैयारियों में जुटे कंचन के भाई राजीव कुमार 25 वर्ष की रविवार रात लगभग दस बजे बरामदे में डीजे के पास पड़ी कुर्सी पर बैठे-बैठे मौत हो गई थी। लालाराम के दो बेटे और चार बेटियां हैं। तीसरे नंबर की कंचन की शादी सोमवार को थी।
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फर्नीचर मिस्त्री राजीव बड़ा बेटा था। फर्नीचर के काम से होने वाली कमाई से घर का मुख्य खर्चा चलता था। राजीव की अचानक हुई मौत से परिवार पर आर्थिक संकट पैदा होने के आसार हैं। कमाऊ बेटे की मौत को मां रानी देवी भुला नहीं पा रही हैं और उसकी याद में उनकी आंखों के आंसू थम नहीं रहे हैं।
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शादी की रस्मों के बाद गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार
भाई की अकस्मात हुई मौत के बाद घर में उसका शव पड़ा था तो पड़ोस में स्थित मौसा इंद्रजीत के यहां कंचन की शादी की रस्में गमगीन माहौल की संपन्न कराई गईं। रस्में पूरी होने के बाद सोमवार को ही शाम पांच बजे राजीव का अंतिम संस्कार किया गया।
मंगलवार को मातमी माहौल में हुई बहन की विदाई
कंचन की शादी की रस्में तो सोमवार को दिन में ही पूरी कर ली गईं थीं, लेकिन उस दिन उसकी विदाई नहीं हुई थी। मंगलवार को मातमी माहौल के बीच कंचन की विदाई हुई।

मौसा के घर में होती कंचन की शादी की रस्में