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Lakhimpur Kheri News: नवरात्रि के दूसरे दिन पूजी गईं मां ब्रह्मचारिणी और चंद्रघंटा
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नवरात्र के दूसरे दिन संकटा देवी मंदिर में पूजा करती युवतियों। संवाद
लखीमपुर खीरी। चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन मां भगवती के द्वितीय स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी और तृतीय स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा की गई। जिलेभर के देवी मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहा। लोगों ने मंदिरों में माता के सजे दरबार में दर्शन और पूजा-अर्चना की।
संकटा देवी मंदिर में बड़ी संख्या में लंबी-लंबी कतारों में खड़े होकर श्रद्धालुओं ने पूजा की। इसके अलावा बंकटा देवी, शीतला देवी, भुइयां माता मंदिर पर भी लोगों की भीड़ रही।
सौभाग्य और संयम देती हैं ब्रह्मचारिणी माता
दूसरे स्वरूप की देवी ब्रह्मचारिणी माता सौभाग्य और संयम प्रदान करने वाली हैं। नवरात्रि में मां देवी को प्रसन्न करने के लिए पूरे विधि-विधान से पूजा की जाती है। महंत प्रमोद जी महाराज ने बताया कि मां देवी ब्रह्मचारिणी साक्षात ब्रह्म का स्वरूप हैं अर्थात तपस्या का मूर्तिमान रूप हैं। ब्रह्म का मतलब तपस्या होता है, वहीं चारिणी का मतलब आचरण करने वाली। इस तरह ब्रह्माचारिणी का अर्थ है- तप का आचरण करने वाली देवी। मां ब्रह्माचारिणी का रूप मन मोह लेने वाला है। उनके दाहिने हाथ में मंत्र जपने की माला और बाएं में कमंडल होता है। मान्यता है कि मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से सभी रुके हुए कार्य पूरे हो जाते हैं। इसके अलावा जीवन से हर तरह की परेशानियां भी खत्म होती हैं।
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संकटा देवी मंदिर में बड़ी संख्या में लंबी-लंबी कतारों में खड़े होकर श्रद्धालुओं ने पूजा की। इसके अलावा बंकटा देवी, शीतला देवी, भुइयां माता मंदिर पर भी लोगों की भीड़ रही।
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सौभाग्य और संयम देती हैं ब्रह्मचारिणी माता
दूसरे स्वरूप की देवी ब्रह्मचारिणी माता सौभाग्य और संयम प्रदान करने वाली हैं। नवरात्रि में मां देवी को प्रसन्न करने के लिए पूरे विधि-विधान से पूजा की जाती है। महंत प्रमोद जी महाराज ने बताया कि मां देवी ब्रह्मचारिणी साक्षात ब्रह्म का स्वरूप हैं अर्थात तपस्या का मूर्तिमान रूप हैं। ब्रह्म का मतलब तपस्या होता है, वहीं चारिणी का मतलब आचरण करने वाली। इस तरह ब्रह्माचारिणी का अर्थ है- तप का आचरण करने वाली देवी। मां ब्रह्माचारिणी का रूप मन मोह लेने वाला है। उनके दाहिने हाथ में मंत्र जपने की माला और बाएं में कमंडल होता है। मान्यता है कि मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से सभी रुके हुए कार्य पूरे हो जाते हैं। इसके अलावा जीवन से हर तरह की परेशानियां भी खत्म होती हैं।

नवरात्र के दूसरे दिन संकटा देवी मंदिर में पूजा करती युवतियों। संवाद
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