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मच्छरों के साये में मरीजों को दवा बांट रहे फार्मेसिस्ट
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Sat, 22 Oct 2016 12:26 AM IST
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हेल्थ
- फोटो : अमर उजाला
- दवा वितरण कक्ष के आंगन में भरा है कबाड़
- मच्छरों की भरमार से कर्मचारी हैं भयभीत
जिला अस्पताल के जिस कक्ष से मरीजों को दवाएं बांटी जा रही हैं, उसी के आंगन में अस्पताल का कबाड़ भी इकट्ठा कर रखा गया है। गंदगी होने के कारण मच्छरों की भरमार हैं, जिससे वहां पर कर्मचारियों को बैठना दुश्वार हो गया है और दवा बांट रहे फार्मासिस्टों में मच्छर जनित बीमारियों के फैलने का डर भी बना हुआ है। वहीं, दवा लेने के लिए लाइन में लगने वाले मरीज भी मच्छरों से परेशान हैं, लेकिन अस्पताल प्रशासन कबाड़ हटवाने को लेकर लापरवाह बना हुआ है, जिससे मोर्चरियों में नाराजगी है।
जिला अस्पताल के रिजेक्ट उपकरणों के साथ ही जो खिड़की दरवाजे टूट जाते हैं, उसे दवा वितरण कक्ष के आंगन में रखवा दिया जाता है, जिससे इस समय पूरा आंगन लोहे और लकड़ी के कबाड़ से पट गया है। आंगन में कबाड़ लगा होने से मच्छरों की भरमार हो गई है, जिससे दवा वितरण कक्ष में ड्यूटी कर रहे फार्मेसिस्ट और अन्य कर्मचारियों में मच्छर जनित बीमारियों के फैलने का डर समाया हुआ है। वहीं दवाओं के लिए आने वाले मरीज भी मच्छरों से परेशान है। मरीजों का कहना है कि हम लोग यहां पर दवा लेने आते है, भीड़ होने पर लाइन में भी लगना पड़ता है। यहां पर मच्छरों की वजह से लाइन में लगना मुश्किल हो जाता है और वैसे भी इस समय डेंगू और अन्य बीमारियां फैल रही हैं। डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन के मंत्री अनिल वर्मा का कहना है कि कबाड़ लगा होने के कारण यहां पर बहुत मच्छर हैं। कई बार इसे हटवाने के लिए सीएमएस को मौखिक एवं लिखित रूप में पत्र दिया गया, लेकिन अभी तक इसे नहीं हटवाया गया।
अस्पताल का कबाड़ लगा है, लेकिन अभी कुछ दिनों पहले ही वहां पर सफाई कराई गई है। जल्द ही इस कबाड़ को हटवाया दिया जाएगा। - डॉ. मनोज कुमार, सीएमएस
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- मच्छरों की भरमार से कर्मचारी हैं भयभीत
जिला अस्पताल के जिस कक्ष से मरीजों को दवाएं बांटी जा रही हैं, उसी के आंगन में अस्पताल का कबाड़ भी इकट्ठा कर रखा गया है। गंदगी होने के कारण मच्छरों की भरमार हैं, जिससे वहां पर कर्मचारियों को बैठना दुश्वार हो गया है और दवा बांट रहे फार्मासिस्टों में मच्छर जनित बीमारियों के फैलने का डर भी बना हुआ है। वहीं, दवा लेने के लिए लाइन में लगने वाले मरीज भी मच्छरों से परेशान हैं, लेकिन अस्पताल प्रशासन कबाड़ हटवाने को लेकर लापरवाह बना हुआ है, जिससे मोर्चरियों में नाराजगी है।
जिला अस्पताल के रिजेक्ट उपकरणों के साथ ही जो खिड़की दरवाजे टूट जाते हैं, उसे दवा वितरण कक्ष के आंगन में रखवा दिया जाता है, जिससे इस समय पूरा आंगन लोहे और लकड़ी के कबाड़ से पट गया है। आंगन में कबाड़ लगा होने से मच्छरों की भरमार हो गई है, जिससे दवा वितरण कक्ष में ड्यूटी कर रहे फार्मेसिस्ट और अन्य कर्मचारियों में मच्छर जनित बीमारियों के फैलने का डर समाया हुआ है। वहीं दवाओं के लिए आने वाले मरीज भी मच्छरों से परेशान है। मरीजों का कहना है कि हम लोग यहां पर दवा लेने आते है, भीड़ होने पर लाइन में भी लगना पड़ता है। यहां पर मच्छरों की वजह से लाइन में लगना मुश्किल हो जाता है और वैसे भी इस समय डेंगू और अन्य बीमारियां फैल रही हैं। डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन के मंत्री अनिल वर्मा का कहना है कि कबाड़ लगा होने के कारण यहां पर बहुत मच्छर हैं। कई बार इसे हटवाने के लिए सीएमएस को मौखिक एवं लिखित रूप में पत्र दिया गया, लेकिन अभी तक इसे नहीं हटवाया गया।
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अस्पताल का कबाड़ लगा है, लेकिन अभी कुछ दिनों पहले ही वहां पर सफाई कराई गई है। जल्द ही इस कबाड़ को हटवाया दिया जाएगा। - डॉ. मनोज कुमार, सीएमएस