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Lakhimpur Kheri News: गोला में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया भोलेनाथ का जलाभिषेक
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गोला गोकर्णनाथ। पौराणिक शिव मंदिर के कपाट भक्तों के दर्शनार्थ रात्रि तीन बजे ही खोल दिए गए। सावन के पहले सोमवार को एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ के दर्शन, जलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं ने गोकर्ण तीर्थ के जल में डुबकी लगाकर दान पुण्य किया।
पौराणिक शिव मंदिर के कपाट खुलने से पहले ही श्रद्धालु, कांवड़िये स्टेशन रोड से कॉरिडोर के मुख्य द्वार के तीन बैरियर पारकर दर्शन की मुख्य दीर्घा में लग गए। यहां तैनात पुलिस कर्मियों ने श्रद्धालुओं के जनसमूह को नियंत्रित करते हुए मंदिर के गर्भ ग्रह में प्रवेश के लिए भेजा। दर्शन का यह क्रम रात्रि में 10 बजे शृंगार पूजा तक चला।
मेले की सुरक्षा व्यवस्था में एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह, एसडीएम युगांतर त्रिपाठी, तहसीलदार भीमचंद, विधायक अमन गिरि, नगर पालिका अध्यक्ष विजय शुक्ला रिंकू सहित बड़ी संख्या में जिला एवं स्थानीय प्रशासन, पुलिस बल और वालंटियर लगे रहे। गोकर्ण तीर्थ को चारों ओर से बंद कर आने के लिए नीलकंठ मैदान होते हुए रास्ता दिया गया, जिससे श्रद्धालुओं को तीर्थ पर पहुंचने के लिए 300 मीटर का फेर लगाना पड़ा।
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शिव भक्तों पर बरसाए फूल
शिव मंदिर परिसर में नगर पालिका अध्यक्ष विजय शुक्ला रिंकू, रोटरी क्लब गोला सेंट्रल, लायंस क्लब अभिषेक राजपूत, प्रमोद वर्मा, धर्मेंद्र गिरि मोंटी, डॉ. योगेश कनौजिया, आदर्श सोनी, संजय बंसल, राजेश पांडे, ललित विश्वास, श्याम राजपूत, विमल गुप्ता, रणजीत सिंह, नीरज गुप्ता, रविंद्र कटियार आदि ने शिव भक्तों पर फूल बरसाए।
शिव के प्रति आस्था देख भावुक हुए श्रद्धालु
सोमवार की सुबह करीब 10 बजे भगवान शिव के प्रति आस्थावान श्रद्धालु जमीन पर लौटते हुए पौराणिक शिव मंदिर पहुंचा। उसकी भगवान के प्रति आस्था देखकर लोग भावुक हो गए। सावन पर अक्सर यहां भगवान शिव के प्रति लोगों की यह आस्था देखने को मिलती है।
करीब दो दर्जन ई-रिक्शों के हुए चालान
शिव मंदिर के मुख्य मार्ग में नो एंट्री के बावजूद नियम उल्लंघन करने पर यातायात पुलिस ने करीब दो दर्जन ई-रिक्शों का चालान किया। जिन्हें कोतवाली के निकट खड़ा करा लिया गया।
शिव मंदिर का पुराना मार्ग रहा बंद, लखीमपुर मार्ग से चलीं रोडवेज की बसें
आंबेडकर तिराहे के पास बोल्डर से बांस बांधकर और शिव मंदिर परिसर में टिन की चादर की बाड़ लगाकर पुराने मार्ग को बंद कर दिया गया। शिव मंदिर के लिए केवल मुख्यमार्ग से ही प्रवेश दिया गया। वहीं रोडवेज का अस्थायी बस अड्डा मोहम्मदी रोड बाइपास चौराहा स्थित सत्यप्रकाश अग्रवाल की राइस मिल में बनाया गया। जहां से बसों का संचालन हुआ। केंद्र प्रभारी प्रेम शंकर कोस्टा ने बताया कि बसों का संचालन लखीमपुर मार्ग से ही किया गया है।
सावन के प्रथम सोमवार पर बाबा क्लेश हरण का किया जलाभिषेक
ममरी। श्रद्धालुओं ने ग्राम अहमदनगर के प्राचीन बाबा क्लेश हरण मंदिर में बेलपत्र, धतूरा, पुष्प-प्रसाद चढ़ाकर जलाभिषेक किया। महंत विष्णु गिरि ने बताया कि मंदिर में पुरुष श्रद्धालुओं की अपेक्षा महिला श्रद्धालुओं की सर्वाधिक भीड़ होती है। क्योंकि यहां का मंदिर गोला स्थित पौराणिक शिव मंदिर का अभिन्न अंग माना जाता है।
अमीरनगर। बाबा टेढेनाथ धाम पर सुबह से कांवरियों और दूरदराज से आए शिव भक्तों की भीड़ रही। पूरा मंदिर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजता रहा। संवाद
श्री लीला नाथ मंदिर में हुआ सामूहिक रुद्राभिषेक
धौरहरा। सावन माह के प्रथम सोमवार को श्रद्धालुओं ने पवित्र सरयू नदी से जलभर, कफारा के श्री लीला नाथ मंदिर, नागेश्वर नाथ मंदिर, नारायणेश्वर नाथ मंदिर, जंगली नाथ मंदिर में जलाभिषेक किया। श्री लीला नाथ मंदिर कफारा में ज्योतिषाचार्य पं. हरीश अवस्थी ने मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव का सामूहिक रुद्राभिषेक कराया। इस रूद्राभिषेक में काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। संवाद
बम्हनपुर से लिलौटीनाथ रवाना हुई तृतीय डाक कांवड़ यात्रा
निघासन। बम्हनपुर गांव से सोमवार को तृतीय डाक कांवड़ यात्रा लिलौटीनाथ धाम के लिए रवाना हुई। सरयू नदी से जल भरकर शिवभक्तों ने ‘बोल बम’ के जयकारों के साथ यात्रा शुरू की। डीजे की भक्ति धुनों पर झूमते कांवड़ियों के स्वागत में ग्रामीणों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा की। यात्रा में पवन सक्सेना, निखिल अवस्थी, पुनीत सक्सेना, पीयूष अवस्थी, मोनू जायसवाल, अंश, दिनेश गुप्ता आदि शिवभक्त शामिल रहे। कांवड़िये लखीमपुर स्थित लिलौटीनाथ मंदिर में जलाभिषेक करेंगे। संवाद
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पौराणिक शिव मंदिर के कपाट खुलने से पहले ही श्रद्धालु, कांवड़िये स्टेशन रोड से कॉरिडोर के मुख्य द्वार के तीन बैरियर पारकर दर्शन की मुख्य दीर्घा में लग गए। यहां तैनात पुलिस कर्मियों ने श्रद्धालुओं के जनसमूह को नियंत्रित करते हुए मंदिर के गर्भ ग्रह में प्रवेश के लिए भेजा। दर्शन का यह क्रम रात्रि में 10 बजे शृंगार पूजा तक चला।
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मेले की सुरक्षा व्यवस्था में एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह, एसडीएम युगांतर त्रिपाठी, तहसीलदार भीमचंद, विधायक अमन गिरि, नगर पालिका अध्यक्ष विजय शुक्ला रिंकू सहित बड़ी संख्या में जिला एवं स्थानीय प्रशासन, पुलिस बल और वालंटियर लगे रहे। गोकर्ण तीर्थ को चारों ओर से बंद कर आने के लिए नीलकंठ मैदान होते हुए रास्ता दिया गया, जिससे श्रद्धालुओं को तीर्थ पर पहुंचने के लिए 300 मीटर का फेर लगाना पड़ा।
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शिव भक्तों पर बरसाए फूल
शिव मंदिर परिसर में नगर पालिका अध्यक्ष विजय शुक्ला रिंकू, रोटरी क्लब गोला सेंट्रल, लायंस क्लब अभिषेक राजपूत, प्रमोद वर्मा, धर्मेंद्र गिरि मोंटी, डॉ. योगेश कनौजिया, आदर्श सोनी, संजय बंसल, राजेश पांडे, ललित विश्वास, श्याम राजपूत, विमल गुप्ता, रणजीत सिंह, नीरज गुप्ता, रविंद्र कटियार आदि ने शिव भक्तों पर फूल बरसाए।
शिव के प्रति आस्था देख भावुक हुए श्रद्धालु
सोमवार की सुबह करीब 10 बजे भगवान शिव के प्रति आस्थावान श्रद्धालु जमीन पर लौटते हुए पौराणिक शिव मंदिर पहुंचा। उसकी भगवान के प्रति आस्था देखकर लोग भावुक हो गए। सावन पर अक्सर यहां भगवान शिव के प्रति लोगों की यह आस्था देखने को मिलती है।
करीब दो दर्जन ई-रिक्शों के हुए चालान
शिव मंदिर के मुख्य मार्ग में नो एंट्री के बावजूद नियम उल्लंघन करने पर यातायात पुलिस ने करीब दो दर्जन ई-रिक्शों का चालान किया। जिन्हें कोतवाली के निकट खड़ा करा लिया गया।
शिव मंदिर का पुराना मार्ग रहा बंद, लखीमपुर मार्ग से चलीं रोडवेज की बसें
आंबेडकर तिराहे के पास बोल्डर से बांस बांधकर और शिव मंदिर परिसर में टिन की चादर की बाड़ लगाकर पुराने मार्ग को बंद कर दिया गया। शिव मंदिर के लिए केवल मुख्यमार्ग से ही प्रवेश दिया गया। वहीं रोडवेज का अस्थायी बस अड्डा मोहम्मदी रोड बाइपास चौराहा स्थित सत्यप्रकाश अग्रवाल की राइस मिल में बनाया गया। जहां से बसों का संचालन हुआ। केंद्र प्रभारी प्रेम शंकर कोस्टा ने बताया कि बसों का संचालन लखीमपुर मार्ग से ही किया गया है।
सावन के प्रथम सोमवार पर बाबा क्लेश हरण का किया जलाभिषेक
ममरी। श्रद्धालुओं ने ग्राम अहमदनगर के प्राचीन बाबा क्लेश हरण मंदिर में बेलपत्र, धतूरा, पुष्प-प्रसाद चढ़ाकर जलाभिषेक किया। महंत विष्णु गिरि ने बताया कि मंदिर में पुरुष श्रद्धालुओं की अपेक्षा महिला श्रद्धालुओं की सर्वाधिक भीड़ होती है। क्योंकि यहां का मंदिर गोला स्थित पौराणिक शिव मंदिर का अभिन्न अंग माना जाता है।
अमीरनगर। बाबा टेढेनाथ धाम पर सुबह से कांवरियों और दूरदराज से आए शिव भक्तों की भीड़ रही। पूरा मंदिर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजता रहा। संवाद
श्री लीला नाथ मंदिर में हुआ सामूहिक रुद्राभिषेक
धौरहरा। सावन माह के प्रथम सोमवार को श्रद्धालुओं ने पवित्र सरयू नदी से जलभर, कफारा के श्री लीला नाथ मंदिर, नागेश्वर नाथ मंदिर, नारायणेश्वर नाथ मंदिर, जंगली नाथ मंदिर में जलाभिषेक किया। श्री लीला नाथ मंदिर कफारा में ज्योतिषाचार्य पं. हरीश अवस्थी ने मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव का सामूहिक रुद्राभिषेक कराया। इस रूद्राभिषेक में काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। संवाद
बम्हनपुर से लिलौटीनाथ रवाना हुई तृतीय डाक कांवड़ यात्रा
निघासन। बम्हनपुर गांव से सोमवार को तृतीय डाक कांवड़ यात्रा लिलौटीनाथ धाम के लिए रवाना हुई। सरयू नदी से जल भरकर शिवभक्तों ने ‘बोल बम’ के जयकारों के साथ यात्रा शुरू की। डीजे की भक्ति धुनों पर झूमते कांवड़ियों के स्वागत में ग्रामीणों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा की। यात्रा में पवन सक्सेना, निखिल अवस्थी, पुनीत सक्सेना, पीयूष अवस्थी, मोनू जायसवाल, अंश, दिनेश गुप्ता आदि शिवभक्त शामिल रहे। कांवड़िये लखीमपुर स्थित लिलौटीनाथ मंदिर में जलाभिषेक करेंगे। संवाद