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Lakhimpur Kheri News: मंडी परिषद की 150 से ज्यादा सड़कें जानलेवा
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लखीमपुर खीरी। मंडी परिषद की सड़कों का हाल इस कदर बदहाल है कि कुल 250 सड़कों में आधी से ज्यादा सड़कों का नाम-ओ-निशां तक मिट गया है। स्थिति यह है कि सड़क दिखती भी नहीं है। ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर ग्रामीण अंचल के लोग आवागमन को मजबूर हैं। हादसे भी होते रहते हैं। मंडी परिषद जहां नई सड़क बना नहीं पा रहा है, वहीं पुरानी सड़कों की मरम्मत में स्टाफ, बजट व संसाधन की कमी आड़े आ रही है।
ग्रामीण इलाकों की सड़कों से किसान अपनी फसल को मंडी समिति तक पहुंचा सकें, इसके लिए मंडी परिषद ने सड़कें बनवाईं लेकिन मरम्मत और देखभाल न होने पर अधिकांश सड़कें बर्बाद हो चुकी हैं। जिले में दशकों पहले कुल 250 सड़कें मंडी परिषद की तरफ से बनवाई गईं थीं। अब ये ढूंढने से भी नहीं मिलती हैं।
जिम्मेदार भी इन सड़कों को बनवाने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। कारण यह है कि कृषि विभाग की तरफ से न तो स्टाफ की व्यवस्था है और न ही दफ्तर की। एक जेई स्तर का कर्मचारी दो-दो जिले (लखीमपुर और सीतापुर) देख रहा है। ऐसे में ग्रामीण संपर्क मार्गों की स्थिति कैसे सुधरे, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। 250 सड़कों में 150 से ज्यादा सड़क बेहद जर्जर हो चुकी हैं। संवाद
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केस-1
जर्जर रोड पर निकल रहे भारी वाहन.... मरम्मत के लिए मंजूरी का इंतजार
लखीमपुर खीरी। जिला मुख्यालय से सटे खीरी टाउन से जलभवन-मुड़ियाखेड़ा होते हुए सीतापुर को जाने वाली सड़क मंडी समिति की है, जिसकी हालत बेहद दयनीय है। इसके बावजूद डायवर्जन लागू होने के बाद इस सड़क से भारी वाहन निकल रहे हैं। इस सड़क की सात साल से मरम्मत ही नहीं हुई है। 3.10 किमी लंबी इस सड़क की मरम्मत के लिए 1.19 करोड़ के बजट का प्रस्ताव बनाकर 8 सितंबर को भेजा गया था। अभी मंजूरी नहीं मिली है।
पांच वर्ष में ढाई किमी सड़क का निशान तक नहीं बचा
संसारपुर। क्षेत्र के संसारपुर कुकुहापुर मार्ग पर सड़क गायब होकर गिट्टी में तब्दील हो गई है। जरा सी बारिश होने पर रोड के गड्ढों में पानी भर जाता है। लगभग ढाई किलोमीटर सड़क खराब होने से इस सड़क से निकलने वाले सैकड़ों छात्र-छात्राओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तीन दिन पूर्व सिसनौर पंचायत के प्रधान मुनीश वर्मा संसारपुर से अपने घर कुकुहापुर जाते समय बाइक फिसलने से घायल हुए। मामले में कृषि राज्यमंत्री को खत लिखकर सड़क की मरम्मत की मांग की। इस सड़क की पांच वर्ष पूर्व मरम्मत की गई थी।
गन्ना विभाग की तरह मंडी परिषद का भी जिम्मा ले पीडब्ल्यूडी
लखीमपुर खीरी। मंडी परिषद भी गन्ना विभाग की तरह अपनी सड़कों की देखभाल नहीं कर पा रहा है। इस संबंध में दो महीना पहले मंडी परिषद की तरफ से जिलाधिकारी खीरी को पत्र लिखा गया था कि गन्ना विभाग की तरह ही मंडी परिषद की सड़कें भी लोक निर्माण विभाग अपने जिम्मे ले ले, ताकि सड़कों की गुणवत्ता बनी रहे। हालांकि, इस विषय पर कोई निर्णय नहीं हो सका है। बता दें कि शासन से गन्ना विभाग की 250 से ज्यादा सड़कें लोनिवि को हस्तांतरित की जा चुकी हैं।
खीरी टाउन से सीतापुर जाने वाली सड़क का प्रस्ताव भेजा गया था। अभी बजट का इंतजार है। जिले में करीब 250 सड़कें हैं, जिनमें 150 सड़कों की मरम्मत होनी है। वर्ष 2017 से हम सड़कों की मरम्मत करा रहे हैं। हर आठ साल बाद सड़कों की मरम्मत का नियम है।
गणेश शर्मा, अवर अभियंता
मंडी परिषद (लखीमपुर, सीतापुर)
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ग्रामीण इलाकों की सड़कों से किसान अपनी फसल को मंडी समिति तक पहुंचा सकें, इसके लिए मंडी परिषद ने सड़कें बनवाईं लेकिन मरम्मत और देखभाल न होने पर अधिकांश सड़कें बर्बाद हो चुकी हैं। जिले में दशकों पहले कुल 250 सड़कें मंडी परिषद की तरफ से बनवाई गईं थीं। अब ये ढूंढने से भी नहीं मिलती हैं।
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जिम्मेदार भी इन सड़कों को बनवाने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। कारण यह है कि कृषि विभाग की तरफ से न तो स्टाफ की व्यवस्था है और न ही दफ्तर की। एक जेई स्तर का कर्मचारी दो-दो जिले (लखीमपुर और सीतापुर) देख रहा है। ऐसे में ग्रामीण संपर्क मार्गों की स्थिति कैसे सुधरे, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। 250 सड़कों में 150 से ज्यादा सड़क बेहद जर्जर हो चुकी हैं। संवाद
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केस-1
जर्जर रोड पर निकल रहे भारी वाहन.... मरम्मत के लिए मंजूरी का इंतजार
लखीमपुर खीरी। जिला मुख्यालय से सटे खीरी टाउन से जलभवन-मुड़ियाखेड़ा होते हुए सीतापुर को जाने वाली सड़क मंडी समिति की है, जिसकी हालत बेहद दयनीय है। इसके बावजूद डायवर्जन लागू होने के बाद इस सड़क से भारी वाहन निकल रहे हैं। इस सड़क की सात साल से मरम्मत ही नहीं हुई है। 3.10 किमी लंबी इस सड़क की मरम्मत के लिए 1.19 करोड़ के बजट का प्रस्ताव बनाकर 8 सितंबर को भेजा गया था। अभी मंजूरी नहीं मिली है।
पांच वर्ष में ढाई किमी सड़क का निशान तक नहीं बचा
संसारपुर। क्षेत्र के संसारपुर कुकुहापुर मार्ग पर सड़क गायब होकर गिट्टी में तब्दील हो गई है। जरा सी बारिश होने पर रोड के गड्ढों में पानी भर जाता है। लगभग ढाई किलोमीटर सड़क खराब होने से इस सड़क से निकलने वाले सैकड़ों छात्र-छात्राओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तीन दिन पूर्व सिसनौर पंचायत के प्रधान मुनीश वर्मा संसारपुर से अपने घर कुकुहापुर जाते समय बाइक फिसलने से घायल हुए। मामले में कृषि राज्यमंत्री को खत लिखकर सड़क की मरम्मत की मांग की। इस सड़क की पांच वर्ष पूर्व मरम्मत की गई थी।
गन्ना विभाग की तरह मंडी परिषद का भी जिम्मा ले पीडब्ल्यूडी
लखीमपुर खीरी। मंडी परिषद भी गन्ना विभाग की तरह अपनी सड़कों की देखभाल नहीं कर पा रहा है। इस संबंध में दो महीना पहले मंडी परिषद की तरफ से जिलाधिकारी खीरी को पत्र लिखा गया था कि गन्ना विभाग की तरह ही मंडी परिषद की सड़कें भी लोक निर्माण विभाग अपने जिम्मे ले ले, ताकि सड़कों की गुणवत्ता बनी रहे। हालांकि, इस विषय पर कोई निर्णय नहीं हो सका है। बता दें कि शासन से गन्ना विभाग की 250 से ज्यादा सड़कें लोनिवि को हस्तांतरित की जा चुकी हैं।
खीरी टाउन से सीतापुर जाने वाली सड़क का प्रस्ताव भेजा गया था। अभी बजट का इंतजार है। जिले में करीब 250 सड़कें हैं, जिनमें 150 सड़कों की मरम्मत होनी है। वर्ष 2017 से हम सड़कों की मरम्मत करा रहे हैं। हर आठ साल बाद सड़कों की मरम्मत का नियम है।
गणेश शर्मा, अवर अभियंता
मंडी परिषद (लखीमपुर, सीतापुर)